MP में नहीं थम रही संक्रमण की लहर, अब 7 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया Corona Curfew

एमपी में कोरोना कर्फ्यू को बढ़ा दिया गया है. साथ ही अधिकारियों को सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं.

एमपी में कोरोना कर्फ्यू को बढ़ा दिया गया है. साथ ही अधिकारियों को सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं.

Bhopal. सीएम शिवराज सिंह ने आज 18 जिलों की वर्चुअल मीटिंग लेकर कोरोना के हालात की समीक्षा की थी. बैठक के बाद प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया को ब्रीफ किया. उसमें उन्होंने ये जानकारी दी.

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भोपाल. मध्य प्रदेश कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ने के चलते अब सरकार ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. इसी के चलते अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 7 मई तक कोरोना कर्फ्यू बढ़ाने का ऐलान किया है. सीएम शिवराज सिंह ने आज 18 जिलों की वर्चुअल मीटिंग लेकर कोरोना के हालात की समीक्षा की थी. बैठक के बाद प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया को ब्रीफ किया. उसमें उन्होंने ये जानकारी दी.

गौरलब है कि मध्य प्रदेश में कोरोना के आज 12758 नये केस सामने आए. लेकिन उससे ज़्यादा 14156 लोग स्वस्थ होकर घर लौटे. प्रदेश में कुल 105 लोगों की मौत हो गयी और अभी प्रदेश भर में कोरोना के 92773 एक्टिव मरीज हैं.

इससे पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान हालात की समीक्षा के लिए 18 जिलों के अफसरों के साथ वर्च्युअल समीक्षा बैठक की. उन्होंने कहा संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए सख्ती जरूरी है. सभी को अपनी अपनी जिम्मेदारी निभानी पड़ेगी. कोरोना गाइड लाइन का सख्ती से पालन करें. जनता को जागरूक कर कर्फ्यू का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना ही होगा. सीएम ने कहा जनता कर्फ्यू कोई लॉकडाउन नहीं है. जनता का स्वयं संक्रमण से सुरक्षा के लिए लिया गया निर्णय है. प्रदेश की लगभग 90 प्रतिशत ग्राम पंचायतें, अपने गांवों में कोरोना कर्फ्यू लगाने का खुद ही संकल्प ले चुकी हैं.

इसके लिए उन्होंने अफसरों से लक्ष्य निर्धारित करने के लिए कहा. सीएम ने कहा कि जिलों में पॉजिटिविटी दर को तेजी से घटाना है. जहां-जहां संक्रमण अधिक है वहां माइक्रो कन्टेनमेंट एरिया बनाए जाएंगे. होम आइसोलेशन और कोविड केयर सेंटर में ही लोगों को स्वस्थ करने का लक्ष्य रखें. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना कर्फ्यू में सख्ती बढ़ाकर लोगों का अनावश्यक मूवमेंट बंद किया जाए. किल कोरोना अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन कर हर संभावित मरीज की पहचान करना होगी. अस्पताल में बेड्स, ऑक्सीजन और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें. नागरिकों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि और किल कोरोना-2 अभियान को प्राथमिकता दें.
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