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BHOPAL : CM शिवराज का बजट मंथन, जानिए एक्सपर्ट के क्या हैं सुझाव

cm ने कहा मध्य प्रदेश का अगला बजट (Budget) क्रांतिकारी सुधारों वाला होगा.
cm ने कहा मध्य प्रदेश का अगला बजट (Budget) क्रांतिकारी सुधारों वाला होगा.

bhopal : मध्य प्रदेश विधानसभा (MP Assembly) का बजट सत्र 22 फरवरी से शुरू हो रहा है. इस दौरान एमपी का बजट भी पेश किया जाएगा.बजट से जनता को काफी उम्मीदें हैं और इन उम्मीदों पर सरकार कितनी खरी उतरेगी यह देखने वाली बात होगी.

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भोपाल.केंद्रीय बजट के बाद अब मध्य प्रदेश (MP) में बजट की तैयारी है.मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को जाने-माने अर्थशास्त्री और अलग-अलग क्षेत्र के एक्सपर्ट के साथ बजट मंथन किया.मंत्रालय में हुए इस मंथन के बाद उन्होंने कहा मध्य प्रदेश का अगला बजट (Budget) क्रांतिकारी सुधारों वाला होगा. मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने वाला बजट पेश किया जाएगा. इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ मंथन में शामिल हुए अर्थशास्त्रियों और विषय विशेषज्ञों ने बजट के लिए अपने अपने सुझाव दिए.

मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 22 फरवरी से शुरू हो रहा है. इस दौरान एमपी का बजट भी पेश किया जाएगा.बजट से जनता को काफी उम्मीदें हैं और इन उम्मीदों पर सरकार कितनी खरी उतरेगी यह देखने वाली बात होगी.





किस एक्सपर्ट ने क्या सुझाव दिए ?
एम्स भोपाल के डायरेक्टर प्रो. सरमन सिंह का सुझाव - प्रदेश में 3-4 नए ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएं, फार्मा कंपनियों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, पोषण के क्षेत्र में भी और कार्य होने चाहिए.
एमपी नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र जामदार का सुझाव - मध्यप्रदेश में मेडिकल टूरिज्म बढ़ाने के प्रयास किए जाएं .एक वायरोलॉजी संस्थान बनाया जाए.
अर्थशास्त्री सुमित बोस के सुझाव- मध्यप्रदेश में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पी.पी.पी. मोड) से सामाजिक क्षेत्र और अधोसंरचना विकास के लिए कार्य किए जाएं. सी.एस.आर. फंड के लिए प्रयास किए जाएं.सामाजिक कार्यों के लिए एन.जी.ओ. का अधिक से अधिक सहयोग लिया जाए.
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एम.डी. पल्लव महापात्र के सुझाव-बजट में कृषि अधोसंरचना के लिए प्रावधान रखने का सुझाव दिया. प्रदेश में लेबर सैक्टर को बढ़ावा दिया जाए.
आई.आई.एम. इंदौर के डायरैक्टर प्रो. हिमांशु राय के सुझाव-'फाइन्स' और 'पैनल्टीज' को डेढ़ गुना किया जाए. विदेशी शराब और तंबाकू पर कर बढ़ाया जाए. कृषि क्षेत्र में भी पीपीपी मोड पर कार्य हो. सरकारी स्कूलों में डिजिटल इंफ्रा हो.
नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक टी.एस. राजी गैन के सुझाव-मध्यप्रदेश में सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाए. इसके लिए मध्यप्रदेश केन्द्र सरकार के साथ एम.ओ.यू. साइन करे
एन.जी.ओ. 'प्रदान' के एच.के. डेका के सुझाव-प्रदेश में मुर्गी पालन की संभावनाएँ हैं, इस क्षेत्र को बढ़ावा दिया जाए. आदिवासी एवं दलित महिलाओं की सहायता के लिए विशेष फंड रखा जाए.
सागर ग्रुप के चेयरमैन सुधीर अग्रवाल के सुझाव-प्रदेश में टैक्सटाइल पार्क बनाया जाए. भोपाल शहर का मास्टर प्लान बने.
वोल्वो आयशर ग्रुप के एम.डी. विनोद अग्रवाल के सुझाव-मध्यप्रदेश में बनने वाले वाहनों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
प्रतिभा सिंटैक्स के एम.डी. श्रेयस्कर चौधरी के सुझाव-उद्योगों के लिए रियायती बिजली देने का सुझाव
मैक्सोन ग्रुप के डायरेक्टर राजेन्द्र पटेल का सुझाव-प्रदेश में लॉजिस्टिक कॉस्ट कम करने के प्रयास करे.
लघु उद्योग भारती के स्टेट जनरल सैकेट्री राजेश मिश्रा ने तहसील एवं जिला स्तरों पर औद्योगिक भवन बनाने का सुझाव दिया, जहां लघु उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए किराये से स्थान मिल सके.
सी.बी.एस.ई. स्कूल्स के प्रेसिडेंट अनिल धूपड़ के सुझाव-प्रदेश में बड़े शिक्षा समूहों को आमंत्रित किया जाए. प्रदेश एजुकेशन स्टेट बने.

विद्या भारती के विवेक सेंडे के सुझाव-सामाजिक संस्थाओं द्वारा संचालित छोटे-छोटे विद्यालयों को अधोसंरचना विकास के लिए सहायता दी जाए.कृषि शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए, कृषि संकाय प्रारंभ करें.
RGPV के कुलपति डॉ. सुनील कुमार ने प्रदेश में राज्य शिक्षा आयोग के गठन का सुझाव दिया.
फीस नियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. रवीन्द्र कान्हेरे के सुझाव-सभी विद्यालयों में कृषि और वाणिज्य विषय हो. शिक्षा अधोसंरचना का विकास किया जाए. महाविद्यालयों में स्मार्ट क्लासेज हों.
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