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Bhopal News: बैंक में नौकरी का झांसा देकर 50 लाख की ठगी, ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

बैंक में नौकरी के नाम 50 लाख की ठगी, भोपाल पुलिस ने UP से पकड़ा गिरोह (सांकेतिक तस्वीर)

बैंक में नौकरी के नाम 50 लाख की ठगी, भोपाल पुलिस ने UP से पकड़ा गिरोह (सांकेतिक तस्वीर)

भोपाल क्राइम ब्रांच ने बैंक में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस मामले में तीन आरोपियों को यूपी से गिरफ्तार किया है. गिरोह ने दिल्ली और यूपी के मैनपुरी में कॉल सेंटर बना रखे थे.

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भोपाल. भोपाल ( Bhopal) क्राइम ब्रांच ( crime branch) ने बैंक में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस मामले में तीन आरोपियों को यूपी से गिरफ्तार किया है. गिरोह ने दिल्ली और यूपी के मैनपुरी (Mainpuri) में कॉल सेंटर बना रखे थे. इन्हीं कॉल सेंटर के जरिए आरोपी नौकरी का झांसा देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे. प्रदेश के 100 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया है. इनका नेटवर्क पूरे देश भर में फैला हुआ है. आरोपियों से पूछताछ की जा रही है.

पुलिस अधीक्षक दक्षिण साईं कृष्णा थोटा ने बताया कि क्राइम ब्रांच को शिकायत मिली थी कि यूपी के रहने वाले आरोपियों ने ऑनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम दिया है. गिरोह ने एक व्यक्ति को नौकरी दिलाने के नाम पर उससे करीब 50 हजार रुपए ठग लिये हैं.  आरोपियों ने बैंक में नौकरी लगाने का झांसा दिया था. इस शिकायत की जांच पर यूपी से गिरोह के सदस्य आदित्य यादव, मनीष चौहान और भूपेन्द्र राठौर निवासी जिला मैनपुरी को पकड़ा गया.

एक साल से चला रहे थे कॉल सेंटर
गिरोह का नेटवर्क पूरे देश भर में फैला हुआ है. पूछताछ में आरोपियों ने प्रदेश के 100 लोगों से 50 लाख से ज्यादा की ठगी करना कबूला है. आरोपी पिछले 1 साल से कॉल सेंटर का संचालन कर रहे थे. इसी कॉल सेंटर के जरिए आरोपी लोगों से संपर्क कर उन्हें अपनी ठगी का शिकार बनाते थे. आरोपियों खुद को बैंक के अधिकारी बताते थे और आईसीआईसीआई और एचडीएफसी बैंक में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे.
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम


आरोपी क्विकर वेबसाईट के माध्यम से डेटा खरीदते थे. डाटा के आधार पर आम लोगों को कॉल करते थे. आईसीआईसीआई और एचडीएफसी बैंक में डाटा एंट्री और अन्य पदों पर नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी बैंक अधिकारी बनकर आवेदकों से उसके दस्तावेज मंगवाते थे. इसके बाद आरोपी बोलते थे कि आपको बैंक में नौकरी के लिये चयनित कर लिया गया है. यदि आप नौकरी करना चाहते है तो आपको रजिस्ट्रेशन फीस देनी पड़ेगी. जिसे आरोपी अपने फर्जी गुगल पे और पेटीएम एकाउण्ट में डलवा लेते थे. उसके बाद खाता खुलवाने सत्यापन राशि और अन्य सिक्योरिटी चार्ज के नाम पर और पैसे फरियादी से फर्जी खातों में डलवाते थे. आरोपियों के पास से 32500 रुपये फ्रीज किये गये. छह  मोबाईल फोन और 7 सिम के साथ अन्य दस्तावेजों को जप्त किया गया है.
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