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भोपाल में आलमी तब्लिगी इज्तिमा शुरू, इस बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के लिए दावा!

News18 Madhya Pradesh
Updated: November 22, 2019, 11:27 AM IST
भोपाल में आलमी तब्लिगी इज्तिमा शुरू, इस बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के लिए दावा!
भोपाल में आलमी तब्लिगी इज्तिमा शुरू

इज्तिमा (Alami Tablighi Ijtima ) का इतिहास 72 साल पुराना है. वर्ष 1944 में ये सिर्फ 13 लोगों के साथ शुरू हुआ था. जिसमें अब लाखों लोग शामिल होते हैं. इस बार 13 लाख से भी ज़्यादा मुस्लिम (Muslim Community)अनुयाइयों के इसमें शामिल होने का अनुमान है

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भोपाल. भोपाल (BHOPAL) में आलिमी तब्लीगी इज्तिमा शुरू हो गया है. ये मुस्लिम समुदाय (Muslim Community) के दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों (Religious events) में से एक है. इस समागम का इस बार 72 वां साल है. इसमें दुनिया भर के 35 देशों से जमातें आयी हैं. चार दिन तक यहां धार्मिक तकरीरें (Religious rituals) चलेंगी. इस बार इज्तिमा का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड (Guinness Book of World Records) में दर्ज कराने का प्रयास किया जा रहा है. हर बार की तरह इस बार भी जमातों के रुकने और सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं. पूरे इज्तिमा स्थल पर 4 लेयर सुरक्षा घेरा रखा गया है. मोबाइल एप लॉंच किया गया है. इज्तिमा स्थल पर पॉलिथिन और बीड़ी-सिगरेट के इस्तेमाल पर पाबंदी है.

भोपाल में हर साल होने वाला आलिमी तब्लीगी इज्तिमा अपने पारंपरिक तौर-तरीकों के साथ शुक्रवार को शुरू हुआ. देश-विदेश से मुस्लिम समाज की सैकड़ों जमातें इसमें शामिल होने आयी हैं. ईंटखेड़ी के घांसीपुरा में इज्तिमा हो रहा है, जो 22 से 25 नवंबर तक चलेगा. इज्तिमा में पूरी दुनिया से इस्लाम के अनुयायी धर्म की शिक्षा हासिल करने और सिखाने आते हैं. इस दौरान उलेमा की तकरीरें भी होती हैं. इसमें,कुरआन में दी गई शिक्षा के मुताबिक जिंदगी गुजारने की सीख दी जाती है. इस बार आयोजन का 72 वां साल है. ख़ास बात ये है कि दुनिया के इस बड़े धार्मिक आयोजन को गिनीज़ बुक ऑफ वल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं.

ये है इतिहास
इज्तिमा का इतिहास 72 साल पुराना है. वर्ष 1944 में ये सिर्फ 13 लोगों के साथ शुरू हुआ था. जिसमें अब लाखों लोग शामिल होते हैं. इस बार 13 लाख से भी ज़्यादा मुस्लिम अनुयाइयों के इसमें शामिल होने का अनुमान है. पहले इज्तिमा एशिया की सबसे बड़ी मस्जिदों में शुमार भोपाल की ताजुल मसाजिद में होता था. लेकिन इसमें बढ़ती जमातों की संख्या को देखते हुए इसे शहर के बाहर ईंटखेड़ी में शिफ्ट कर दिया गया.4 लेयर सुरक्षा व्यवस्था

इज्तिमा के लिए शासन-प्रशासन हर साल व्यापक स्तर पर इंतज़ाम करता है. इस बार भी यहां चार लेयर में सुरक्षा बैठायी गयी है. पूरे इज्तिमा स्थल पर 200 सीसीटीवी कैमरे और चार हज़ार जवान लगाए गए हैं. सुरक्षा व्यवस्था को A-B-C-D में बांटा गया है. इसमें होमगार्ड्स, लोकल पुलिस, आरएएफ, एसएएफ तैनात हैं. ये चारों मिलकर बाहरी और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं. इज्तिमा स्थल पर बम डिस्पोजल स्क्वायड और डॉग स्क्वायड तैनात हैं.

पार्किंग के विशेष इंतज़ाम
इज्तिमा में आने वाली जमातों के लिए पार्किंग के भी व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं. दूसरे राज्यों से आने वाली गाड़ियों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था रहेगी. इज्तिमा का समापन 25 नवंबर को सामुहिक दुआ के साथ होगा. इस दिन सबसे ज़्यादा धर्मावलंबी यहां आते हैं. इसे देखते हुए इस दिन शहर की सीमा में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा. पूरे आयोजन के दौरान एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड भी तैनात रहेगी. पहली बार इज्तिमा को टोल फ्री किया गया है. यानि इसमें आने वाले वाहनों को टोल टैक्स नहीं देना होगा.
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हाईटेक हुआ इज्तिमा
बदलते वक़्त के साथ इज्तिमा भी हाईटेक हो गया है. पहली बार ये डिजिटल हो गया है. इसका एक एप्प लांच किया गया है. इस बार पीएम मोदी की मुहिम को ध्यान में रखते हुए नो पॉलीथिन और ज़ीरो वेस्ट थीम रखी गयी है. सिगरेट और बीड़ी पर पाबंदी है.

(भोपाल से पूजा माथुर के इनपुट के साथ)

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First published: November 22, 2019, 11:10 AM IST
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