VIDEO : मेडिकल बोर्ड बताएगा ADG मिश्रा के पिता ज़िंदा हैं या मुर्दा...?

अब एसपी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में एक टीम एडीजी मिश्रा के भोपाल में 74 बंगले स्थित सरकारी बंगले में जाकर सच्चाई का पता लगाएगी.

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 21, 2019, 11:49 AM IST
Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 21, 2019, 11:49 AM IST
अब डॉक्टरों की टीम बताएगी कि सीनियर आईपीएस अफसर और एडीजी राजेंद्र कुमार मिश्रा के पिता कालूमणि मिश्रा ज़िंदा हैं या मुर्दा. मध्य प्रदेश राज्य मानव अधिकार आयोग के निर्देश पर डॉक्टरों की टीम बनायी जा रही है. आयोग ने डीजीपी वी के सिंह को 3 एलोपैथिक और 3 आयुर्वेदिक डॉक्टरों की टीम से जांच कराने के लिए कहा है.

एडीजी राजेंद्र कुमार मिश्रा मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय में हैं. उन पर आरोप है कि वो अपने मरे हुए पिता कालूमणि मिश्रा की लाश एक महीने से अपने घर में रखे हुए हैं. कालूमणि मिश्रा को 13 जनवरी को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 14 फरवरी को डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर डेथ सर्टिफिकेट जारी किया था. एडीजी मिश्रा ने अपने पिता की मौत की सूचना PHQ को दी थी. लेकिन अंतिम यात्रा शुरू होने से पहले परिवार ने कहा कि कालूमणि मिश्रा की नब्ज़ चल रही है और वो ज़िंदा हैं. बस तब से एडीजी मिश्रा अपने पिता को घर में रखकर उनक आयुर्वेदिक तरीके से इलाज और तंत्र-मंत्र करवा रहे हैं.

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मिश्रा का दावा है कि उनके पिता अभी ज़िंदा हैं. लाश को घर पर रखने की ख़बर मीडिया में आने के बाद मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग हरक़त में आया. उसने डीजीपी से रिपोर्ट मांगी थी. डीजीपी ने आयोग को निजी अस्पताल के डेथ सार्टिफिकेट के आधार पर कालुमणि मिश्रा की नेचुरल डेथ होना बताया है.लेकिन घर में जाकर जांच करने के बिंदु पर कोई जवाब नहीं दिया. मानवाधिकार आयोग डीजीपी के इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ. उसने डीजीपी से कहा है कि वो 23 फरवरी से पहले एडीजी मिश्रा के घर टीम भेजकर फिर से मामले की जांच करे और फिर रिपोर्ट दे.

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अब एसपी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में एक टीम एडीजी मिश्रा के भोपाल में 74 बंगले स्थित सरकारी बंगले में जाकर सच्चाई का पता लगाएगी. अगर एडीजी मिश्रा उस जांच टीम का विरोध करेंगे तो उसके बाद पुलिस कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है.

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न्यूज 18 से मध्य प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग आयोग के चैयरमेन जस्टिस नरेंद्र कुमार जैन ने बताया कि पुलिस ने निजी अस्पताल के डेथ सर्टिफिकेट के आधार पर मिश्रा के पिता की स्वाभाविक मौत बताया है. लेकिन बाकी दो बिंदुओं पर जानकारी नहीं दी गई है. ऐसे में सच्चाई का पता लगाने के लिए कार्रवाई की जा रही है.

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First published: February 21, 2019, 11:39 AM IST
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