BHOPAL : CM शिवराज ने बुलाई आपात बैठक....ताकि 'उड़ता एमपी' न बन पाए !

जिम, पब, कॉलेज कैंटीन में ड्रग सप्लाई होने के खास अड्डे हो सकते हैं.

MP में जिम, पब, क्लब, कॉलेजों की कैंटीन, स्कूलों के आसपास ड्रग्स एवं नशीले पदार्थों की सप्लाई की कोशिश के मामले सामने आए हैं. CM ने कहा इन जगहों पर खास नज़र रखी जाए. प्रदेश में हुक्का लाउंज भी नहीं चलाए जाएंगे.

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भोपाल.मध्यप्रदेश (MP) में मादक पदार्थों (DRUGS) के कारोबार पर नकेल कसने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज एक आपात बैठक बुलाई. इसमें नशे के कारोबार को एमपी से पूरी तरह खत्म करने के लिए सीएम शिवराज ने विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए. सीएम ने कहा है कि ड्रग्स एवं नशीली वस्तु का कारोबार करने वाले मानवता के दुश्मन हैं. इन्हें किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाना चाहिए. प्रदेश में ड्रग माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. इसके लिए विशेष अभियान चलाकर उनकी जड़ों पर प्रहार किया जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा इस अभियान में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए कि जहां एक ओर ड्रग्स और नशीली वस्तुओं का कारोबार करने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाए, वहीं नशा करने वाले बच्चों के प्रति सहानुभूति रखी जानी चाहिए. उनकी नशे की लत छुड़ाने के प्रयास किए जाने चाहिए. पुलिस उनके खिलाफ ज्यादती ना करे. नशा करने वालों की नशे की लत छुड़ाने और उनके पुनर्वास के लिए प्रदेश के सामाजिक न्याय विभाग और स्वयंसेवी संगठनों का भी पूरा सहयोग लिया जाए.

15 से 22 दिसंबर के बीच अभियान
नशा विरोधी अभियान चलाने के संबंध में सीएम हाउस में हुई उच्च अधिकारियों की बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, डीजीपी विवेक जौहरी, अपर मुख्य सचिव गृह राजेश राजौरा समेत आला अधिकारी शामिल हुए. बैठक में तय किया गया कि 15 से 22 दिसंबर तक पूरे प्रदेश में नशा विरोधी विशेष अभियान चलाया जाए. देश में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो भारत सरकार भी 15  से 22 दिसंबर तक नशा विरोधी विशेष अभियान चलाने वाला है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस संबंध में प्रदेश में सघन अभियान चलाकर नशीली वस्तुओं का कारोबार करने वालों को नेस्तनाबूद कर दिया जाए.

मध्य प्रदेश के 15 जिले क्रिटिकल
भारत सरकार के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने प्रदेश के 15 जिलों की सूची भिजवाई है जहां मादक पदार्थों का कारोबार अधिक हो रहा है. इनमें इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, भोपाल, जबलपुर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, होशंगाबाद, रतलाम, ग्वालियर, सतना, सागर, दतिया तथा रीवा शामिल हैं.इसके अलावा विदिशा, पिपरिया, आगर- मालवा क्षेत्र भी संवेदनशील हैं. इन सभी क्षेत्रों में अधिक मामले सामने आए हैं.मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में इंदौर सहित जिलों में ड्रग माफिया के खिलाफ पुलिस ने अच्छा काम किया है.  इंदौर की तथाकथित "ड्रग वाली आंटी" के तार दिल्ली गोवा मुंबई और नाइजीरिया से भी जुड़े हुए हैं. मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि खोद-खोद कर ड्रग माफिया को समूल नष्ट करें.

जिम, पब, क्लब, कॉलेजों की कैंटीन पर नज़र
प्रदेश में जिम, पब, क्लब, कॉलेजों की कैंटीन, स्कूलों के आसपास ड्रग्स एवं नशीले पदार्थों की सप्लाई की कोशिश के मामले सामने आए हैं.मुख्यमंत्री ने कहा इन जगहों पर खास नज़र रखी जाए. प्रदेश में हुक्का लाउंज भी नहीं चलाए जाएंगे.

केमिकल ड्रग्स खतरनाक
मुख्यमंत्री ने कहा केमिकल ड्रग खतरनाक होते हैं. इंदौर में केमिकल ड्रग सप्लाई का बड़ा मामला सामने आया है, वहीं भोपाल, विदिशा, भिंड, उज्जैन, रतलाम में स्मैक सप्लाई के मामले सामने आए हैं.जनता को नशे के दुष्प्रभावों के संबंध में जागरिक किया जाना चाहिए.

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