भोपाल नाव हादसा : प्रशासन की 10 बड़ी चूक जिसने ले ली 11 युवकों की जान

मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि रात 12:00 बजे के बाद अब विसर्जन नहीं किया जाएगा. बड़ी प्रतिमाओं पर रोक लगाई जाएगी. हादसे के जिम्मेदार नगर निगम और पुलिस प्रशासन के साथ दूसरे जिम्मेदारों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 13, 2019, 9:09 PM IST
भोपाल नाव हादसा : प्रशासन की 10 बड़ी चूक जिसने ले ली 11 युवकों की जान
लोगों की जागरुकता और प्रशासन की लापरवाही ने 11 ज़िंदगी ले लीं
Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 13, 2019, 9:09 PM IST
भोपाल.भोपाल के खटलापुरा नाव हादसे (Bhopal boat tragedy) में लोगों की लापरवाही के साथ-साथ प्रशासन की बड़ी चूक भी ज़िम्मेदार है. घाट पर सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त नहीं थे. अफसर मुस्तैद नहीं थे. भोपाल में सिर्फ 6 फीट तक की मूर्ति स्थापना की इजाज़त है, इसके बावजूद 17 फीट की मूर्ति की स्थापना कैसे की गयी और यहां उसके विसर्जन की इजाज़त किसने दी. विधि मंत्री पीसी शर्मा ने हादसे के लिए जवाबदेह कर्मचारियों पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं. जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस प्रशासन, तीनों स्तर पर लापरवाही की गयी.

खटलापुरा हादसे में 11 युवकों की मौत हो गई. इस हादसे के पीछे हर स्तर पर लापरवाही का खुलासा हुआ है. जिला प्रशासन हो या फिर नगर निगम, विजर्सन घाट पर व्यवस्था की ज़िम्मेदारी इनकी थी. पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था देखता है. सभी स्तर पर जिम्मेदारों ने लापरवाही बरती. यही वजह रही कि हादसे के आधे घंटे बाद तक पानी में डूब रहे युवकों को मदद नहीं मिली. मौके पर मौजूद नाविकों ने युवकों की जान बचाने की कोशिश भी की, लेकिन वो केवल पांच को ही बचा सके.

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प्रशासन की 10 बड़ी लापरवाही

लापरवाही नंबर-01
प्रेमपुरा विसर्जन घाट के होने के बावजूद खटला पुरा घाट पर बड़ी मूर्ति के विसर्जन को नहीं रोका गया.
लापरवाही नंबर-02
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मौके पर नगर निगम के 2 गोताखोर थे, लेकिन कोई जिम्मेदार अधिकारी व्यवस्था को देखने के लिए मौजूद नहीं था, जबकि अनंत चतुर्दशी होने के कारण पूरे शहर में चल समारोह निकल रहा था.
लापरवाही नंबर-03
विसर्जन घाट पर पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन पुलिस के बड़े अधिकारी मौजूद नहीं थे.
लापरवाही नंबर-04
विसर्जन घाट के दूसरे किनारे पर SDRF की एक टुकड़ी तैनात थी. जबकि दो घाट पर विजर्सन हो रहा था.घाट के सामने SDRF हेड क्वॉर्टर होने के बावजूद भी तत्काल मदद नहीं मिली.
लापरवाही नंबर-05
नियम विरुद्ध विसर्जन के लिए दो नाव को जोड़कर एक नाव बनाई गई.
लापरवाही नंबर-06
नाव में क्षमता से ज्यादा लोगों को सवार होने से किसी ने नहीं रोका.
लापरवाही नंबर-07
इजाज़त नहीं होने के बावजूद प्रशासन ने एक ही जगह पर विसर्जन के लिए दो अलग-अलग घाट बनाए.
लापरवाही नंबर-08
नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन,SDRF के जिम्मेदार अधिकारियों ने पूरे घाट का ठीक से निरीक्षण नहीं किया.
लापरवाही नंबर-09
घाट पर प्रशासन लाइफ़ जैकेट और एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं की गई थी.
लापरवाही नंबर-10
भोपाल में 6 फीट से बड़ी मूर्ति रखने की इजाज़त ही नहीं है. इसके बावजूद बड़ी-बड़ी प्रतिमाएं बनाई जा रही हैं.

कार्रवाई के संकेत
विधि मंत्री पीसी शर्मा ने इस हादसे के जवाबदेह लोगों पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं. सरकार भी एक्शन में आ गई है. मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि रात 12:00 बजे के बाद अब विसर्जन नहीं किया जाएगा. बड़ी प्रतिमाओं पर रोक लगाई जाएगी.हादसे के जिम्मेदार नगर निगम और पुलिस प्रशासन के साथ दूसरे जिम्मेदारों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. हादसे के बाद प्रशासन के अधिकारी मौजूद नहीं थे. भोपाल आईजी को हटाने की मांग उठ रही है.

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First published: September 13, 2019, 7:18 PM IST
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