प्रशासनिक सर्जरी की आड़ में चहेते अफसरों को पसंदीदा पोस्टिंग..!

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दलित हिंसा के बाद जिन सीटों पर बीजेपी कमजोर हुई है, वहां पर प्रशासनिक फेरबदल के जरिए बीजेपी खुद को मजबूत करना चाहती है.

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: May 17, 2018, 5:59 PM IST
प्रशासनिक सर्जरी की आड़ में चहेते अफसरों को पसंदीदा पोस्टिंग..!
MP Police
Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: May 17, 2018, 5:59 PM IST
मध्यप्रदेश में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं, वैसे-वैसे चुनाव को लेकर प्रशासनिक जमावट भी शुरू हो गई हैं. मैदानी स्तर का मामला हो या फिर विभाग में चहेतों को कमान देने की बात हो. सभी स्थानों पर प्रशासनिक सर्जरी की जा रही है. बीजेपी के इंटेलिजेंस सर्वे के बाद अब प्रशासनिक सर्जरी किए जाने से कई बड़े सवाल खड़े होने लगे हैं.

मध्यप्रदेश में बीजेपी की सरकार है और ऐसे में चुनाव से ठीक पहले विभाग, संभाग, जिला और थाना स्तर पर किए जा रहे फेरबदल को लेकर राजनीति शुरू हो गई है. इसी महीने आईएएस से लेकर आईपीएस अफसरों के ट्रांसफर किए गए. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दलित हिंसा के बाद जिन सीटों पर बीजेपी कमजोर हुई है, वहां पर प्रशासनिक फेरबदल के जरिए बीजेपी खुद को मजबूत करना चाहती है. इसके अलावा ग्वालियर संभाग के अलावा दूसरे जिलों और संभागों में कलेक्टर, कमिश्नर, एसपी, आईजी रैंक के अफसरों के साथ थाना स्तर पर थोक में तबादले किए गए.

ये सर्जरी उस समय की जा रही है, जब बीजेपी के आंतरिक इंटेलिजेंस सर्वे में कई विधानसभा सीटों पर हराने का खुलासा हुआ था. विधानसभा चुनाव से पहले हर स्तर पर हो रही प्रशासनिक सर्जरी को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं.

-ग्वालियर, भिंड़, मुरैना में प्रशासनिक फेरबदल

-सीहोर जिले में पसंदीदा आईपीएस की पोस्टिंग
-चहेते पुलिस अफसरों को भिंड, रीवा, खंडवा, छतरपुर, शहडोल, बालाघाट, नरसिंहपुर, शिवपुरी, उज्जैन, होशंगाबाद की कमान
-आईपीएस उपेंद्र जैन का पुलिस दूरसंचार, विजय यादव का एसएएफ, अंवेष मंगलम का महिला अपराध शाखा में ट्रांसफर
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-चहेते आईएएस अफसरों को दमोह, अनूपपुर, अशोक नगर, दतिया, खंडवा, भिंड, डिंडौरी, बड़वानी, शिवपुरी, मुरैना जिलों की जिम्मेदारी
-300 से ज्यादा थाना प्रभारियों को बदला

मध्यप्रदेश में प्रशासनिक सर्जरी का सिलसिला जारी है. लेकिन चुनावी साल में बड़े स्तर पर किए जा रहे फेरबदल पर अब राजनीति भी शुरू हो गई है. कर्नाटक चुनाव परिणाम के बाद हो रही राजनीति के मद्देनजर अब कांग्रेस प्रदेश की प्रशासनिक सर्जरी पर सवाल उठा रही है.
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