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PICS : रंग लाई छात्र की पहल, लोगों को स्वाइन फ्लू से बचाने के लिए बना डाला ऐप

PICS : रंग लाई छात्र की पहल, लोगों को स्वाइन फ्लू से बचाने के लिए बना डाला ऐप

देशभर में स्वाइन फ्लू की दशहत फैली हुई है। स्वाइन फ्लू से लगातार मौत का ग्राफ भी बढ़ रहा है। स्वाइन फ्लू लाइलाज बीमारी नहीं है। अगर समय रहते बचाव के उपाय कर लिए जाएं तो इससे आसानी से बचा जा सकता है। स्वाइन फ्लू से लोगों को बचाने के लिए राजधानी के एक युवक ने लोगों को जागरूक करने की ठानी है। कुछ अलग कर गुजरने की चाहत में साहिल यादव ने स्वाइन फ्लू ऐप तैयार किया है, जिसमें बचाव के साथ ही डॉक्टरों की सलाह भी मिलेगी।

देशभर में स्वाइन फ्लू की दशहत फैली हुई है। स्वाइन फ्लू से लगातार मौत का ग्राफ भी बढ़ रहा है। स्वाइन फ्लू लाइलाज बीमारी नहीं है। अगर समय रहते बचाव के उपाय कर लिए जाएं तो इससे आसानी से बचा जा सकता है। स्वाइन फ्लू से लोगों को बचाने के लिए राजधानी के एक युवक ने लोगों को जागरूक करने की ठानी है। कुछ अलग कर गुजरने की चाहत में साहिल यादव ने स्वाइन फ्लू ऐप तैयार किया है, जिसमें बचाव के साथ ही डॉक्टरों की सलाह भी मिलेगी।

देशभर में स्वाइन फ्लू की दशहत फैली हुई है। स्वाइन फ्लू से लगातार मौत का ग्राफ भी बढ़ रहा है। स्वाइन फ्लू लाइलाज बीमारी नहीं है। अगर समय रहते बचाव के उपाय कर लिए जाएं तो इससे आसानी से बचा जा सकता है। स्वाइन फ्लू से लोगों को बचाने के लिए राजधानी के एक युवक ने लोगों को जागरूक करने की ठानी है। कुछ अलग कर गुजरने की चाहत में साहिल यादव ने स्वाइन फ्लू ऐप तैयार किया है, जिसमें बचाव के साथ ही डॉक्टरों की सलाह भी मिलेगी।

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देशभर में स्वाइन फ्लू की दशहत फैली हुई है। स्वाइन फ्लू से लगातार मौत का ग्राफ भी बढ़ रहा है। स्वाइन फ्लू लाइलाज बीमारी नहीं है। अगर समय रहते बचाव के उपाय कर लिए जाएं तो इससे आसानी से बचा जा सकता है। स्वाइन फ्लू से लोगों को बचाने के लिए राजधानी के एक युवक ने लोगों को जागरूक करने की ठानी है। कुछ अलग कर गुजरने की चाहत में साहिल यादव ने स्वाइन फ्लू ऐप तैयार किया है, जिसमें बचाव के साथ ही डॉक्टरों की सलाह भी मिलेगी।



स्वाइन फ्लू के बढ़ते वायरस के चलते 10वीं कक्षा में पढ़ रहे साहिल ने स्वाइन फ्लू ऐप बनाया। परीक्षा की तैयारी के बीच में समय निकालकर एक महीने में ऐप को तैयार किया। मोबाइल ऐप को डाउनलोड कर आसानी से यूज किया जा सकता है। स्वाइन फ्लू नाम का ये ऐप हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में है। इसमें स्वाइन फ्लू के लक्षण, घरेलू उपचार के साथ बचाव और सुरक्षा की जानकारी दी गई है।

ऐप में लिंक डालने के बाद स्वाइन फ्लू ट्रैकर आता है जिसमें तीन या चार सवालों में अपनी जानकारी भरने के बाद सारी जानकारी डॉक्टर्स के पास पहुंच जाती है। इसके बाद लोगों को चिकित्सकीय उपचार आसानी से मिल रहा है। ऐप में राजधानी के अस्पतालों के साथ ही डॉक्टर्स की भी जानकारी है। साहिल के इस ऐप का उपयोग अब तक करीब एक हजार से ज्यादा लोग कर चुके हैं।

हेल्थ और डॉक्टरों का आसानी से परामर्श मिलने से ऐप के यूजर्स भी रोजाना बढ़ रहे हैं। लोगों के सुझाव के साथ ही साहिल इस ऐप को लगातार अपडेट करते जा रहे हैं। स्वाइन फ्लू बीमारी के खत्म होने के साथ ही इसमें डेंगू या दूसरी बीमारियों से लोगों को बचाने के सुझाव मिलेंगे। साहिल के माता पिता भी बेटे की इस अनोखी पहल से खुश है। बचपन से ही साहिल कुछ न कुछ क्रिएटिव काम करते आ रहे हैं।



साहिल ने वॉइस कंट्रोल एप्लीकेशन भी डेस्कटॉप में इंस्टॉल की है। डॉक्टरों ने भी साहिल की इस पहल की तारीफ की है। डॉक्टरों का कहना है कि छोटे बच्चे की ये पहल सराहनीय है। स्वाइन फ्लू ऐप से हर वर्ग के लोग जागरूक हो रहे हैं। वहीं घर बैठे बचाव के उपाय भी मिल रहे हैं। कहते हैं प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती है। स्वाइन फ्लू ऐप बनाकर साहिल ने ये बात सच कर दिखाई है।

साहिल इस ऐप के जरिए न केवल लोगों की समस्याओं को जान रहे है। बल्कि समाज की भलाई के लिए आगे आ रहे हैं। सामाजिक सरोकार की साहिल की ये पहल आज के युवाओं के लिए नई सीख रही है।

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