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मध्य प्रदेश में बिड़ला ग्रुप तलाशेगा हीरा, 55 हज़ार करोड़ की बंदर खदान नीलाम

Anurag Shrivastav | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 11, 2019, 1:18 PM IST
मध्य प्रदेश में बिड़ला ग्रुप तलाशेगा हीरा, 55 हज़ार करोड़ की बंदर खदान नीलाम
मध्य प्रदेश में बिड़ला ग्रुप तलाशेगा हीरा

साल 2007 में दक्षिण अफ्रीका (South Africa) की कंपनी रियो टिंटो (रियो टिंटो) को हीरा खदान (Diamond mine) के सर्वे का काम मिला था. तब सरकार ने ये शर्त रखी थी कि कंपनी खदान से निकलने वाले हीरे का निर्यात नहीं करेगी. हीरे कटिंग और पॉलिशिंग भी प्रदेश में ही करना होगी. ये शर्त रियो टिंटो को मंज़ूर नहीं थी इसलिए उसने प्रोजेक्ट से हाथ खींच लिए थे

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भोपाल. बिड़ला ग्रुप (Birla Group) अब मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में हीरा (Diamond) तराशेगा. छतरपुर की बक्सवाह हीरा खदान (Buxwah Diamond Mine) उसने ले ली है. खदान की नीलामी (auction) में देश के नामी और बड़े घराने शामिल हुए थे. बिड़ला ग्रुप ने सबसे ज़्यादा बोली लगाई.

छतरपुर के बक्सवाह की बंदर हीरा खदान के लिए ऊंची बोली लगाकर बिड़ला ग्रुप ने इसे हासिल कर लिया. खदान की नीलामी के लिए अडानी और रुंगटा ग्रुप सहित नामी कंपनियों और घरानों ने बोली लगायी थी. बिड़ला ग्रुप ने सबसे ज्यादा बोली लगाकर खदान हासिल कर ली. इस खदान में 3.50 करोड़ कैरेट हीरे का भंडार है. इसमें बिड़ला ग्रुप अब अगले एक साल तक हीरे की तलाश करेगा.खदान की नीलामी से सरकार को पच्चीस हजार करोड़ से ज्यादा की आय होगी.साथ ही सरकार कंपनी से 11.50 फीसदी हीरा पर रॉयल्टी भी लेगी.छतरपुर की हीरा खदान में 55 हजार करोड़ के हीरा भंडार होने का अनुमान है.

साल 2007 में दक्षिण अफ्रीका की कंपनी रियो टिंटो को हीरा खदान के सर्वे का काम मिला था. तब सरकार ने ये शर्त रखी थी कि कंपनी खदान से निकलने वाले हीरे का निर्यात नहीं करेगी. हीरे कटिंग और पॉलिशिंग भी प्रदेश में ही करना होगी. ये शर्त रियो टिंटो को मंज़ूर नहीं थी इसलिए उसने प्रोजेक्ट से हाथ खींच लिए थे. प्रदेश में सत्ता बदलने के बाद हीरा खदान की नये सिरे से नीलामी की गई. इसमें पहले पांच बड़ी कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई.लेकिन नीलामी में तीन कंपनियां ही शामिल हुईं. बिड़ला ग्रुप ने सबसे ऊंची बोली लगाकर हीरे की खदान हासिल कर ली.

रेत खदानों से 1234 करोड़ की आय

इससे पहले सरकार ने 36 जिलों में रेत खदानों की नीलामी कर दी.इससे सरकारी ख़जाने में इस बार 1234 करोड़ रुपए आए जो बीते सालों की कमाई के मुकाबले करीब पांच गुना ज्यादा हैं. अब सरकार सात और जिलों में रेत की नीलामी करने की तैयारी में हैं.

सरकार को उम्मीद
खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल ने कहा कि बीडिंग में बिड़ला ग्रुप ने तीस फीसदी ज्यादा बोली लगाकर खदान हासिल की है. इससे सरकार को हर साल 41 फीसदी राशि मिलेगी.रेत खदान की नीलामी से भी सरकार को चौदह सौ करोड़ की आय होने की उम्मीद है. ठेकेदारों की मदद के लिए अवैध परिवहन रोकने का काम करेगी.पहले रेत फिर हीरा
सरकार ने पहले रेत खदानों की नीलामी की और अब हीरा खदान की बारी आयी है. इससे सरकार को बड़ी आय मिलेगी और सरकार की माली हालत सुधरेगी.हीरा और रेत खदानों के बाद अब सरकार उन खनिज खदानों को भी नीलाम करने की तैयारी में है जो सरकार के लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं.

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First published: December 11, 2019, 1:18 PM IST
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