24 घंटे ICU में रहने के बाद 90 साल की बुजुर्ग महिला ने Corona को दी मात, स्वस्थ होकर घर लौटीं
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24 घंटे ICU में रहने के बाद 90 साल की बुजुर्ग महिला ने Corona को दी मात, स्वस्थ होकर घर लौटीं
स्वस्थ होकर घर जाने के दौरान विक्ट्री साइन दिखाती बुजुर्ग महिला.

90 साल की यह बुजुर्ग महिला भोपाल एम्स (Bhopal AIIMS) में भर्ती थीं. अशोका गार्डन की रहने वाली 90 साल की अनीषा बी को कफ और सांस लेने में दिक्कत थी.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना वायरस (Corona virus) के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. लेकिन खास बात यह है कि उसी तेजी से मरीज भी स्वस्थ हो रहे हैं. इसी बीच खबर है कि राजधानी भोपाल की सबसे बुजुर्ग 90 वर्षीय संक्रमित मरीज अनीषा बी (Anisha B) ने कोरोना वायरस को हरा दिया है. वह कोरोना को मात देने के बाद स्वस्थ होकर घर लौट गई हैं. उनका कहना है कि दवा के साथ-साथ अपने मजबूत आत्मविश्वास से उन्होंने कोरोना को हराया है. इस खबर की चर्चा पूरे शहर में हो रही है. घर जाते समय उन्होंने अन्य मरीजों को भी विक्ट्री साइन दिखाकर भरोसा दिलाया की इच्छा हो तो सब कुछ आसान है.

जानकारी के मुताबिक, 90 साल की यह बुजुर्ग महिला भोपाल एम्स (Bhopal AIIMS) में भर्ती थीं. उन्होंने कोरोना को हराकर साबित कर दिया है कि वाकई मन के हारे हार और मन के जीते जीत है. एम्स से मिली जानकारी के मुताबिक अशोका गार्डन की रहने वाली 90 साल की अनीषा बी को कफ और सांस लेने में दिक्कत थी. ऐसे में उन्हें कोरोना संदिग्ध मानते हुए जांच कराई गई तो रिपोर्ट पॉजीटिव आई. इसके बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया. कॉन्टेक्ट हिस्ट्री तलाशने पर मालूम पड़ा कि अनीषा बी ने न तो कोई यात्रा की थी और न ही वे किसी के संपर्क में आईं थीं. सांस लेने में दिक्कत होने की वजह से उन्हें हाईफ्लो ऑक्सीजन और एंटीबायोटिक पर रखा गया था.

24 घंटे निगरानी में आईसीयू रखा गया
27 जुलाई को उनका टेस्ट पॉजिटिव आया था. इसके बाद मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए 24 घंटे की निगरानी में आईसीयू में रखा गया. यहां हालत में सुधार होने पर दोबारा कोरोना जांच की गई. दोनों रिपोर्ट नेगेटिव आने पर मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया. अस्पताल से विदा होने के पहले अनीषा ने स्टाफ के साथ फोटो खिंचवाते हुए विक्ट्री का साइन दिखाया. अनीषा बी शारीरिक रूप से बेहद कमज़ोर हैं.उम्र ज्यादा होने के कारण न तो वो सही से चल पाती हैं और न ही कोई कठिन काम खुद कर पाती हैं. लेकिन इस उम्र में भी उनके पक्के हौसले उनके साथ हैं. जिसकी वजह से केवल अनीषा बी ने न कोरोना को मात दी बल्कि कोरोना वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों को भरोसा भी दिलाया कि कठिन समय में जरूरी है खुद पर भरोसा रखना और इरादे मजबूत बनाना.
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