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MP : उप चुनाव में हार के बाद प्रत्याशियों और प्रभारियों ने भेजी गोपनीय रिपोर्ट, अब कांग्रेस में चलेगा अनुशासन का डंडा

प्रत्याशियों और पार्टी प्रभारियों ने हार के कारणों पर अपनी गोपनीय रिपोर्ट कमलनाथ को भेजना शुरू कर दिया है.
प्रत्याशियों और पार्टी प्रभारियों ने हार के कारणों पर अपनी गोपनीय रिपोर्ट कमलनाथ को भेजना शुरू कर दिया है.

मध्य प्रदेश (MP) में 28 सीटों के उपचुनाव (By election) के नतीजों के बाद पार्टी अंतर्कलह से पार्टी परेशान है, जो संकेत देती है कि पार्टी में जल्द बड़ा बदलाव होगा. ले

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भोपाल. मध्य प्रदेश (MP) की 28 विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव (By election) के बाद कांग्रेस के अंदर हार के नतीजों की रिपोर्ट पर मंथन शुरू हो गया है. पीसीसी चीफ कमलनाथ के निर्देश पर हारी हुई सीटों के उम्मीदवार और विधानसभा प्रभारियों ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट उन्हें भेजना शुरू कर दिया है. इस गोपनीय रिपोर्ट में उन सब लोगों के नाम प्रभारियों और प्रत्याशियों ने दिये हैं जिन पर भितरघात करने और चुनाव के समय पार्टी के खिलाफ माहौल बनाने का शक है.

पीसीसी कार्यालय प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि विधानसभा सीटों पर रिपोर्ट मांगी गई थी. जो अब मिलना शुरू हो गयी है. उसमें उम्मीदवारों और विधानसभा प्रभारियों ने पीसीसी चीफ कमलनाथ को रिपोर्ट भेजी है.  रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद पार्टी अनुशासन का डंडा चलाएगी. राजीव सिंह ने कहा पार्टी नेताओं ने ही चुनाव के दौरान पार्टी को नुकसान पहुंचाया है या उपचुनाव के नतीजों के बाद पार्टी विरोधी गतिविधियों और बयानों के जरिए पार्टी को नुकसान पहुंचाने का काम किया है उनके खिलाफ कार्रवाई होगी.भिंड में कांग्रेस के सीनियर लीडर डॉ गोविंद सिंह के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने के मामले पर पीसीसी प्रभारी का कहना है कि यदि इस मामले में शिकायत पत्र  मिलेगा, तो उस पर भी अनुशासन का डंडा चलाया जाएगा.

अपने ही नेताओं को प्रताड़ना
चुनाव के नतीजों को लेकर बीजेपी ने तंज कसा है. कैबिनेट मिनिस्टर अरविंद भदौरिया ने कहा है ये कांग्रेस पार्टी का अंदरूनी मामला है. लेकिन चुनाव के नतीजों से साफ हो गया है कि जनता का विश्वास कांग्रेस में नहीं रहा है. अब अंतर्कलह के नाम पर  पार्टी के अनुभव और सीनियर लीडरों को प्रताड़ित किया जा रहा है.



अपनों से कैसे निपटेगी
प्रदेश में 28 सीटों के उपचुनाव के नतीजों के बाद पार्टी अंतर्कलह से पार्टी परेशान है,  जो संकेत देती है कि पार्टी में जल्द बड़ा बदलाव होगा. लेकिन पार्टी अपने ही विभीषणों से कैसे निपट पाती है यह देखने वाली बात होगी.
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