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एक ऐसा ड्रग्स जो सीधे-साधे इंसान को बना देता है सीरियल किलर!

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 21, 2019, 6:56 PM IST
एक ऐसा ड्रग्स जो सीधे-साधे इंसान को बना देता है सीरियल किलर!
मध्य प्रदेश एसटीएफ के शिकंजे में महिला ड्रग्स स्मगलर और उसका बेटा

एसटीएफ ने मुखबिर की सूचना पर भोपाल रेलवे स्टेशन के पास से एक महिला और उसके बेटे को गिरफ्तार किया. आरोपियों की पहचान मंदसौर निवासी यासमीन और शाबिर हुसैन के रूप में हुई है. इनके पास से 3 किलो अल्फाजोलम नाम का ड्रग्स बरामद हुआ है.

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मध्य प्रदेश एसटीएफ ने बांग्लादेश से सप्लाई हो रहे उस ड्रग्स से जुड़े तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिसके नशे से अपराधियों को सीरियल क्राइम जैसी वारदात करने की ताकत मिलती है. मध्य प्रदेश एसटीएफ को इंटेलिजेस से इनपुट मिला था कि  भोपाल में सबसे हाईटेक ड्रग्स की सप्लाई हो रही है. इसी इनपुट के आधार पर एसटीएफ की टीम ने जानकारियां जुटाई और मुखबिर की सूचना पर भोपाल रेलवे स्टेशन के पास से एक महिला और उसके बेटे को गिरफ्तार किया. आरोपियों की पहचान मंदसौर निवासी यासमीन और शाबिर हुसैन के रूप में हुई है. आरोपियों के पास से तीन किलो अल्फाजोलम नाम का ड्रग्स बरामद हुआ. इसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में तीन करोड़ आंकी गई है.


अल्फाजोलम के सेवन से अपराध करने की प्रवृत्ति बनती है

अल्फाजोलम ड्रग्स का इस्तेमाल पार्टी, होटल, बार के साथ दूसरे ठिकानों पर भी किया जा रहा है. जिससे युवा वर्ग इसकी चपेट में आ रहे हैं. इसके साथ ही गुंडे-बदमाश इस ड्रग्स को लेने के बाद अपराधिक वारदात को अंजाम देते हैं. एसटीएफ एडीजी अशोक अवस्थी ने बताया कि दूसरे ड्रग्स के सेवन के बाद व्यक्ति शांत और स्थिर हो जाता है. लेकिन अल्फाजोलम के सेवन से अपराध करने की प्रवृत्ति बनती है. बड़े शहरों में इस ड्रग्स का सबसे ज्यादा चलन है.



एसटीएफ की गिरफ्त में आई आरोपी महिला भोपाल से बनारस ड्रग्स की सप्लाई करने जा रही थी. बनारस में विदेशी टूरिस्ट के बीच इसकी सबसे ज्यादा डिमांड है. गौरतलब है कि आरोपी महिला अपने बेटे के साथ पिछले तीन साल से अल्फाजोलम ड्रग्स की सप्लाई कर रही है. दोनों आरोपी ट्रेन के एसी कोच में सफर करते थे, जिससे किसी को उनपर शक भी नहीं होता था.

इस ड्रग्स के सेवन करने से दिमाग में सीरियल अपराध करने की सनक चढ़ती है

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मध्य प्रदेश एटीएफ ने केंद्रीय एजेंसियों से साक्षा की जानकारी

आरोपी महिला और उसके बेटे से पूछताछ की जा रही है. बता दें कि उज्जैन में सबसे पहले 2003 में आरोपी महिला को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद उसे बिहार में पकड़ा गया था. आठ महीने जेल में सजा काटने के बाद महिला जमानत पर बाहर आई थी. उसे ड्रग्स की सप्लाई करने के बाद करीब तीन से चार लाख रुपए मिलते थे. इस ड्रग्स की सप्लाई के तार दूसरे देश से जुड़े होने की वजह से एसटीएफ ने मामले की जानकारी केंद्रीय एजेंसियों को भेजी है. वहीं आरोपी महिला और उसके बेटे से पूछताछ की जा रही है. पुलिस और एसटीएफ की टीम को बनारस में ड्रग्स की डिलेवरी लेने वाले आरोपी का पता चला है. इसके साथ ही दूसरे राज्यों से जुड़े तस्करों की जानकारी भी मिली है. एसटीएफ ने दूसरे राज्यों की पलिस के साथ भी मामले से जुड़ी जानकारियों को साझा किया है. इस मामले में जल्द ही बड़े खुलासे होने की संभावना है.

क्या है अल्फाजोलम ड्रग्स?
1. चरस, अफीम, गांजा समेत दूसरे ड्रग्स से अल्फाजोलम ड्रग्स को सबसे ज्यादा हाईटेक माना जाता है.

2. इस ड्रग्स के सेवन करने से दिमाग में सीरियल अपराध करने की सनक चढ़ती है, जिससे अपराधी सीरियल अपराध करने के लिए आमादा हो जाता है.

3. दूसरे ड्रग्स व्यक्ति को डिप्रेशन की तरफ ले जाते हैं, लेकिन अल्फाजोलम से अपराधियों को नई ताकत मिलती है और उसे किसी का डर नहीं रहता है. इस ड्रग्स का नशा दो दिनों तक रहता है.

4. इसकी सप्लाई बांग्लादेश के साथ मुंबई और राजस्थान से हो रही है. बता दें कि इसे पार्टी ड्रग्स के नाम से भी जाना जाता है. बांग्लादेश में अल्फाजोलम ड्रग्स का इस्तेमाल मजदूरों से अधिक काम करवाने के लिए किया जाता है.

5. इस हाईटेक ड्रग्स के तस्कर राजस्थान, यूपी, महाराष्ट्र, मुंबई, बिहार और मध्यप्रदेश में सक्रिय हैं. तीन सालों में भोपाल, इंदौर समेत बड़े शहरों में इसकी डिमांड बढ़ी है.

पिछले 3 सालों में बढ़ा हैं अल्फाजोलम ड्रग्स का चलन

बता दें कि एसटीएफ मुख्यालय के एसपी विनय पॉल जब इंदौर एसपी रहे थे, उस दौरान उन्होंने सबसे पहले अल्फाजोलम ड्रग्स के आदी बदमाशों को पकड़ा था. विनय पॉल ने बताया कि प्रदेश में इस ड्रग्स का चलन तीन साल से बढ़ा है. रेव पार्टी के साथ अपराधियों में इसकी डिमांड सबसे ज्यादा है. उन्होंने बताया कि 3 साल पहले अल्फाजोलम ड्रग्स की वजह से इंदौर में सीरियल क्राइम का ग्राफ बढ़ा था.
उस दौरान  इंदौर में फोजा नाम के बदमाश ने इस ड्रग्स को लेने के बाद सीरियल चाकूबाजी की और छह लोगों को घायल किया था. जिसमें से तीन लोगों की मौत हो गई थी. इंदौर पुलिस ने तीन साल पहले करीब 80 ऐसे बदमाशों को पकड़ा था, जिन्होंने अल्फाजोलम ड्रग्स लेने के बाद सीरियल चाकूबाजी, फायरिंग जैसी वारदातों को अंजाम दिया था.

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First published: August 21, 2019, 12:00 PM IST
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