Corona Update: एमपी में मिले 991 पॉजिटिव केस, अलीराजपुर में एक भी मामला नहीं, पॉजिटिविटी रेट 1.24%

मध्य प्रदेश के कई जिलों में कोरोना करीब-करीब काबू में होता दिखाई दे रहा है. (सांकेतिक तस्वीर)

मध्य प्रदेश के कई जिलों में कोरोना करीब-करीब काबू में होता दिखाई दे रहा है. (सांकेतिक तस्वीर)

Corona Update: एमपी में पिछले 24 घंटे में 991 नए पॉजिटिव केस नजर आए. अलीराजपुर में एक भी मामला नहीं मिला. स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि प्रदेश में पॉजिटिविटी रेट 1.24% हो गया है.

  • Last Updated: June 3, 2021, 12:04 PM IST
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भोपाल. मध्य प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार कम हो रही है. 2 जून को सामने आए आंकड़ों में प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 1000 से भी नीचे आ गई है. बीते 24 घण्टे में प्रदेश में 991 पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं. जबकि 79 हजार 794 टेस्ट किये गये थे.

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अब प्रदेश में प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या 17 हजार 136 हो गई है. 2 जून को पॉजिटिविटी रेट 1.24% रही. रिकवरी रेट  बढ़कर 96.77 प्रतिशत हो गया है. एक्टिव केस की संख्या के हिसाब से मध्य प्रदेश देश में 17वें नबंर पर आ गया है.  बुरहानपुर और पन्ना को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में कोरोना के नए केस की तुलना में रिकवरी अधिक रही है. एक जून को अलीराजपुर जिले में एक भी पॉजिटिव केस नहीं आया है.

ये है प्रदेश की स्थिति

फिलहाल प्रदेश के 52 जिलों में 361 कोविड केयर सेंटर्स हैं. इनमें कम लक्षणों वाले रोगियों को रखा जा रहा है. इन सेंटर्स में 22 हजार 341 बेड की व्यवस्था है. इसमें से 3493 ऑक्सीजन बेड्स हैं. एक जून को प्रदेश की 22 हजार 813 ग्राम पंचायतों में से 139 ग्राम पंचायतों में पांच से अधिक एक्टिव केस हैं. तीन हजार 35 ग्राम पंचायतों में एक से चार तक एक्टिव केस हैं और 19 हजार 639 ग्राम पंचायतों में कोई भी सक्रिय केस नहीं है.
10 जिलों में म्यूकोरमाइकोसिस के मरीज

प्रदेश के 10 जिलों में म्यूकोरमाइकोसिस के 987 एक्टिव केस हैं. अब तक 402 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं. एक जून को विदिशा, बुरहानपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और छतरपुर में म्यूकोरमाइकोसिस का एक भी नया केस नहीं आया है.

जल्‍द आएगी एक और स्‍वदेशी कोरोना वैक्‍सीन



भारत सरकार ने हैदराबाद स्थित बायोलॉजिकल-ई (Biological E) की कोविड वैक्सीन के 30 करोड़ डोज बुक किए हैं. गौरतलब है कि ये वैक्सीन अभी क्लीनिकिल ट्रायल पर है. स्वास्थ्य मंत्रालय इसके लिए कंपनी को 1500 करोड़ रुपये बतौर अग्रिम भुगतान देगी. भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के बाद ये भारत में बनने वाली दूसरी वैक्सीन होगी.

मंत्रालय का कहना है कि वैक्सीन का निर्माण और भंडारण बॉयोलॉजिकल-ई के ज़रिये अगस्त से दिसंबर 2021 तक कर दिया जाएगा. मार्च-अप्रैल के महीने में जब भारत कोविड की दूसरी लहर के प्रकोप से जूझ रहा था उस दौरान टीकाकरण की नीति को लेकर केंद्र सरकार को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसे देखते हुए सरकार ने ये कदम उठाने का फैसला लिया है. इससे पहले सरकार को इसी वजह से अपने वैक्सीन मैत्री कार्यक्रम के तहत बाहर भेजी जा रही वैक्सीन को रोकना पड़ा था ताकि भारत में वैक्सीन की किल्लत को दूर किया जा सके.

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