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भारत बंद : कृषि मंत्री कमल पटेल के जिले में मंडियों में नहीं हुआ कारोबार

कमल पटेल ने बंद को असफल बताया.
कमल पटेल ने बंद को असफल बताया.

बंद का असर कृषि उपज मंडियों में रहा.मंडियों में अपेक्षा अनुरूप उपज आवक नहीं रही. मंडिया शाम तक खुली रहीं लेकिन किसान नहीं के बराबर पहुंचे. खिरकिया और टिमरनी मंडी में कम संख्या में किसान पहुंचे. वहीं हरदा मंडी सूनी रही.शाम तक एक भी किसान उपज बेचने हरदा मंडी नहीं आया.

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हरदा.मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल (Kamal patel) ने भारत बंद (Bharat band) को असफल बताया. उन्होंने कहा ये बंद एमपी और देश में पूरी तरह फेल रहा. जनता ने कांग्रेस और अन्य संगठनों का साथ नहीं दिया.उन्होंने किसानों से अपील की कि वो भरोसा रखें. कृषि बिल उन्हें बिचौलियों से मुक्ति और फसल का ज़्यादा दाम दिलाएगा.

किसान संगठनों के कृषि बिल को लेकर किये गए आज के भारत बंद पर हरदा में मप्र के कृषि मंत्री कमल पटेल ने न्यूज़ 18 को पहली प्रतिक्रिया दी. पटेल ने कहा भारत बंद का आह्वान कांग्रेस और अन्य संगठनों ने किया था. उन्होंने बंद आंदोलन को पूरी तरह से मप्र और देश में फेल बताया. पटेल ने कृषि बिल को किसान हित में बताया. उन्होंने कांग्रेस का बिना नाम लिए तंज कसते हुए कहा कि 70 साल में कुछ नहीं किया गया. पीएम मोदी अगर कुछ कर रहे है उन्हें करने दीजिये. उन्होंने कहा की देश का किसान इस बिल के साथ है.

हर ब्लॉक में 2 FPO
हरदा में मौजूद कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा पीएम मोदी जो कृषि बिल लाये हैं वह किसानो की तकदीर बदलने वाला है. कृषि कानून के कारण किसान को अपनी उपज बेचने के ज्यादा विकल्प मिलेंगे जिससे उसे ज्यादा दाम मिलेगा. उन्होंने कहा पीएम मोदी ने गांवो में जमीन का मालिकाना हक देने के लिए स्वामित्व योजना लागू की है. प्रदेश के हर ब्लॉक में 2 एफपीओ बनेंगे, जिसमें 300 किसान शामिल होंगे. गांव के किसान को खेती के अलावा व्यवसाय के लिए भी लोन मिलेगा. इस कानून से खेती घाटे का नहीं लाभ का धंध बनेगी. पीएम मोदी कृषि बिल के माध्यम से बिचौलिए हटाना चाहते हैं.उन्होंने कहा जो बिचौलिए हैं जिनका कृषि बिल से कमीशन बंद हो जाएगा, वही इस आंदोलन को चला रहे हैं.
किसानों से अपील


कृषि मंत्री कमल पटेल ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसान भ्रमित न हों. पीएम मोदी और बीजेपी पर विश्वास रखें. गांव से ही भारत आत्मनिर्भर बनेगा. किसान बिचौलियो का बहिष्कार करें. उन्होंने कृषि कानून के पक्ष में किसानों से आगे आने का आह्वान किया.

हरदा में बंद का मिला जुला असर
कृषि प्रधान हरदा जिले में बंद का असर मिला जुला रहा. रोजमर्रा की जरूरत की दुकानें खुली रहीं. दोपहर 2 बजे के बाद बाजार पूरी तरह से खुल गए. बंद का असर कृषि उपज मंडियों में रहा.मंडियों में अपेक्षा अनुरूप उपज आवक नहीं रही. मंडिया शाम तक खुली रहीं लेकिन किसान नहीं के बराबर पहुंचे. खिरकिया और टिमरनी मंडी में कम संख्या में किसान पहुंचे. वहीं हरदा मंडी सूनी रही.शाम तक एक भी किसान उपज बेचने हरदा मंडी नहीं आया.
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