भोपाल: आंकड़ों में गड़बड़झाला, 266 का कोविड प्रोटोकॉल से अंतिम संस्कार, सरकारी रिकॉर्ड में सिर्फ 11 मौतें!


विश्राम घाट और कब्रिस्तान के आंकड़ों के मुताबिक पिछले पांच दिन में 266 की मौत

विश्राम घाट और कब्रिस्तान के आंकड़ों के मुताबिक पिछले पांच दिन में 266 की मौत

Bhopal corona deaths: भोपाल में कोरोना से होने वाली मौतों के आंकड़े में बड़ी खामी सामने आई है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच दिनों में कोरोना से सिर्फ 11 लोगों की मौत हुई है जबकि शहर के विश्राम घाट और कब्रिस्तान से मिल रहे आंकड़े कोरोना की भयावह स्थिति को बता रहे हैं.

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भोपाल. राजधानी भोपाल में कोरोना से होने वाली मौतों के आंकड़े में बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है. पिछले 5 दिनों के मौत के आंकड़ों ने सरकार पर कई सवाल खड़े किए हैं. सरकार के आंकड़े में कोरोना से होने वाली मौत बहुत कम बताई जा रही हैं जबकि शहर के विश्राम घाट और कब्रिस्तान से मिल रहे आंकड़े

कोरोना की भयावह स्थिति को बता रहे हैं. पिछले 5 दिन यानि 8 अप्रैल से 12 अप्रैल के आंकड़े पर नजर डालें तो सरकारी आंकड़ों के अनुसार कुल 11 कोरोना मरीज की मौतें हुई है लेकिन शहर के मुख्य विश्राम घाट और कब्रिस्तान के आंकड़ों पर नजर डालें तो इन 5 दिनों में 266 शवों का अंतिम संस्कार कोरोना

प्रोटोकॉल से किया गया है. सबसे ज्यादा शवों का अंतिम संस्कार भदभदा विश्राम घाट में किया जा रहा है.

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क्या सरकार आंकड़ों को दबा रही है?

पहले सरकारी आंकड़ों को देखें तो 8 अप्रैल, 9 अप्रैल और 10 अप्रैल को कोरोना से एक-एक मरीज की मौत हुई है जबकि 11 अप्रैल को तीन, 12 अप्रैल को पांच मौत हुई हैं. इन 5 दिनों में सरकारी आंकड़ों के अनुसार कुल 11 लोगों की कोरोना से मौत हुई हैं. अब शहर के मुख्य विश्राम घाट भदभदा और सुभाष विश्राम घाट के साथ झदा कब्रिस्तान के आंकड़ों पर नजर डालें तो इन पिछले पांच दिनों में यहां पर अंतिम संस्कार के लिए कुल 426 शव पहुंचे. हैरत की बात है कि 426 शवों में से 266 शवों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम क्रिया की गई. इस प्रोटोकॉल का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है क्योंकि शवों के साथ आने वाले परिजन विश्राम घाट प्रबंधन को कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी देते हैं. यह आंकड़ा सरकारी आंकड़ों को झूठा साबित कर रहा है.

- 8 अप्रैल से 12 अप्रैल के बीच भदभदा विश्राम घाट पर सबसे ज्यादा 221 शव पहुंचे. 174 शवों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया गया.



-8 अप्रैल से 12 अप्रैल के बीच सुभाष विश्राम घाट पर 156 शव पहुंचे. 67 शवों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया गया.

-8 अप्रैल से 12 अप्रैल के बीच झदा कब्रस्तान में 49 शव पहुंचे. 25 शवों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया गया.

विश्राम घाट की ये है स्थिति

भदभदा और सुभाष विश्राम घाट में कोरोना से मरने वाले लोगों के अंतिम संस्कार के लिए जगह कम पड़ने लगी है. भदभदा विश्राम घाट कमेटी के अध्यक्ष अरुण चौधरी ने बताया कि अब 10 से 12 शवों के अंतिम संस्कार के लिए नई जगह तैयार की है. पहले 18 से 20 लाशों के अंतिम संस्कार की विश्राम घाट में व्यवस्था थी. अब विश्राम घाट परिसर में खाली पड़ी 2 एकड़ पर बुलडोजर चलाकर उसे अस्थाई रूप से विश्राम घाट में तब्दील किया जा रहा है. यहां पर 30 शवों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था की जाएगी. दो-तीन दिन में इस विश्राम घाट में 50 शवों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था हो सकेगी. वहीं सुभाष विश्राम घाट में खाली पड़े पार्क में अंतिम संस्कार की व्यवस्था की गई है. वहीं भदभदा विश्राम घाट कमेटी ने सचिव प्रमोद, ममतेश शर्मा ने जनता से शवयात्रा में 20 लोगों के आने की अपील की है. उन्होंने लकड़ी की जगह गोकाष्ट से अंतिम संस्कार करने की भी अपील की है. कमेटी के पदाधिकारियों ने यह भी अपील की है कि सरकार के द्वारा जो कोरोनावायरस गाइडलाइन जारी की गई है आम जनता उसका पालन भी करें.

आंकड़ों को लेकर बीजेपी-कांग्रेस में छिड़ी जंग

कोरोना से मरने वाले लोगों के आंकड़ों पर अब बीजेपी और कांग्रेस के बीच जंग छिड़ गई है. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि सरकार मौत के आंकड़ों में हेराफेरी कर रही है और कोरोना को लेकर गंभीर नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार अब कोरोना से नहीं बल्कि मौत के आंकड़ों से लड़ाई लड़ रही है. वहीं बीजेपी नेता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि सरकार कोरोना से लड़ाई लड़ रही है. संक्रमण को रोकने का प्रयास किया जा रहा है. मरीजों को ठीक किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सिर्फ घटिया राजनीति करती है. सरकार का प्रयास समाधान करने का है. जबकि कांग्रेस अराजकता फैलाने का काम करती है.
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