दिग्विजय के लिए मिर्ची हवन करने वाले बाबा जल समाधि लेने को तैयार, कलेक्टर से मांगी इजाजत

बाबा वैराज्ञानंद गिरी ने भोपाल जिला अधिकारी को पत्र लिखकर कहा है कि वो अभी कामाख्या मंदिर में तपस्यारत हैं. वो 16 जून को दोपहर 2 बजकर 11 मिनिट पर जल समाधि लेना चाहते हैं.

Jitender Sharma | News18 Madhya Pradesh
Updated: June 14, 2019, 11:25 AM IST
दिग्विजय के लिए मिर्ची हवन करने वाले बाबा जल समाधि लेने को तैयार, कलेक्टर से मांगी इजाजत
बाबा बैराग्यानंद (फाइल फोटो)
Jitender Sharma | News18 Madhya Pradesh
Updated: June 14, 2019, 11:25 AM IST
भोपाल संसदीय सीट से कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की जीत का दावा और हार मिलने के बाद समाधि लेने की बात करने वाले वाले पूर्व महामंडलेश्वर बाबा वैराज्ञानंद गिरी ने समाधि लेने की अनुमति मांगी है. उन्होंने भोपाल जिला अधिकारी को पत्र लिखकर कहा है कि वो अभी कामाख्या मंदिर (असम) में तपस्यारत हैं. वो 16 जून को दोपहर 2 बजकर 11 मिनिट पर जल समाधि लेना चाहते हैं.

बता दें कि पिछले महीने संपन्न हुए लोकसभा चुनाव के दौरान बाबा वैराज्ञानंद गिरी ने कहा था कि अगर दिग्विजय सिंह भोपाल से चुनाव नहीं जीते तो वो समाधि ले लेंगे. 23 मई को चुनाव परिणाम आने के वाद दिग्विजय सिंह बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा से हार गए. मगर इसके बाद बाबा वैराज्ञानंद गिरी अचानक गायब हो गए.



ये है पूरा मामला

दरअसल, बाबा वैराज्ञानंद उर्फ मिर्ची बाबा ने मिर्ची हवन कर दिग्विजय सिंह की जीत का दावा किया था. उन्होंने कहा था कि मिर्ची हवन करने से दिग्विजय सिंह की जीत सुनिश्चित होगी. इस हवन में कुल 5 क्विंटल मिर्च डाली गई थी. साथ ही उन्होंने यह संकल्प भी लिया था कि अगर दिग्विजय सिंह नहीं जीते, तो वो जिंदा जल समाधि ले लेंगे.

बता दें कि बाबा वैराज्ञानंद के कई आश्रम गुजरात और मध्य प्रदेश में हैं. उन्हें दिग्विजय सिंह का करीबी बताया जाता है.

अखाड़े ने दिखाया था बाहर का रास्ता

वहीं, मिर्ची हवन के दौरान विवाद बढ़ता देख निरंजनी अखाड़े ने वैराज्ञानंद को निष्कासित कर दिया था. बाबा वैराज्ञानंद पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के महामंडलेश्वर थे. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने कहा था कि स्वामी वैराग्यानंद का कार्य गलत था. उनका आचरण साधु-संतों की मर्यादा के खिलाफ था.
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चुनाव परिणाम आने के बाद हुए गायब

चुनाव नतीजों में दिग्विजय सिंह को भोपाल में करारी हार मिली थी. परिणाम आने के बाद लोग लगातार बाबा वैराज्ञानंद की तलाश कर रहे थे, लेकिन उनका किसी का संपर्क नहीं हो पा रहा था. कई लोगों ने वैराज्ञानंद का मोबाइल नंबर ढूंढ लिया और उन्होंने उन्हें फोन कर पूछा- बाबा जी, अब समाधि कब लेंगे. लेकिन वैराज्ञानंद भोपाल से लापता हो गए थे.

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