भोपाल में बना ग्रीन कॉरिडोर : मौत के बाद भी दूसरों को ज़िंदगी दे गयीं विमला अजमेरा

विमला अजमेरा एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गयी थीं. उसके बाद से सिद्धांता अस्पताल में भर्ती थीं.

Puja Mathur | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 25, 2019, 5:38 PM IST
भोपाल में बना ग्रीन कॉरिडोर : मौत के बाद भी दूसरों को ज़िंदगी दे गयीं विमला अजमेरा
स्व विमला अजमेरा
Puja Mathur | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 25, 2019, 5:38 PM IST
भोपाल की 62 साल की महिला विमला अजमेरा नहीं रहीं. लेकिन वो दूसरों के शरीर में जिंदा रहेंगी. विमला अजमेरा के परिवार ने उनके अंग दान कर दिए. स्व. अजमेरा का दिल मुंबई में 12 साल के एक बच्चे के सीने में धड़केगा. इसके लिए भोपाल  के सिद्धान्ता अस्पताल से लेकर एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. उनका दिल विमान से मुंबई भेजा गया.

परिवार का फैसला

अपने लिए तो सब जीते हैं. लेकिन भोपाल से सहयाद्रि अपार्टमेंट में अपनी ज़िंदगी गुजारने वाली विमला अजमेरा मौत के बाद भी ज़िंदा हैं. जीते जी तो कई लोग समाज सेवा करते हैं लेकिन श्रीमती अजमेरा मौत के बाद भी समाज को देकर चली गयीं. एक एक्सीडेंट में घायल विमला अजमेरा का लंबे इलाज के बाद बुधवार को निधन हो गया था. उनके परिवार ने उनके दिल सहित किडनी और आंखें दान कर दीं. उनके ये अंग अलग-अलग लोगों के शरीर में ट्रांसप्लांट किए जाएंगे. दिल मुंबई में एक बच्चे को लगाया जाएगा, जबकि किडनी और आंख भोपाल में अलग-अलग मरीज़ों को प्रत्यारोपित की जाएंगी. लिवर ख़राब हो गया था इसलिए उसे दान नहीं किया जा सका, जबकि लंग्स ले जाने की व्यवस्था नहीं हो पायी इसलिए उनका भी उपयोग नहीं किया जा सका.

दिल मुंबई भेजा गया
स्ल विमला के अंगदान


ब्रेनडैड थीं विमला अजमेरा
विमला अजमेरा 62 साल की थीं. मई में एक हादसे के बाद वो सिद्धांता रेडक्रॉस अस्पताल में भर्ती थीं. बुधवार सुबह डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डैड घोषित कर दिया था. उसके बाद परिवार ने उनके अंगदान करने का फैसला किया. परिवार के फैसले के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मुंबई के फोर्टिस अस्पताल से संपर्क किया.

दिल मुंबई भेजा
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खबर मिलते ही रात 12.30 बजे विशेषज्ञ डॉक्टरों का दल मुंबई से यहां पहुंच गया. तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सुबह साढ़े पांच बजे विमला की बॉडी से हार्ट को निकालने का काम शुरू हुआ और सुबह लगभग सवा आठ बजे ऑपरेशन थियेटर से हार्ट बाहर लाया गया. भोपाल कलेक्टर तरूण पिथोडे के आदेश पर सिद्धांता अस्पताल से लेकर एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था, ताकि ऑर्गन जल्द से जल्द सही वक्त पर मुम्बई पहुंचाया जा सके. ग्रीन कॉरिडोर बनने की वजह से एंबुलेंस महज 17 मिनट में एयरपोर्ट पहुंच गयी और विमला अजमेरा का दिल मुंबई के लिए रवाना कर दिया गया.

भोपाल में मरीज़ों को लगाए जांएंगे दोनों अंग
आखें और किडनी दान


लंग्स डोनेट नहीं हो सके
.भोपाल ऑर्गन डोनेशन सोसाइटी की चेयरपर्सन अमिता चांद और सुनील राय सहित स्व. विमला के परिवार वालों की मौजूदगी में उनके बाकी ऑर्गन निकाले गए. उनकी आंखें हमीदिया अस्पताल को डोनेट कर दी गयीं. समय रहते दूसरे शहर के लिए आसान कनेक्टिविटी ना होने के कारण स्व अजमेरा की लंग्स डोनेट नहीं की जा सकीं.भोपाल से मुंबई और चेन्नई के लिए आसान एयर कनेक्टिविटी न होने के कारण दूसरी बार ऐसा हुआ कि लंग्स डोनेट करने के लिए परिवार तैयार था लेकिन लंग्स दान नहीं की जा सकीं.उनका लीवर भी सिद्धांता में ही डोनेट किया जाना था लेकिन लीवर सही तरीके से काम नहीं कर रहा था इस वजह से डॉक्टर्स ने उसे बॉडी से नहीं निकाला

भावुक हुआ परिवार
अंगदान के लिए तैयार परिवार ने ऑर्गन डोनेशन सोसाइटी के सदस्यों से कहा था कि स्व. विमला के शरीर से वो सभी अंग ले लिए जाएं जो दूसरों को जिन्दगी दे सकें. उनका दिल लेकर फोर्टिस के डॉक्टर जैसे ही ऑपरेशन थियेटर से बाहर निकले वहां मौजूद सभी की आंखों से आंसू बह निकले. परिवार के लोगों ने हाथ जोड़कर नम आंखों से उनके ऑर्गन को विदाई दी.

अंतिम संस्कार आज
विमला अजमेरा एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गयी थीं. उसके बाद से सिद्धांता अस्पताल में भर्ती थीं.एक्सीडेंट केस होने के कारण ऑर्गन डोनेशन के बाद उनका पोस्टमॉर्टम और तमाम कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी. उसके बाद आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

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First published: July 25, 2019, 11:27 AM IST
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