Corona Update: सेना के अस्पताल बनेंगे कोविड सेंटर, सीएम शिवराज ने मांगी पीएम और रक्षा मंत्री से मदद

सीएम शिवारज सिंह चौहान ने कोरोना की रफ्तार रोकने सेना की मदद मांगी है.  (File)

सीएम शिवारज सिंह चौहान ने कोरोना की रफ्तार रोकने सेना की मदद मांगी है. (File)

Corona Update: Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan ने पीएम से मदद मांगी है. वे सेना के अस्पतालों को कोविड सेंटर बनाना चाहते हैं. इस पर रक्षा मंत्री ने उन्हें आश्वासन दे दिया है.

  • Last Updated: April 19, 2021, 11:36 AM IST
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भोपाल. प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू लगने के बावजूद बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए सरकार अब सेना की मदद लेने की तैयारी में है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सेना के अस्पतालों को कोविड केयर सेंटर बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रक्षा मंत्री से फोन पर चर्चा की. मुख्यमंत्री की पहल पर केंद्रीय रक्षा मंत्री ने एमपी के आर्मी अस्पतालों की सेवाएं संक्रमण काल में जनता के लिए खोलने का भरोसा दिया. रक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज प्रदेश के आर्मी के बड़े अफसरों से चर्चा करेंगे.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए आज दोपहर 12:00 बजे अहम बैठक करेंगे. प्रदेश के कलेक्टरों से होने वाली इस चर्चा में कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर चर्चा की जाएगी. सरकार ने कोरोना वायरस के बढ़ते आंकड़ों को लेकर अब अतिरिक्त इंतजाम करना भी तेज कर दिया है. मुख्यमंत्री ने इंदौर के राधा स्वामी सत्संग व्यास के 2000 बिस्तरों को बढ़ाकर 6000 करने के निर्देश दिए. स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से भी सरकार 200 बेड्स के अस्पताल तैयार करने में जुट गई है.

संक्रमण दर 22.8 फीसदी पहुंची

दरअसल प्रदेश में संक्रमण दर 22.8 फीसदी तक पहुंच गई है. कोरोना संक्रमित का आंकड़ा बढ़कर चार लाख को पार कर गया है. ऐसे में सरकार, रेलवे के बाद आर्मी की भी मदद लेने की तैयारी में है. भोपाल समेत प्रदेश के लगभग सभी जिलों में आर्मी के अस्पताल हैं. अगर यह कोरोना वायरस मरीजों के इलाज के लिए खोले जाते हैं तो निश्चित तौर पर सरकार पर बढ़ रहे दबाव में कमी आएगी.
ये है भोपाल की हालत

मध्‍य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर कोरोना सस्पेक्ट के मौत के मामले बढ़ने लगे हैं. रविवार को एक दिन में 112 शवों का कोविड प्रोटोकॉल के साथ अंतिम संस्कार होने से दहशत का माहौल बन गया है. बता दें कि 18 अप्रैल को मिले 17 तारीख के आंकड़ों के अनुसार, शहर के मुख्य विश्राम घाट और कब्रिस्तान में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत 92 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया था.

हालांकि, सरकारी आंकड़ों में कोरोना से 3 मौत होना बताया गया था. इन आंकड़ों को देखकर यह लग रहा था कि अब अस्पतालों में बेड के साथ ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता धीरे-धीरे होने लगी है, लेकिन एक बार फिर सरकार के सभी दावे इन मौतों के आंकड़े के आगे फेल साबित हो गए हैं.
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