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डेढ़ करोड़ खर्च, फेफड़े 97% संक्रमित, फिर भी दी जानलेवा कोरोना को मात, जानिए कैसे?

डेढ़ करोड़ खर्च, फेफड़े 97% संक्रमित, फिर भी दी जानलेवा कोरोना को मात, जानिए कैसे?

भोपाल के अमित शर्मा ने कोरोना संक्रमण से 146 दिनों तक लड़ाई की. उन्होंने इलाज पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए.

भोपाल के अमित शर्मा ने कोरोना संक्रमण से 146 दिनों तक लड़ाई की. उन्होंने इलाज पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए.

Madhya Pradesh News: एमपी की राजधानी भोपाल के रहने वाले अमित शर्मा ने जानलेवा कोरोना को मात दी. वे पूरी हिम्मत से कोरोना संक्रमण से 146 दिनों तक लड़े. उन्होंने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर में उनके 97% फेफड़े प्रभावित हुए थे. उनकी जान बचाने में शर्मा की साली डॉ. मेघा दुबे का अहम रोल था. उन्होंने ही शर्मा को इलाज के लिए हैदराबाद के डॉक्टर हरिकृष्ण के पास भेजा. शर्मा के इलाज पर करीब-करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च हुए.

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भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले अमित शर्मा ने कोरोना संक्रमण से 146 दिनों तक लड़ाई की. उनका इतना लंबा इलाज इसलिए चला क्योंकि, कोरोना की दूसरी लहर में उनके 97% फेफड़े प्रभावित हुए थे. शर्मा की जान बचाने में उनकी साली डॉ. मेघा दुबे का महत्वपूर्ण योगदान रहा. डॉ. मेघा ने उन्हें इलाज के लिए हैदराबाद के डॉक्टर हरिकृष्ण के पास भेजा और मौत को मात दी. शर्मा के इलाज पर करीब-करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च हुए.

अमित शर्मा ने News18 को बताया कि जब कोविड-19 की दूसरी लहर चल रही थी, तब वे जरूरतमंदों तक खाना पहुंचा रहे थे. इस बीच कोरोना संक्रमण ने उन्हें ही चपेट में ले लिया. इसके बाद वे पिछले साल 5-14 अप्रैल तक भर्ती रहे. लेकिन, हालत में सुधार नहीं हुआ. क्योंकि, फेफड़ों में बहुत ज्यादा संक्रमण हो चुका था. ठीक होने की उम्मीद लगातार कम होती जा रही थी. अमित शर्मा ने कहा- इस बीच मैंने अपनी साली MBBS, MD डॉ.मेघा दुबे से बात की. उन्होंने मुझे इलाज के लिए हैदराबाद एयरलिफ्ट कराया. हैदराबाद के अस्पताल में करीब 4 महीने तक इलाज चला और सवा से डेढ़ करोड़ रुपये इलाज में खर्च हुए.

परिवार ने दी लड़ने की शक्ति

अमित शर्मा ने बताया कि हैदराबाद के यशोदा अस्पताल के डॉक्टर हरी कृष्ण ने सही समय पर सही इलाज शुरू किया. उनके इलाज से 100 में से 90 फ़ीसदी मरीज ठीक हुए हैं, जिसमें एक मैं भी हूं. कोरोना की वजह से उन्होंने 3 महीने तक कुछ भी नहीं खाया. हॉस्पिटल में इलाज के दौरान विटामिन के इंजेक्शन लगते रहे. यशोदा हॉस्पिटल में इलाज के बाद अपोलो रिहैब सेंटर हैदराबाद में एक महीने तक रहे. लंग्स को मजबूत करने के लिए एक्सरसाइज भी खूब की और 140 दिन में पूरी तरह से स्वस्थ होकर घर वापस लौटे. उन्होंने बताया कि कोरोना की वजह से उनका वजन 78 किलो से घटकर 42 किलो पर पहुंच गया है. परिवार की हिम्मत की वजह से ही पूरी तरह सकुशल वापस लौटे. परिजन दिन-रात एक कर अस्पताल में डटे रहे.

Tags: Bhopal news, Mp news

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