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MP का कैश कांड: चुनाव आयोग की चिट्ठी आयी, CS-ACS को दिल्ली बुलाया

चुनाव आयोग ने 5 जनवरी को एमपी के अफसरों को बुलाया है.
चुनाव आयोग ने 5 जनवरी को एमपी के अफसरों को बुलाया है.

कैश कांड (Cash scam of MP) पर चुनाव आयोग (Election Commission) की चिट्ठी पर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सबसे पहले तीन मंत्रियों प्रद्युम्न सिंह तोमर, बिसाहू लाल सिंह, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की है.

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भोपाल.मध्य प्रदेश के बहुचर्चित कैश कांड (Cash scam of MP) में अब केंद्रीय चुनाव आयोग (Election Commission) ने प्रदेश के मुख्य सचिव और अपर सचिव को दिल्ली तलब किया है. आयोग की चिट्ठी प्रदेश शासन को मिली है. उसने कैश कांड में फंसे राज्य के IAS, IPS और नेताओं के खिलाफ कार्रवाई न करने पर इन अफसरों को दिल्ली बुलाया है.

केंद्रीय चुनाव आयोग की चिट्‌ठी आखिरकार मध्य प्रदेश पहुंच गयी है. आयोग ने शासन से पूछा है कि राजनीतिक हवाला कांड में अब तक क्या कार्रवाई की गयी और आगे क्या किया जाएगा.आयोग के उप चुनाव आयुक्त चंद्रभूषण कुमार ने सीएस इकबाल सिंह बैंस, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा को 5 जनवरी को दिल्ली बुलाया है. चिट्ठी में लिखा है कि सीबीडीटी की जो रिपोर्ट भेजी गई है, उसी संबंध में बात की जाएगी.

7 दिन के बाद भी कार्रवाई नहीं...
इस मामले में SPS अरुण मिश्रा, 3 IPS अधिकारी बी मधुकुमार, संजय माने और सुशोभन बैनर्जी के साथ कई मंत्रियों, विधायकों और आईएएस अफसरों के नाम सामने आए थे. आयोग ने मुख्य सचिव के साथ एमपी के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को भी पत्र लिखकर जानकारी दी है.सीबीडीटी की रिपोर्ट और चुनाव आयोग की चिट्‌ठी मप्र सरकार को 16 दिसंबर को मिली थी. तब से लेकर अभी तक सात दिन हो गए. लेकिन इस केस में कोई कार्रवाई नहीं की गई. जबकि यह कहा गया था कि EOW या फिर किसी दूसरी जांच एजेंसी से इस पूरे मामले में जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. बीजेपी की तरफ से कहा जा रहा है कि कानून अपना काम करेगा.




कांग्रेस मंत्रियों पर कार्रवाई की मांग
कैश कांड पर चुनाव आयोग की चिट्ठी पर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सबसे पहले तीन मंत्रियों को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की है. उन्होंने कहा कमलनाथ सरकार के दौरान हुई आयकर विभाग की कार्रवाई  राजनीतिक द्वेष पूर्ण थी. कमलनाथ जी के आसपास के लोगों को बेवजह फंसाने की कोशिश की गई थी. इस मामले में तीन मंत्रियों प्रद्युम्न सिंह तोमर, बिसाहू लाल सिंह, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव के नाम सामने आए हैं. इसलिए इन मंत्रियों को सबसे पहले मंत्रिमंडल से हटाया जाए. मंत्रियों को हटाने के बाद ही न्याय पूर्ण कार्रवाई होगी. इस मामले में चुनाव आयोग इंटरफेयर ना करे. क्योंकि चुनाव आयोग का काम है चुनाव कराना.
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