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लव जिहाद : नगरीय निकाय चुनाव से पहले BJP का मास्टर स्ट्रोक, अब कांग्रेस क्या करेगी!

प्रस्तावित विधेयक पर अभी कांग्रेस ने अपना स्टैंड स्पष्ट नहीं किया है.
प्रस्तावित विधेयक पर अभी कांग्रेस ने अपना स्टैंड स्पष्ट नहीं किया है.

प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पूछा है-विधानसभा में लव जिहाद (Love jihad) का मसौदा पेश होने पर विपक्ष उसका समर्थन करेगा या विरोध. यह कांग्रेस (Congress) को स्पष्ट करना चाहिए.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (MP) में 28 सीटों के लिए हुए उपचुनाव (By Election) के बाद अब बीजेपी का फोकस नगरीय और पंचायत चुनाव पर है. जल्द होने वाले निकाय चुनाव से पहले बीजेपी ने लव जिहाद का मुद्दा छेड़ कर अपनी तैयारी बता दी है. बीजेपी ने आगामी विधानसभा सत्र में लव जिहाद विधेयक लाने की तैयारी कर ली है.

प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस से पूछा है कि विधानसभा में पेश होने वाले लव जिहाद विधेयक को लेकर विपक्ष का क्या रवैया है. उसे स्पष्ट करना चाहिए. विधानसभा में लव जिहाद का मसौदा पेश होने पर विपक्ष उसका समर्थन करेगा या विरोध. यह कांग्रेस पार्टी को स्पष्ट करना चाहिए.

मास्टर स्ट्रोक
निकाय चुनाव से पहले सबसे बड़ा मास्टर स्ट्रोक खेलकर बीजेपी ने कांग्रेस को निरुत्तर कर दिया है. लव जिहाद मामले में अब तक तोल-मोल कर बोल रही कांग्रेस अपना रुख अभी तक तय नहीं कर पाई है. कांग्रेस का लीगल सेल लव जिहाद के खिलाफ तैयार हुए ड्राफ्ट पर आपत्ति जता रहा है. कांग्रेस नेता जेपी धनोपिया 1968 में बने पुराने कानून के होते हुए नए कानून बनाने पर आपत्ति जता रहे हैं तो वहीं पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा है कि विधानसभा में गुण दोष के आधार पर लव जिहाद से जुड़े मसौदे पर विपक्ष फैसला लेगा. शर्मा ने लव जिहाद कानून के नाम पर माहौल बनाने का आरोप बीजेपी सरकार पर लगाया है. उनका कहना है कि प्रदेश में लव जिहाद से ज्यादा गरीब किसान और बेरोजगारों से जुड़े मुद्दों के समाधान की जरूरत है. लव जिहाद का माहौल बना रही बीजेपी दूसरे मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है.



घिर गयी कांग्रेस
लव जिहाद पर बीजेपी नेता हर दिन एक नया बयान देकर इस मामले को गरमाने की कोशिश में लगे हैं. ताकि कानून के मूर्त रूप लेने से पहले उसके मसौदे को पूरे प्रदेश में प्रचारित किया जा सके. लेकिन अब नजरें विधानसभा में पेश होने वाले विधेयक पर होगी. सत्ता पक्ष के इस कदम पर विपक्ष का क्या रवैया होता है. कांग्रेस समर्थन करती है या विरोध करती है, क्योंकि विधानसभा में मसौदे पर मुहर लगना तय माना जा रहा है. यदि विपक्ष के नाते कांग्रेस का समर्थन करती है तो बीजेपी इसका पूरा क्रेडिट नहीं ले सकेगी.साथ ही उसका वोट बैंक खिसकने का भी डर है. लेकिन विपक्ष यदि विधानसभा में इसका विरोध करता है तो कांग्रेस को घेरने का एक और मौका बीजेपी को मिल जाएगा.
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