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BJP नेता जयंत मलैया भोपाल तलब, नोटिस के बाद प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से बंद कमरे में मुलाकात

मलैया परिवार की नाराज़गी के बाद राहुल लोधी हर वॉर्ड में चुनाव हार गए.

Bhopal. राहुल लोधी के बीजेपी में शामिल होने के बाद से ही जयंत मलैया नाराज़ माने जा रहे थे. यहां तक कि उपचुनाव में उनके बेटे सिद्धार्थ ने लगभग अपनी दावेदारी पेश की थी. लेकिन पार्टी ने टिकट राहुल लोधी को दिया.

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भोपाल. दमोह उपचुनाव (Damoh by election) में बीजेपी की हार के बाद निशाने पर आए पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री जयंत मलैया शुक्रवार को भोपाल पहुंचे. भोपाल में बीजेपी (BJP) प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा से बंद कमरे में उनकी मुलाकात हुई. माना जा रहा है कि उपचुनाव के बाद मिले नोटिस पर जयंत मलैया ने अपना पक्ष प्रदेश संगठन के सामने रखा है.

हालांकि इस मुलाकात के बारे में जब न्यूज़ 18 ने जयंत मलैया से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने इसे एक सौजन्य मुलाकात करार दिया. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अगर प्रदेश संगठन जयंत मलैया के जवाब से संतुष्ट नहीं होता है तो उन्हें दिए गए नोटिस पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है. उप चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की वजह से पूर्व मंत्री जयंत मलैया और उनके बेटे सिद्धार्थ मलैया के खिलाफ प्रदेश अध्यक्ष ने एक्शन लिया था. जयंत मलैया के बेटे सिद्धार्थ मलैया को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था जबकि जयंत मलैया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. इसके अलावा दमोह के पांच मंडल अध्यक्ष भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किये गए थे.

क्यों हुआ था एक्शन ?
दअरसल दमोह विधानसभा के लिए 17 अप्रैल को उपचुनाव हुआ था और 2 मई को नतीजे सामने आए थे. नतीजों में कांग्रेस उम्मीदवार अजय टंडन ने बीजेपी उम्मीदवार राहुल लोधी को शिकस्त दी दी थी. इतना ही नहीं खुद जयंत मलैया के वॉर्ड से भी राहुल लोधी को हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद मलैया परिवार की निष्ठा को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे. राहुल लोधी ने भी मलैया परिवार पर अप्रत्यक्ष तौर पर हार का ठीकरा फोड़ा था. हालांकि लोधी सिर्फ मलैया के ही नहीं सारे वॉर्ड में कांग्रेस से हारे थे.

क्या है मामला ?
राहुल लोधी कांग्रेस से विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद बीजेपी में शामिल हुए थे. इस वजह से दमोह सीट पर उपचुनाव हुआ था. राहुल लोधी के बीजेपी में शामिल होने के बाद से ही जयंत मलैया नाराज़ माने जा रहे थे. यहां तक कि उपचुनाव में उनके बेटे सिद्धार्थ ने लगभग अपनी दावेदारी पेश कर दी थी. हालांकि बाद में संगठन के दबाव के बाद उन्होंने अपनी दावेदारी वापस ले ली थी. लेकिन कहीं न कहीं राहुल को टिकट देने के फैसले को मलैया परिवार पचा नहीं पाया और वो लोधी  उनके वार्ड से भी चुनाव हार गए. यही वजह है कि अब संगठन ने उनके खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में कार्रवाई की थी.
Published by:Swapna Guru
First published: