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मध्य प्रदेश: स्कूल शिक्षा विभाग ने इन 16 शिक्षकों को दी अनिवार्य सेवानिवृत्ति, ये है पूरा मामला

Anurag Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 30, 2019, 11:41 PM IST
मध्य प्रदेश: स्कूल शिक्षा विभाग ने इन 16 शिक्षकों को दी अनिवार्य सेवानिवृत्ति, ये है पूरा मामला
मध्य प्रदेश में 20-50 सर्विस नियम के तहत शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई

मध्य प्रदेश में शिक्षकों के लिए आयोजित दक्षता परीक्षा (Efficiency Test) में फेल 16 शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई. 2 शिक्षकों के खिलाफ विभाग की जांच (Enquiry) चल रही है. इसके अलावा 26 शिक्षकों का प्रमोशन वापस हुआ है..

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भोपाल. स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है. विभाग ने 16 अयोग्य शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति (Compulsory retirement) दे दी है. विभाग ने शिक्षकों की दक्षता परखने के लिए जून में परीक्षा आयोजित की थी, जिसमें 5891 शिक्षक शामिल हुए थे. इसमें से फेल होने वाले 1351 शिक्षकों को ट्रेनिंग दी गई और उसके बाद 14 अक्टूबर को इन शिक्षकों की दोबारा परीक्षा ली गई. इसमें भी 84 शिक्षक 33% से कम लाकर फेल हो गये. विभाग ने फेल होने वाले 26 शिक्षकों को सचेत किया है और उनका प्रमोशन रद्द करते हुए इन्हें हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल से प्राथमिक और माध्यमिक शाला में वापस भेजा गया है. 20-50 फार्मूले के तहत 20 शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच बिठाई गई है. 20 शिक्षकों की जांच का प्रस्ताव आदिम जाति कल्याण विभाग को भेजा गया है. 2 प्रकरणों में दस्तावेज की जांच के बाद विभाग फैसला लेगा. फिलहाल सरकार ने 16 शिक्षकों को सरकारी नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाया है.

शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई
>> किताब के साथ परीक्षा देने में भी 84 शिक्षक हुए फेल.
>> विभाग ने अयोग्य 16 शिक्षकों को दी अनिवार्य सेवानिवृत्ति.

>> 2 शिक्षकों के खिलाफ विभाग की जांच जारी.
>> 26 शिक्षकों का प्रमोशन हुआ वापस.
>> 20 शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच बिठाई.
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>> 20 शिक्षकों के खिलाफ आदिम जाति कल्याण विभाग को कार्रवाई के लिए लिखा.
>> 3 बार दक्षता परीक्षा में भी जरुरी अंक नही ला सके शिक्षक.

20-50 सर्विस नियम के तहत की गई कार्रवाई
स्कूली शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी ने कहा है कि शिक्षकों की दक्षता को परखने के लिए अब हर साल परीक्षा आयोजित होगी, और जो शिक्षक अयोग्य मिलते है उनके खिलाफ एक्शन होगा. दरअसल कांग्रेस सरकार ने काम में लापरवाह और अयोग्य अधिकारी कर्मचारियों को सरकारी सेवा से बाहर करने के लिए 20-50 का नियम लागू किया है. जिसके तहत 20 साल की सेवा अवधि पूरी करने और 50 साल की उम्र पार करने वाले अयोग्य कर्मचारियों को सेवा से बाहर करना है. सरकार ने शिक्षकों को इसी सर्विस नियम के तहत अनिवार्य सेवानिवृत्ति देते हुए घऱ बिठाने का काम किया है.

News - प्रदेश में शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई
प्रदेश में शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई


विभाग ने शिक्षकों को दिए 3 मौके
दरअसल स्कूलों में शिक्षकों की दक्षता को जांचने के लिए विभाग ने एक परीक्षा का आयोजन किया था, जिसमें फेल हुए शिक्षकों को दूसरी बार की परीक्षा के लिए ट्रेनिंग दी गई. लेकिन उसके बाद भी ज्यादातर शिक्षक फेल हो गये. विभाग ने तीसरी बार मौका दिया, 1351 शिक्षकों की तीसरी बार परीक्षा हुई. इसमें भी 84 शिक्षक परीक्षा को पास करने के लिए जरुरी 33 अंक हासिल नहीं कर सके. इसके बाद विभाग ने सभी 84 शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई कर बड़ा संदेश देने की कोशिश की है, ताकि स्कूली शिक्षा व्यवस्था को सुधारा जा सके.

इन शिक्षकों को दी गई अनिवार्य सेवानिवृत्ति
>> संतोष सिंह, हाई स्कूल रायसेन.
>> प्रभु दयाल तिवारी, कठार उमरिया.
>> चक्रधर कुशवाहा, सतना.
>> सुखराम भगत, अनूपपुर.
>> सिद्धार्थ मिश्रा, रीवा.
>> शैलेंद्र मिश्रा, रीवा.
>> अब्दुल शकूर, भोपाल.
>> धीरज सिंह भील, चाचौड़ा जिला गुना.
>> श्यामसुंदर कोल, रीवा.
>> राम गति कोल, कैलाशपुर रीवा.
>> राघवेंद्र प्रसाद मिश्रा, भरतपुर जिला सतना.
>> सुदामा सिंह, जिला सतना.
>> हीरा लाल पनिका, कचहरी जिला सिंगरौली.
>> रामगोपाल सिंह मरावी, शहडोल.
>> यज्ञ सेन, सिंगरौली.
>> रामप्रसाद चिकवा, जिला सतना.

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First published: November 30, 2019, 10:35 PM IST
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