आकाश विजयवर्गीय का बैटकांड : जानिए कब, कहां और क्या हुआ था

सीएम कमलाथ ने इस कांड के बाद एक पत्र जारी किया था. उसमें लिखा था कि बैट का इस्तेमाल जीत के लिए किया जाना चाहिए, प्रजातंत्र की हार के लिए नहीं.

News18 Madhya Pradesh
Updated: July 2, 2019, 1:24 PM IST
आकाश विजयवर्गीय का बैटकांड : जानिए कब, कहां और क्या हुआ था
आकाश विजयवर्गीय का बैटकांड
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Updated: July 2, 2019, 1:24 PM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय के बैटकांड पर सख़्त नाराज़गी जताई है. आकाश की हरकत़ की कांग्रेस पहले ही निंदा कर चुकी है. उस मामले में आकाश की गिरफ़्तारी भी हो गयी थी. अब वो ज़मानत पर रिहा हुए हैं. एक नज़र डालते हैं कि पूरा मामला क्या था.
26 जून की वो दोपहर-इंदौर में ये बैट कांड 26 जून को हुआ था. शहर के गंजी कंपाउंड इलाके में नगर निगम की टीम एक जर्जर मकान को ढहाने गयी थी. ये मकान उस इलाके के उन 26 मकानों में शामिल था, जो नगर निगम ने अति ख़तरनाक घोषित किए हैं. बारिश में कहीं ये ढह ना जाएं इसलिए मॉनसून से पहले ऐसे घर सुरक्षित तरीके से ढहाए जाने थे. नगर निगम का अमला दौलतराम नाम के शख़्स का मकान ढहाने पहुंचा था.
आकाश का बवाल- आकाश इंदौर-3 से विधायक हैं. गंजी कंपाउंड का ये इलाका आकाश विजयवर्गीय के निर्वाचन क्षेत्र में आता है. मकान मालिक ने मकान ढहाने की बात अपने विधायक आकाश को बतायी. जैसे ही नगर निगम का अमला वहां पहुंचा आकाश भी अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए और नगर निगम की कार्रवाई का विरोध करने लगे. वो और उनके समर्थक जेसीबी मशीन पर चढ़ गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी. उसके बाद आकाश ने बैट उठाया और नगर निगम के अफसर धीरेन्द्र बायस को पीटना शुरू कर दिया. आकाश और उनके समर्थकों ने नगर निगम के अमले को घेर लिया. मौके पर मौजूद पुलिस से भी वो भिड़ गए. निगम के अफसर के कपड़े पकड़क उन्हें झकझोरा गया. पुलिस को धकियाते हुए उन्होंने अफसर का पीछा किया.
कट गया हंगामा - गंजी कंपाउंड के इस इलाके में ज़बरदस्त बवाल कट गया. नगर निगम ने अपनी कार्रवाई रोक दी. निगम के कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया और आकाश के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे. शाम होते-होते आकाश विजयवर्गीय को गिरफ़्तार कर लिया गया.समर्थक पुलिस से भिड़ गए और उसे रोकने की कोशिश की. आकाश विजयवर्गीय के खिलाफ शहर के एमजी रोड थाने में FIR दर्ज कराई गई. उन पर बलवा और सरकारी काम में बाधा की धारा 353, 294, 506, 147 और 148 लगायी गयीं. कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

सीएम कमलनाथ का बयान
सीएम कमलाथ ने इस कांड के बाद एक पत्र जारी किया था. उसमें लिखा था कि बैट का इस्तेमाल जीत के लिए किया जाना चाहिए, प्रजातंत्र की हार के लिए नहीं. प्रदेश के गृहमंत्री बाला बच्चन ने बयान दिया था कि मामले में आकाश विजयवर्गीय के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस घटना से बीजेपी का चाल-चरित्र और चेहरा उजागर हुआ है. नगरीय प्रशासन राज्‍य मंत्री जयवर्धन सिंह ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि को ऐसा नहीं करना चाहिए. इंदौर में महापौर बीजेपी की हैं, वह तय करेंगी कि इस मामले में क्या कार्रवाई करनी है.
भड़क गए थे पिता कैलाश विजयवर्गीय
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आकाश के पिता कैलाश विजयवर्गीय से जब मीडिया ने इस बारे में बात की तो वो एक पत्रकार पर भड़क उठे. उन्होंने कहा था कि मेरा बेटा गलत काम नहीं कर सकता. पत्रकार से कहा था-कि आप जज हैं क्या? फिर कहा था- कि तुम्हारी हैसियत क्या है?
बीजेपी नेताओं ने किया बचाव
इंदौर नगर निगम में बीजेपी की सत्ता है. महापौर मालिनी गौड़ ने कहा था कि आकाश को पहले मुझसे इस बारे में बात करना चाहिए थी. बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा ने कहा था-नया लड़का है. आकाश का तरीका ग़लत था लेकिन मकसद पवित्र था. इंदौर में आकाश विजयवर्गीय के समर्थन में धरना और प्रदर्शन तक हुआ. लेकिन नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने ज़रूर ये कहा था कि -जन प्रतिनिधियों को संयम बरतना चाहिए.
निगम कर्मचारी बर्ख़ास्त
आकाश विजयवर्गीय की उस बवाल में नगर निगम के कई कर्मचारियों ने भी साथ किया था. नगर निगम कमिश्नर आशीष सिंह ने ऐसे सभी 21 कर्मचारियों को बर्ख़ास्त कर दिया था.
मकान मालकिन ने किया बचाव
मकान को लेकर हुए बवाल पर आकाश विजयवर्गीय ने कहा था कि नगर निगम अफसर महिलाओं से बदसुलूकी कर रहे थे. बात बढ़ने पर बाद में उस घर की महिलाएं सामने आयीं और उन्होंने कहा हमारी रक्षा में आकाश ने बैट उठाया था.
केस भोपाल ट्रांसफर
इस बीच आकाश की सीएम का पुतला दहन मामले में भी गिरफ़्तारी कर ली गयी. इंदौर के सेशन कोर्ट ने आकाश की ज़मानत याचिका खारिज कर दी और केस भोपाल की विशेष अदालत में ट्रांसफर कर दिया. शनिवार को स्पेशल कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेश सिंह ने सुनवाई के बाद दोनों मामलों में उन्हें 50 और 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत रिहा करने का आदेश दिया.
रिहाई के बाद जश्न
आकाश की रिहाई के बाद समर्थकों ने इंदौर में जश्न मनाया. हर्ष फायर किए. उनका स्वागत किया. उससे पहले गिरफ्तारी के बाद पूरे शहर में आकाश को सैल्यूट करते हुए पोस्टर लगा दिए गए थे. उनके समर्थन में मैं भी बल्लेबाज मुहिम शुरू कर दी थी. हालांकि वो मुहिम आगे नहीं बढ़ पायी.

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First published: July 2, 2019, 1:13 PM IST
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