MP में 'स्क्रीन शेयरिंग एप्लिकेशन' से हो रही ऑनलाइन ठगी, साइबर क्राइम ने जारी की एडवाइजरी

गूगल सर्च से मिले किसी सर्विस या कंपनी के कस्‍टमर केयर नंबर पर बात करने से पहले सावधान हो जाइए. आप ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं (प्रतीकात्मक तस्वीर)
गूगल सर्च से मिले किसी सर्विस या कंपनी के कस्‍टमर केयर नंबर पर बात करने से पहले सावधान हो जाइए. आप ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं (प्रतीकात्मक तस्वीर)

भोपाल साइबर क्राइम (Cyber Crime) या राज्य साइबर सेल को स्क्रीन शेयरिंग एप्लिकेशन (Screen Sharing Application) के जरिए ऑनलाइन धोखाधड़ी (Online Fraud) होने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं. साइबर पुलिस ने जब इसकी जांच की तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए. यह ठगी का नया तरीका है, जिसमें लोग खुद ही शातिरों के जाल में फंस जाते हैं

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भोपाल. ऑनलाइन ठगी (Online Fraud) के कई तरह के मामलों को आपने सुना और पढ़ा होगा. लेकिन मौजूदा दौर में हाइटेक हो चले साइबर शातिरों (Cyber Criminals) ने ठगी करने का लेटेस्ट तरीका निकाला है. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में अब यह शातिर ठग स्क्रीन शेयरिंग एप्लिकेशन (Screen Sharing Application) के जरिए लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं. प्रदेश में इन शातिर ठगों ने अपना जाल फैला रखा है. लगातार बढ़ रही वारदातों को लेकर साइबर क्राइम ने एडवाइजरी (Advisory) जारी की है.

भोपाल साइबर क्राइम हो या फिर राज्य साइबर सेल, सभी जगह मौजूदा दौर में स्क्रीन शेयरिंग एप्लिकेशन के जरिए ऑनलाइन धोखाधड़ी होने की शिकायतें मिल रही हैं. इन शिकायतों की जब साइबर पुलिस ने जांच की तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए. यह ठगी का नया तरीका है, जिसमें लोग खुद ही शातिरों के जाल में फंस जाते हैं.

वारदात का तरीका बेहद शातिर 



आम जनता कई तरीके की सर्विसेस को जानने के लिए और उस तक पहुंचने के लिए गूगल सर्च इंजन पर उनकी जानकारी जुटाती है. यही जानकारी लोगों को इस ठगी की ओर ले जाती है. लोग अक्सर गूगल सर्च इंजन पर ऑनलाइन सर्विसेज जैसे टिकट बुक करना, होटल की बुकिंग, गैस एजेंसी का नंबर सर्च करना, कंपनियों के कस्टमर केयर नंबर सर्च करना और पेटीएम केवाईसी के नाम पर मोबाइल नंबर सर्च करते हैं. बाद में वो लोग उन मोबाइल नंबरों को सही मानकर अपनी समस्या बताते हैं.
मध्य प्रदेश साइबर पुलिस ने लोगों को ऑनलाइन ठगी के प्रति आगाह करते हुए एडवाइजरी जारी की है


इसका फायदा उठाकर ऑनलाइन ठग लोगों से उनके मोबाइल फोन पर एडवांस बुकिंग के नाम पर स्क्रीन शेयरिंग एप्लिकेशन जैसे quick support, any desk, team viewer आदि डाउनलोड करवा लेते हैं. इन एप्लिकेशन से आपका मोबाइल ऑनलाइन ठगों के कंट्रोल में रहता है. इसके बाद वो आपके मोबाइल फोन में डाउनलोड फोन पे, गूगल पे, भीम एप और अन्य वित्तीय लेन-देन के एप्लिकेशन से पैसे निकाल कर ठगी करते हैं.

ऑनलाइन ठगी के तरीके से ऐसे बचें

- ठगी के इस नए तरीके से बचने के लिए भोपाल साइबर क्राइम ने एक एडवाइजरी जारी की है.
- इस एडवाइजरी के तहत यदि आवश्यकता ना हो तो स्क्रीन शेयरिंग एप्लिकेशन डाउनलोड ना करें.
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन पेटीएम का केवाईसी अपडेट ना करवाएं.
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन पेटीएम और अन्य वॉलेट केवाईसी अपडेट ना कराएं.
- संबंधित सेंटर पर जाकर अधिकृत व्यक्ति से ही अपडेट कराएं.
- किसी अनजान व्यक्ति के द्वारा भेजे गए लिंक को ओपन ना करें.
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