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भोपाल गैंगरेप में 26 गवाहों के बयान दर्ज, 7 दिनों में आ सकता है फैसला

Manoj Rathore | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: December 8, 2017, 9:10 AM IST
भोपाल गैंगरेप में 26 गवाहों के बयान दर्ज, 7 दिनों में आ सकता है फैसला
देश को हिला देने वाले मध्य प्रदेश के भोपाल में यूपीएससी की तैयारी कर रही छात्रा से गैंगरेप मामले में सात दिन के अंदर फैसला आ सकता है.
Manoj Rathore | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: December 8, 2017, 9:10 AM IST
देश को हिला देने वाले मध्य प्रदेश के भोपाल में यूपीएससी की तैयारी कर रही छात्रा से गैंगरेप मामले में सात दिन के अंदर फैसला आ सकता है.

कोर्ट में आरोप तय होने के बाद मामले में ट्रायल शुरू हो गया था. पुलिस ने सभी 26 गवाहों के बयान कर दिए हैं. गवाही पूरी होने के बाद अब सात दिन के अंदर कोर्ट आरोपियों के खिलाफ अपना फैसला सुना सकती है.

कोर्ट में मामले की जांच कर रही एसआईटी ने मेडिकल रिपोर्ट के साथ सभी तकनीकी साक्ष्य भी पेश कर दिए हैं. गैंगरेप की घटना के 15 दिन में पुलिस ने चार्जशीट पेश कर दी थी. चार्जशीट पेश होने के बाद आरोपियों के खिलाफ आरोप भी तय हुए थे.

चारों आरोपी अभी सेंट्रल जेल भोपाल में बंद है. एक सप्ताह के अंदर ये फैसला आ सकता है. ये मध्य प्रदेश का पहला ऐसा फैसला होगा, जिसमें एक महीने के अंदर किसी घटना में फैसला आएगा.

क्या है पूरा मामला
31 अक्टूबर की देर शाम भोपाल आरपीएफ में पदस्थ एएसआई की बेटी के साथ चार आरोपियों ने गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया. घटना हबीबगंज आरपीएफ चौकी के पास हुई. पीड़िता ने परिजनों के साथ खुद एक आरोपी को पकड़ा और पुलिस के हवाले किया.

पुलिस ने गैंगरेप के करीब 24 घंटे बाद केस दर्ज किया. बाद में जीआरपी ने फरार चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

राजधानी में प्रशासनिक परीक्षा की कोचिंग करने आई एक युवती को कुछ दरिंदों ने अपनी हवस का शिकार बना डाला. प्रारंभिक तौर पर पुलिस की लापरवाही के चलते आरोपी दो दिन बाद पकड़े जा सके.

पुलिस के अनुसार, 31 अक्टूबर की रात पूजा (काल्पनिक नाम) कोचिंग से अपने कमरे को लौट रही थी. इसके लिए उसने हबीबगंज रेलवे स्टेशन के पास से बना अस्थायी रास्ता पकड़ा. आमतौर पर लोग रेल पटरी को पारकर इस रास्ते से जाते हैं.

पुलिस के मुताबिक, जब पूजा रेल पटरी पार कर रही थी, तभी चार युवक उसे पकड़कर झाड़ियों में ले गए और अपनी हवस का शिकार बना डाला. युवती के माता-पिता दोनों पुलिस में हैं और भोपाल से बाहर पदस्थ हैं.

गैंगरेप की घटना के बाद पीड़ित और उसके परिजन भटकते रहे.
> घटना के दूसरे दिन 1 नवंबर की सुबह 10 बजे पीड़ित माता-पिता के साथ एमपी नगर थाने पहुंची.
> एमपी नगर का थाना स्टाफ पीड़ित और परिजन को लेकर घटना स्थल पर पहुंचा.
> थाना क्षेत्र का मामला होने के कारण पुलिस स्टॉफ ने पीड़ित और परिजनों को हबीबगंज थाने भेज दिया.
> एमपी नगर थाने के स्टाफ ने घटना के निरीक्षण के बाद पीड़ित और उसके माता-पिता के बयान भी लिए.
> 5 घंटे की खानापूर्ति के बाद पुलिस के कहने पर शाम 4 बजे पीड़ित छात्रा हबीबगंज पुलिस थाने पहुंची.
> हबीबगंज टीआई पीड़ित और उसके परिजन को लेकर फिर घटना स्थल पहुंचे.
> घटना की सूचना मिलने पर पुलिस के एएसपी, सीएसपी, जीआरपी, आरपीएफ स्टाफ भी मौके पर आ गया.
> पुलिस की तमाम खानापूर्ति की कार्रवाई के बाद आखिर में हबीबगंज जीआरपी थाने में ही शाम 7 बजे एफआईआर दर्ज हुई.
> भोपाल पुलिस की वजह से पीड़ित और उसके माता-पिता पूरे 9 घंटे परेशान होते रहे.
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