भोपाल नाव हादसा : VIDEO में देखिए कैसे पल-पल मौत की तरफ बढ़ा काफ़िला

शुक्रवार अल सुबह मौत की ख़बर ने पिपलानी के 100 क्वाटर का दरवाज़ा खटखटाया. खटलापुरा से जो खबर पिपलानी पहुंची, उससे पूरे इलाके में चीख़-पुकार और रोना-पीटना मच गया

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 13, 2019, 7:24 PM IST
भोपाल नाव हादसा : VIDEO में देखिए  कैसे पल-पल मौत की तरफ बढ़ा काफ़िला
इस झांकी को पुरस्कार मिला था
Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 13, 2019, 7:24 PM IST
भोपाल.राजधानी भोपाल (bhopal boat tragedy)में खटलापुरा घाट पर हुए दर्दनाक हादसे से पहले खुशियां फैली हुई थीं. पूरे मोहल्ले में हर्षोल्लास था. बच्चे-युवा-महिलाएं सब झूमते-नाचते बप्पा को विदा करते हुए अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारे लगा रहे थे. लेकिन वो क्या जानते थे कि दरअसल वो बप्पा को नहीं बल्कि अपने ही बेटों-भाइयों-पति को अंतिम विदाई दे रहे हैं.

खुशी-खुशी हुए विदा-भोपाल के पिपलानी 100 क्वॉटर के बस्ती वालों ने खूब-हंसी खुशी बप्पा को विदा किया था. मोहल्ले की बहू-बेटियों ने मोहल्ले से ही गणपति बप्पा को नाच-गाकर विदा किया. उसके बाद युवाओं की टोली मूर्ति लेकर आगे बढ़ चली. रास्तेभर नाचते, गाते युवा खटलापुरा घाट पहुंचे. लेकिन वहां से फिर कभी लौटकर नहीं आए.

मोहल्ले की महिलाओं ने भी खुशी-खुशी चल समारोह को विदा किया


लौट के फिर ना आए-खटलापुरा घाट में गणेश विसर्जन के दौरान जिन 11 युवकों की डूबने से मौत हुई वो बड़े धूमधाम से गुरुवार रात 11 बजे पिपलानी इलाके से गणेश प्रतिमा को लेकर रवाना हुए थे.इनके उल्लास का सिलसिला खटलापुरा तक चला.रास्ते भर गणपति बप्पा के जयकारे गूंज रहे थे.डीजे पर सब जमकर डांस कर रहे थे. मोहल्ले वाले युवाओं की टोली और मूर्ति को विदा करने के बाद अपने घरों को लौट गए और सो गए.

रास्ते भर युवा नाचते-गाते चले


मौत की ख़बर ने दी दस्तक- शुक्रवार अल सुबह मौत की ख़बर ने पिपलानी के 100 क्वाटर का दरवाज़ा खटखटाया. खटलापुरा से जो खबर पिपलानी पहुंची, उससे पूरे इलाके में चीख़-पुकार और रोना-पीटना मच गया. लोगों को यकीन नहीं हो पा रहा था कि जिन बच्चों और युवाओं को कुछ देर पहले तक नाचते-गाते देखा था, उनकी मौत की ख़बर आ गयी थी.


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कब क्या हुआ?
-रात 11 बजे
100 क्वाटर बस्ती पिपलानी इलाके से गणेश विसर्जन के लिए बड़े धूमधाम के साथ खटलापुरा घाट के लिए रवाना हुए.
-रात 1 बजे
गणेश जी की झांकी पिपलानी मार्केट पहुंची.यहां पर समिति को सर्वश्रेष्ठ झांकी का पुरस्कार भी मिला.
-रात 3 बजे
समिति के सदस्य गणेश प्रतिमा को लेकर खटलापुरा घाट पहुंचे.
-सुबह 4 बजे
विसर्जन का नंबर आने पर गणेश जी की प्रतिमा को क्रेन पर लटकाया.
-सुबह 4:30 बजे
दो नाव को जोड़कर बनाई गई एक नाव पर गणेश प्रतिमा को रखा गया.तालाब में प्रतिमा को जैसे ही विसर्जित किया, वैसे ही नाव में एक तरफ से पानी भराने लगा और नाव पलट गई. कुछ युवक पानी में गिर गए. उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए नाव को पकड़ लिया और बस उसके बाद पूरी नाव पलट गयी और उसमें सवार सभी लोग तालाब में गिर पड़े
-सुबह 5 बजे
नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और एसडीआरएफ के अधिकारी, कर्मचारी मौके पर आना शुरू हुए.
-सुबह 8 बजे
तालाब से शवों को निकालकर मॉर्च्यूरी पहुंचाया.
-सुबह 9 बजे
मॉर्च्यूरी में शवों का पोस्टमॉर्टम हुआ.
-सुबह 10 बजे
मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने का ऐलान किया.
-दोपहर 12 बजे
शवों के अंतिम संस्कार का सिलसिला शुरू

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First published: September 13, 2019, 6:13 PM IST
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