लाइव टीवी

कोर्ट ने खारिज किया शिवराज सिंह चौहान का मानहानि केस, ये है पूरा मामला

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: January 6, 2020, 9:47 PM IST
कोर्ट ने खारिज किया शिवराज सिंह चौहान का मानहानि केस, ये है पूरा मामला
मानहानि मामले में भोपाल कोर्ट ने खारिज की शिवराज की याचिका

भोपाल जिला अदालत (Bhopal District Court) ने कांग्रेस नेता केके मिश्रा (KK Mishra) के खिलाफ लगाए गए शिवराज सिंह चौहान के मानहानि (Defamation) परिवाद को खारिज कर दिया है. व्यापमं घोटाले में लगाए गए गंभीर आरोपों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने मानहानि का परिवाद दायर किया था

  • Share this:
भोपाल. प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी रोहित श्रीवास्तव ने आज कांग्रेस नेता केके मिश्रा के खिलाफ मानहानि परिवाद में सुनवाई करते हुए उसे खारिज किया. प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रहते हुए केके मिश्रा ने पार्टी कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए व्यापमं महाघोटाले (Vyapam Scam) को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) पर दस्तावेजी प्रमाणों के साथ गंभीर आरोप लगाए थे. इस मामले पर पहला परिवाद राज्य सरकार की तरफ से दायर किया था, जिसमें कोर्ट ने केके मिश्रा को सजा सुनाई थी. मिश्रा ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी और सुप्रीम कोर्ट ने जिला कोर्ट के फैसले को निरस्त कर दिया था. इसके बाद शिवराज ने व्यक्तिगत मानहानि का दावा करते हुए जिला कोर्ट में परिवाद दायर किया जिसे अब जिला कोर्ट ने खारिज कर दिया है.

राज्य की ओर से दायर किया गया था केस
केके मिश्रा के गंभीर आरोपों को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल जिला अदालत में राज्य सरकार की तरफ से मानहानि परिवाद दायर किया था. इस परिवाद में राज्य सरकार परिवादी थी. परिवाद पर सुनवाई करते हुए एडीजे काशीनाथ सिंह की अदालत ने केके मिश्रा को 2 साल की सजा और 25 हज़ार रुपए अर्थदंड की सज़ा सुनाई थी. मिश्रा ने इस फैसले के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी.

सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया था भोपाल कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन न्यायाधिपति रंजन गोगोई और आर भानुमति की पीठ ने केके मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए अपने पारित आदेश में 2018 में जिला कोर्ट भोपाल के फैसले को निरस्त करते हुए अर्थदंड की राशि भी मिश्रा को लौटाने के आदेश दिए थे. कोर्ट ने फैसले को निरस्त करने के पीछे तर्क दिया था कि इससे राज्य सरकार की कोई मानहानि नहीं हुई है.

भोपाल कोर्ट ने खारिज कर दिया शिवराज का केस
कानून के प्रावधान के तहत शिवराज सिंह चौहान ने व्यक्तिगत तौर पर भोपाल जिला कोर्ट में फिर केके मिश्रा के खिलाफ मानहानि का दावा लगाया. केके मिश्रा के वकील संदीप गुप्ता और उनके सहयोगी वकीलों ने इस परिवाद की सुनवाई में कई तर्क कोर्ट के सामने रखे. इस परिवाद का कोर्ट में बड़ी तकनीकी त्रुटि बताते हुए विरोध भी किया गया. आज प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी रोहित श्रीवास्तव ने मिश्रा की आपत्ति को स्वीकार करते हुए शिवराज सिंह चौहान के मानहानि परिवाद को खारिज़ कर दिया.मिश्रा ने कोर्ट के फैसले को न्याय की जीत बताया
अपने पक्ष में आज आये इस फैसले पर केके मिश्रा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह देश मे प्रचलित न्याय व्यवस्था की जीत है.

ये भी पढ़ें -
मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाला मामले में MP STF ने दर्ज की 4 नई FIR
JNU मामले को लेकर भोपाल में NSUI का प्रदर्शन, कांग्रेस ने की कड़ी आलोचना

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए भोपाल से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 6, 2020, 9:42 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर