शिवराज सरकार पर लगा आरोप, ढोल-मंजीरों के नाम पर खर्च किए 57 करोड़

Ranjana Dubey | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 23, 2019, 9:53 AM IST
शिवराज सरकार पर लगा आरोप, ढोल-मंजीरों के नाम पर खर्च किए 57 करोड़
शिवराज सरकार में केवल 7 दिनों में बांट दी गई 57 करोड़ की राशि. (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में शिवराज सरकार (Shivraj Government) में ढोल-मंजीरों के नाम पर करोड़ों की राशि का बंदरबाट हुआ है. प्रदेश भर की पंचायतों की कला-मंडलियों को 57 करोड़ से ज्यादा की राशि बांट दी गई है.

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मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में शिवराज सरकार (Shivraj Government) में ढोल-मंजीरों के नाम पर करोड़ों की राशि का बंदरबाट हुआ है. प्रदेश भर की पंचायतों की कला-मंडलियों को 57 करोड़ से ज्यादा की राशि बांट दी गई है. 2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मंडलियों को वाद्य यंत्र खरीदने के लिए राशि देने का निर्णय किया गया और महज 7 दिनों के भीतर ही करोड़ों की राशि 5 जिलों में बांट दी गई. आखिर बिना रजिस्ट्रेशन के मंडलियों को सात दिन में ही करोड़ों की राशि कैसे बांट दी गई? शिवराज सरकार में वाद्य-यंत्र खरीदने के लिए प्रदेश भर की पंचायतों को राशि वितरित होनी थी. कांग्रेस सरकार ने सवाल उठाया है कि आखिर बिना रजिस्ट्रेशन कैसे मंडलियों को राशि बांटी गई है.

मंडलियों के नाम पर हर व्यक्ति को दी गई 25 हजार की राशि
मंडलियों के नाम पर हर व्यक्ति को 25 हजार की राशि दी गई है. 27 जून को यह निर्णय लिया गया और सात दिन के भीतर ही जिले के प्रभारी मंत्री और जिला कलेक्टर्स के जरिए राशि बांटी गई. कांग्रेस के एक विधायक का कहना है कि यह राशि अब तक कला मंडलियों और कलाकारों तक नहीं पहुंची है. फिर राशि क्या कार्यकर्ताओं को चुनावी फायदे के लिए बांटी गई है?

वैचारिक महाकुंभ के बाद ढोल-मंजीरों की राशि में भी भारी गड़बड़ी

शिवराज सरकार में वैचारिक महाकुंभ के नाम पर भी करोड़ों की राशि का गोलमाल हुआ था. कांग्रेस का कहना है कि अब वैचारिक महाकुंभ के बाद ढोल-मंजीरों का राशि में भारी गड़बड़ी सामने आ रही है. आखिर 2018 के मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इतनी हड़बड़ी में राशि क्यों बांटी गई? क्या चुनाव के बहाने कार्यकर्ता को साधने की कोशिश थी. अब तक कलाकारों तक राशि क्यों नहीं पहुंची है? क्या कलेक्टर्स और प्रभारी मंत्रियों के बीच ही राशि बांट दी गई है. तीन पंचायतों में सबसे ज्यादा राशि बांटी गई है. देवास के 6 ब्लॉक में  1,23,75,000, मंदसौर के 5 ब्लॉक में एक करोड़ 10 लाख, नीमच में तीन ब्लॉक में 59 लाख, उज्जैन में एक करोड़ 52 लाख 25 हजार की राशि वितरित की गई है.

कमलनाथ सरकार तथ्यों को लेकर सामने आए: भाजपा
ढोल-मंजीरों  की राशि में गोलमाल को लेकर अब भाजपा का कहना है कि सिर्फ आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा. कांग्रेस सरकार में है. कमलनाथ सरकार तथ्यों को लेकर सामने आए. अगर कुछ गड़बड़ी हुई है तो सरकार जो चाहें वह कर सकते हैं. जांच करवाइए और गड़बड़ी हुई है तो आप सजा दिलवा सकते हैं. भाजपा ने आगे कहा कि, जब से कमलनाथ सत्ता में आए हैं, तब से सरकार सिर्फ आरोप लगाने का ही काम कर रही है. आठ महीने हो गए हैं. आप काम कीजिए. सिर्फ आरोप लगाने का काम मत कीजिए. जनता परेशान है. आप ट्रांसफर कर रहे हैं तो दूसरी तरफ मध्य प्रदेश में भी बिजली की किल्लत है.
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हमारी सरकार में कुछ गड़बड़ी हुई है तो सजा दिलवाए
भाजपा ने कहा कि, कुणाल चौधरी आप बस सरकार के यही मंत्री बन जाइए, जो सिर्फ आरोप लगाने का काम करें और फिर सजा भी दिलवाए, अगर सच में हमारी सरकार में कुछ गड़बड़ी हुई है तो. मंडलियों के नाम पर ही सही करोड़ों की राशि बांटी गई है, लेकिन सवाल यही है कि आखिर आनन-फानन में ही सही अगर राशि दी भी गई है तो वे उन लोगों तक पहुंचे भी जिन्हें इसकी जरूरत थी. ना कि लालफीताशाही और मंत्रियों के खाते में ये राशि फले-फूले.

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First published: August 22, 2019, 9:04 PM IST
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