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MP: कोरोना ने बढ़ाई सरकार की टेंशन, सरकार ने माना- चिंताजनक हैं हालात

MP प्रदेश सरकार ने 3 लाख 84 हजार बेड की व्यवस्था कर रखी है.

MP प्रदेश सरकार ने 3 लाख 84 हजार बेड की व्यवस्था कर रखी है.

BHOPAL. MP में इससे पहले अक्टूबर 2020 में एक दिन में कोरोना के सबसे ज्यादा 2607 केस आए थे लेकिन अब 3 हजार से ज़्यादा नये मरीज एक दिन में मिल रहे हैं.

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भोपाल. पूरे देश की तरह मध्य प्रदेश (MP) में भी कोरोना के हालात चिंताजनक हो चले हैं. रोज 3 हजार नये केस आ रहे हैं. खुद प्रदेश के आला अफसरों ने माना कि कोरोना (Corona) के इतने केस पहले कभी नहीं आए जितने अब आ रहे हैं. हालात ऐसे हैं कि भोपाल में आज स्वास्थ विभाग के अपर प्रमुख सचिव मोहम्मद सुलेमान और गृह विभाग के अपर प्रमुख सचिव डॉ राजेश राजोरा ने प्रेस कॉफ्रेंस कर सरकारी इंतज़ाम और कोरोना अपडेट की जानाकरी मीडिया को दी.

अफसरों ने माना कि प्रदेश में कोरोना के कभी इतने केस नहीं आये जितने अब आ रहे हैं. देश में मध्य प्रदेश 7 वां राज्य है जहां सबसे ज्यादा पॉजिटिव केस मिल रहे हैं. देश में हमारा 3.4% एक्टिव केस का लोड है जो इससे पहले कभी नहीं रहा. हमारी पॉजिटिव दर जनवरी में 1.1% थी जो बढ़कर अब 10% हो गई है. पहले से ज्यादा ग्रोथ अब आ रही है.

रोज 3 हजार नये मरीज
अफसरों ने बताया कि 14 मार्च के बाद से कोरोना के नये मरीज़ मिलने का ग्राफ तेजी से बढ़ा है. लगभग 15 हजार केस एक हफ्ते में आ रहे हैं. पहले 15 हजार लोग टेस्टिंग के लिए आते थे अब 30 हजार से ज्यादा आ रहे हैं. इससे पहले अक्टूबर 2020 में सबसे ज्यादा एक दिन में 2607 केस आए थे लेकिन अब 3 हजार से ज़्यादा नये मरीज एक दिन में मिल रहे हैं.
अस्पतालों में बेड बढ़ेंगे


अफसरों ने बताया कि अस्पतालों में बेड की क्षमता बढ़ायी जा रही है. यह उपलब्धता हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती है. अस्पतालों में 27% मरीज़ फीसदी ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं. टेस्ट के लिए आने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है. महाराष्ट्र से 15 अप्रैल तक बस परिवहन पूरी तरह बंद है. पहली लहर में प्राइवेट अस्पतालों में कोविड मरीज न के बराबर थे लेकिन अब प्राइवेट अस्पतालों में सरकारी से ज्यादा मरीज भर्ती हैं.

सभी के लिए एक ही गाइड लाइन
पॉलिटिकल कार्यक्रम को लेकर पूछे गए सवाल पर ACS होम डॉ राजौरा बोले सभी तरह के कार्यक्रम में एक ही गाइड लाइन है. सभी से गाइड लाइन का पालन करने के लिए कहा जा रहा है. 42 लाख 43 हजार वैक्सीन हम अभी तक लगा चुके हैं. RT-PCR टेस्ट की दर मप्र में 700 रुपये है.

कोई गारंटी नहीं
वैक्सीन को लेकर पूछे गए सवाल पर अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने कहा-इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि वैक्सीन लगने के बाद क़ोरोना नहीं हो सकता. हमें उसके बाद भी मास्क और सोशल डिस्टेंस बनाकर रखना है. दो डोज़ लगाने के बाद आप सेफ़ रहेंगे. उन्होंने कहा सोशल मीडिया पर कुछ भी अफ़वाह रहती है आप इस पर ध्यान ना दें. अफवाहों से बचें

मास्क न पहनने पर दो करोड़ का चालान
राजेश राजौरा ने बताया कि मास्क नहीं लगाने पर सख्ती की जा रही है. लोगों का चालान काटा जा रहा है. पूरे प्रदेश में अब तक 1 लाख 61 हजार लोगों के चालान काटे जा चुके हैं. इससे 1 करोड़ 85 लाख की वसूली हुई है. नियमों का पालन नहीं करने पर 636 प्रतिष्ठान सील किए गए हैं. करीब 1600 FIR दर्ज की गई हैं.

वैक्सीन सप्लाई और डिमांड दोनों चुनौती
मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि भोपाल में हम वैक्सीन लगाने के टारगेट को पूरा नहीं कर पा रहे हैं. इसलिए इसमें सहयोग के लिए प्राइवेट सेक्टर को मोटिवेट करना हमनें शुरू कर दिया है. पहले भोपाल में केवल 3 स्थानों प्राइवेट अस्पतालों में इलाज होता था. अब भोपाल में 40 प्राइवेट स्थानों पर इलाज मिल रहा है.

मप्र में एक्टिव केस में तेजी से इजाफा
अफसरों ने माना कि प्रदेश में कोरोना एक्टिव मरीज़ों की दर भी तेज़ी से बढ़ रही है. देशभर में एक्टिव केसों में से म प्र के 3.5 % केस हैं. जबकि पिछले साल ये दर 3% से ज्यादा नहीं पहुंची थी. उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने 3 लाख 84 हजार बेड की व्यवस्था कर रखी है.
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