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सांची दूध में मिलावट कर रहे थे मिलावटखोर, पुलिस को देख टैंकर छोड़कर भागे आरोपी

Jitender Sharma | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 15, 2019, 2:18 PM IST
सांची दूध में मिलावट कर रहे थे मिलावटखोर, पुलिस को देख टैंकर छोड़कर भागे आरोपी
मध्य प्रदेश में मिलावटखोरों ने सांची दूध में की मिलावट

दो दिन पहले ही मंत्री (minister) ने विभागीय अधिकारियों की बैठक (meeting) में कहा था कि सिंथेटिक दूध (Synthetic milk) और इससे बने अन्य दुग्ध उत्पाद आमजन के स्वास्थ्य के लिए बहुत घातक हैं. मिलावटखोरों को आम आदमी के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं करने देंगे.

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भोपाल. भोपाल (Bhopal) की क्राइम ब्रांच पुलिस (crime vranch police) ने सिंथेटिक दूध (Synthetic milk) के काले कारोबार का ख़ुलासा किया है. दूध माफिया (milk mafia) मध्य प्रदेश के प्रतिष्ठित और भरोसेमंद ब्रांड सांची दूध (sanchi milk) के टैंकर से दूध चुराकर उसमें नकली दूध डाल रहे थे. क्राइम ब्रांच ने मुलताई से भोपाल आ रहे एक ऐसे ही टैंकर पर कार्रवाई की जिसमें मिलावट का खेल चल रहा था.

भोपाल की क्राइम ब्रांच पुलिस को खबर मिली थी कि मुलताई से 20 हजार लीटर दूध लेकर निकलने वाले टैंकर में कुछ लोग रास्ते में मिलावट कर देते हैं. ये टैंकर भोपाल स्थित प्लांट के लिए मुलताई से रवाना होता है. सूचना देने वाले ने बताया था कि यूरिया और गंदा पानी मिलाकर मिलावटी दूध बनाकर उसे टैंकर में मिलाया जाता है. टैंकर का असली और शुद्ध दूध निकाल लिया जाता है.इस सूचना पर क्राइम ब्रांच की पुलिस होशंगाबाद रोड पर बतायी गयी लोकेशन पर पहुंची तो सूचना सही निकली. एक टैंकर खड़ा मिला जिसमें कुछ लोग मिलावट का खेल खेल रहे थे. टीम को देखते ही बाकी लोग भाग निकले बस ड्राइवर पुलिस के हाथ लगा. मौके पर 50-50 लीटर के दूध से भरे 36 केन मिले. साथ ही बड़ी संख्या में यूरिया मिली.

टैंकर से GPS निकाल लेते थे
मिलावटखोर एक टैंकर से 36 केन दूध निकालकर उसमें मिलावटी दूध भर देते थे. आरोपी इस तरह 1000 से 1500 लीटर नकली दूध तैयार करते थे और उसे असली दूध में मिला देते थे. टैंकर होशंगाबाद रोड से आता था.आरोपी इस क़दर शातिर हैं कि वो पकड़े ना जाएं इसलिए टैंकर में लगा जीपीएस निकालकर उसे पास की पंक्चर की दुकान पर रख देते थे. इसलिए टैंकर की लोकेशन होशंगाबाद रोड पर ही मिलती थी. उसके बाद टैंकर को सुनसान इलाके में ले जाकर उसमें सिंथेटिक दूध मिलाया जाता था. हर टैंकर में केमिकल और पानी की मिलावट से तैयार दूध मिलाया जा रहा था.

शुद्ध के लिए युद्ध
कमलनाथ सरकार सत्ता में आने के बाद से पूरे प्रदेश में शुद्ध के लिए युद्ध चल रहा है. पूरे प्रदेश में मिलावट के ख़िलाफ कार्रवाई चल रही है. जगह-जगह छापे मारकर मिलावटखोरों को पकड़ा जा रहा है. कई जगह उनके खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की गयी. सरकार ने मध्य प्रदेश में सिंथेटिक दूध और अन्य दूध उत्पाद तैयार करने वालों या काले कारोबार से जुड़े लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई करने का फैसला लिया था.

मंत्री का मार्चइस शुद्ध के लिए युद्ध के नारे के साथ भोपाल में रविवार को बड़ा पैदल मार्च निकाला गया. इसमें मंत्री तुलसी सिलावट, पी सी शर्मा सहित हज़ारों लोग शामिल हुए. बावजूद इसके मिलावट खोरों में डर नहीं है.

दो दिन पहले ही
दो दिन पहले ही मंत्री ने विभागीय अधिकारियों की बैठक में कहा था कि सिंथेटिक दूध और इससे बने अन्य दुग्ध उत्पाद आमजन के स्वास्थ्य के लिए बहुत घातक हैं. मिलावटखोरों को आम आदमी के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं करने देंगे.राज्य और जिला स्तर पर इस तरह की घातक गतिविधियां संचालित करने वालों की धरपकड़ के लिए उड़नदस्ता बनाकर कार्रवाई की जाएगी.

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First published: December 15, 2019, 11:38 AM IST
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