MP में 15 दिन में 51 शिक्षकों की कोरोना से मौत का दावा! भोपाल में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी पर लगाई रोक

भोपाल में हालात को देखते हुए सभी सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगा दी गयी है (प्रतीकात्मक तस्वीर: Shutterstock)

भोपाल में हालात को देखते हुए सभी सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगा दी गयी है (प्रतीकात्मक तस्वीर: Shutterstock)

मध्य प्रदेश शिक्षक कांग्रेस और शासकीय अध्यापक संगठन ने चिंता जाहिर करते हुए मृत शिक्षकों की सूची जारी की है. संगठनों का दावा है कि जानकारी के अनुसार भोपाल में 6, बैतूल में 28, छिंदवाड़ा में 14 और धार में 3 शिक्षकों की कोरोना से मौत हुई है.

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भोपाल. मध्यप्रदेश (MP) में कोराना (Corona) से स्थिति भयावह होती जा रही है. 15 दिन में 51 शिक्षकों की कोरोना से मौत को चुकी है. हालात को देखते हुए शासन-प्रशासन रोज नये फैसले ले रहा है. भोपाल में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी पर रोक लगा दी गई है. एम्स में भी अफरा-तफरी का माहौल है. हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट पर असर पड़ रहा है और इस बीच सियासत भी जमकर हो रही है. कोरोना के साए में गुड़ी पड़वा का पर्व है. शहर के मंदिरों में पुजारियों ने आरती अनुष्ठान की. मंदिरों में श्रद्धालुओं की एंट्री पर रोक लगी है.

स्कूली शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले राज्य शिक्षा केंद्र में संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है. अब तक 22 से ज्यादा संक्रमित मरीज़ हो चुके हैं. इस पर मध्य प्रदेश शिक्षक कांग्रेस और शासकीय अध्यापक संगठन ने चिंता जाहिर की है. 15 दिन में भोपाल सहित प्रदेश में कोरोना से 51 शिक्षकों की मौत हो चुकी है. शिक्षकों के संगठन ने एक सूची जारी कर मृतक शिक्षकों की जानकारी दी है. जानकारी के अनुसार भोपाल में 6, बैतूल में 28, छिंदवाड़ा में 14 और धार में 3 शिक्षकों की कोरोना से मौत हुई है. कर्मचारी संगठनों ने सरकार से मांग की है कि शिक्षकों की भी छुट्टी की जाए. उन्हें स्कूल नहीं बुलाया जाए.

सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी पर रोक

भोपाल में हालात को देखते हुए सभी सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगा दी गयी है. कोरोना संक्रमण के कारण आगामी आदेश तक ये रोक लगी रहेगी. जिन कर्मचारियों के पूर्व में अवकाश स्वीकृत थे उन्हें भी रद्द कर दिया गया है. भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने भोपाल जिले के सभी अधिकारी और कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगाई है.
दिग्विजय सिंह का गंभीर आरोप

पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में ऑक्सीजन सिलेंडर ले जाने और लाने वालों से प्रति सिलेंडर 750 रुपए की वसूली करने का आरोप लगाया है. ट्वीट में दिग्विजय सिंह ने कहा इंडस्ट्रियल एरिया में 4 स्टाफ पुलिस के एक साथ खड़े हैं जो ऑक्सीजन ले जाने वालों से प्रति सिलेंडर 750 रुपए वसूल कर रहे हैं. इसकी कोई रसीद भी नहीं दे रहा है. दिग्विजय सिंह ने प्रशासन से इस तरह के मामलों में तत्काल कार्रवाई कर रोकने की मांग की है.

एम्स में अफरा-तफरी का माहौल



भोपाल स्थित एम्स में साधारण ओपीडी और टाले जा सकने वाले ऑपरेशन बंद करने की तैयारी है. कोरोना संक्रमण के कारण दिल्ली एम्स में ओपीडी बंद करने के बाद  एम्स भोपाल में भी इस बारे में फैसला हो सकता है. कोरोना संक्रमण और स्टाफ की कमी के कारण दोनों सुविधाएं बंद करने की तैयारी है. पिछले साल भी कोविड संक्रमण शुरू होने के बाद एम्स प्रबंधन ने ओपीडी बंद कर दी थीं. सिर्फ ज़रूरी ऑपरेशन ही किये जा रहे थे.



3000 करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट पर असर

कोरोना काल में 3000 करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट पर असर पड़ रहा है. जल प्रदाय और सीवेज प्रोजेक्ट समय पर पूरा करने के लिए नई गाइडलाइन  जारी की गयी है. नगरीय विकास और अर्बन डेवलपमेंट कंपनी ने प्रोजेक्ट समय पर पूरा करने के लिए ठेकेदारों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है. इसमें ठेकेदारों को मेन पावर, मशीन और मटेरियल का अगले 3 महीने का स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं. अमृत परियोजना, एशियन डेवलपमेंट बैंक, वर्ल्ड बैंक और विशेष निधि के तहत प्रदेश के 29 नगरीय निकायों में प्रोजेक्ट चल रहे हैं. समय पर काम पूरा नहीं होने पर ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई है.
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