MP में कोरोना वैक्सीन के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं, अब बिना रजिस्ट्रेशन भी लगेगा टीका

सीएम शिवराज ने कहा कि वैक्सीन कोरोना वायरस के विरूद्ध सुरक्षा चक्र का कार्य करता है. प्रदेश में अभियान के रूप में वैक्सिनेशन का कार्य किया जाए (फाइल फोटो)

सीएम शिवराज ने कहा कि वैक्सीन कोरोना वायरस के विरूद्ध सुरक्षा चक्र का कार्य करता है. प्रदेश में अभियान के रूप में वैक्सिनेशन का कार्य किया जाए (फाइल फोटो)

कोरोना वैक्सीन को लेकर हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (Shivraj Singh) ने कहा कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीन लगवाने के लिए पहले से रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं होगी. ग्रामीण वैक्सीनेशन केंद्र पर जाकर सीधे वैक्सीन (Corona Vaccine) लगवा सकेंगे. उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में शाम चार बजे के बाद बाकी बची वैक्सीन को बिना पूर्व रजिस्ट्रेशन के लगवाया जा सकेगा

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भोपाल. कोरोना वैक्सिनेशन (Corona Vaccination) को लेकर मध्य प्रदेश सरकार (MP Government) ने एक अहम फैसला लिया है. राज्य में वैक्सीन के लिए अब आधार कार्ड (Aadhar Card) अनिवार्य नहीं होगा. ऑफलाइन डोज़ लगवाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर आई.डी कार्ड भी मान्य किये जाएंगे. बुधवार को कोरोना वैक्सीन को लेकर हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने इस संबंध में निर्देश दिए.

सीएम शिवराज ने कहा कि वैक्सीन कोरोना वायरस के विरूद्ध सुरक्षा चक्र का कार्य करता है. प्रदेश में अभियान के रूप में वैक्सिनेशन का कार्य किया जाए. अब ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीन लगवाने के लिए पहले से रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं होगी. ग्रामीण वैक्सीनेशन केंद्र पर जाकर सीधे वैक्सीन लगवा सकेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि शहरी क्षेत्रों में शाम चार बजे के बाद बाकी बची वैक्सीन को बिना पूर्व रजिस्ट्रेशन के लगवाया जा सकेगा.

मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिए कि 18 वर्ष से ज्यादा उम्र के वैक्सिनेशन में प्राथमिकता समूह बनाए जाएं. ऐसे लोगों को पहले वैक्सीन लगाया जाए, जो अधिक लोगों के संपर्क में आते हैं. इनमें हाथ ठेले वाले, फेरी वाले आदि को शामिल किया जा सकता है. साथ ही छोटे बच्चों के माता-पिता को भी प्राथमिकता समूह में रखा जा सकता है.

प्रदेश में कोरोना वैक्सिनेशन की स्थिति
मध्य प्रदेश में अभी तक 45 वर्ष से ऊपर आयु वाले और 18 वर्ष से ऊपर उम्र वाले लोगों को एक करोड़ से अधिक कोरोना वैक्सीन के डोज़ लगाए जा चुके हैं. इनमें सात लाख 70 हजार 613 डोज़ हेल्थ वर्कर्स को, सात लाख चार हजार 818 डोज़ फ्रंट लाइन वर्कर्स को, 37 लाख तीन हजार 698 डोज़ 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्तियों को, 39 लाख 46 हजार 793 डोज़ 45 से 60 वर्ष तक की उम्र के व्यक्तियों को और नौ लाख 56 हजार 663 डोज़ 18 से 24 वर्ष की उम्र के व्यक्तियों को लगाए गए हैं.

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