Article 370: कहानी मीनाक्षी की जिन्‍हें भोपाल के लड़के से शादी करने से खोनी पड़ी थी कश्मीरी नागरिकता

भोपाल के रहने वाले प्रफुल्ल से शादी के बाद से उनकी पत्नी मीनाक्षी कश्मीर की सारी सुविधाओं से महरूम हो गई थीं. अब केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद से प्रफुल्ल मंडलोई और उनकी पत्नी मीनाक्षी बेहद खुश हैं.

News18 Madhya Pradesh
Updated: August 6, 2019, 10:32 AM IST
Article 370: कहानी मीनाक्षी की जिन्‍हें भोपाल के लड़के से शादी करने से खोनी पड़ी थी कश्मीरी नागरिकता
Article 370: कहानी मीनाक्षी की, जिसे भोपाल के लड़के से शादी करने की वजह से खोनी पड़ी थी कश्मीरी नागरिकता
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Updated: August 6, 2019, 10:32 AM IST
कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) के हटने से भारत में खुशी का माहौल है. वहीं विपक्ष ने इसकी निंदा करते हुए इस दिन को काला दिन बताया है, लेकिन कुछ परिवार ऐसे भी हैं, जिन्हें अब मोदी सरकार के इस फैसले से वो अधिकार मिल गया है, जिससे वो वंचित थे. वैसे ही परिवारों में से एक भोपाल के रहने वाले प्रफुल्ल मंडलोई हैं, जो एक निजी बैंक में कार्यरत हैं. उनकी पत्नी जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हैं. प्रफुल्ल मंडलोई के दो बच्चे भी हैं.

पत्रिका में छपी एक खबर के मुताबिक भोपाल के प्रफुल्ल से शादी करने के बाद उनकी पत्नी मीनाक्षी कश्मीर की सारी सुविधाओं से महरूम हो गई थीं. लेकिन अब केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद से प्रफुल्ल मंडलोई और उनकी पत्नी मीनाक्षी बेहद खुश हैं.

दोस्ती से शादी तक का सफर

आपको बता दें कि दोनों की दोस्ती वर्ष 2001 में इंटरनेट पर चैटिंग के जरिए हुई थी. फिर उनकी ये दोस्ती प्यार में बदल गई. दोनों ने पुणे के इंदिरा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से एमबीए किया है. लिहाजा, पढ़ाई के दौरान इनका ये रिश्ता और ज्यादा मजबूत हो गया.

अनुच्छेद 370-article 370
दोस्ती से शादी तक का सफर


मीनाक्षी और प्रफुल्ल मंडलोई अच्छी तरह से जानते थे कि शादी के बाद मीनाक्षी से जम्मू-कश्मीर की नागरिकता छीन जाएगी. फिर भी दोनों ने वर्ष 2004 में सगाई की, इसके बाद साल 2007 में दोनों की धूमधाम से शादी हुई. दोनों पिछले 12 साल से खुशहाल जीवन बीता कर रहे हैं. हालांकि इस दौरान शादी के बाद ससुराल आना जाना लगा रहा, लेकिन मीनाक्षी और उनके पति वहां न तो कुछ खरीद सकते थे और ना ही वहां कुछ व्यवसाय कर सकते थे.

लाहौर से आकर जम्मू में बस गए थे प्रफुल्ल के ससुर
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वहीं प्रफुल्ल मंडलोई ने बताया कि उनके ससुर बंटवारे के वक्त लाहौर से आकर जम्मू में बस गए थे. वे संघ से जुड़े हुए हैं. वहीं उनकी पत्नी मीनाक्षी मंडलोई के भाई और दूसरे रिश्तेदार लद्दाख में रहते हैं. प्रफुल्ल का कहना है कि साल में एक बार वो और उनकी पत्नी जम्मू-कश्मीर जरूर जाते हैं, लेकिन उन्हें खुशी इस बात की है कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद कानूनी तौर पर अब वे वहां के दामाद कहलाएंगे.

अनुच्छेद 370, article 370
जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद कानूनी तौर पर प्रफुल्ल अब वहां के दामाद कहलाएंगे.


शादी के वक्त ही दे दिया गया था एनओसी

प्रफुल्ल मंडलोई ने कहा कि उन्हें शादी के वक्त ही जिला प्रशासन की तरफ से एक नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) मिल गया था. इसके मिलने से प्रफुल्ल की पत्नी का उसके अपने पैतृक प्रॉपर्टी पर कोई हक नहीं रह गया था. प्रफुल्ल की मानें तो जम्मू-कश्मीर से 370 हटने के बाद वे कानूनी तौर पर वहां के दामाद कहलाने लगेंगे. साथ ही अब वे वहां कोई प्रॉपर्टी खरीदकर नया व्यवसाय शुरू कर सकेंगे.

पाकिस्तानी लड़के से शादी करने पर नियम उलटा है

गौरतलब हो कि अगर जम्मू-कश्मीर की कोई लड़की पाकिस्तान के लड़के से शादी करती है, तो उसके लिए नियम बिलकुल उलटा है. उस लड़के को जम्मू-कश्मीर की नागरिकता मिल जाती है. वो जम्मू-कश्मीर में घर-मकान सब कुछ खरीद सकता है.

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First published: August 6, 2019, 9:35 AM IST
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