तनिष्क ज्वेलर्स के गिफ्ट वाउचर का डाटा चुरा रहे थे ये ठग, अब तक लगा चुके लाखों की सेंध

सायबर सेल (cyber cell) ने इस अपराध के सामने आने के बाद एक एडवाइजरी जारी की है. इसमें कहा गया है कि जिन लोगों को गिफ्ट वाउचर (gift vouchers) इशू किए गए हैं वो डिटेल सुरक्षित रखें.
सायबर सेल (cyber cell) ने इस अपराध के सामने आने के बाद एक एडवाइजरी जारी की है. इसमें कहा गया है कि जिन लोगों को गिफ्ट वाउचर (gift vouchers) इशू किए गए हैं वो डिटेल सुरक्षित रखें.

सायबर सेल (cyber cell) ने इस अपराध के सामने आने के बाद एक एडवाइजरी जारी की है. इसमें कहा गया है कि जिन लोगों को गिफ्ट वाउचर (gift vouchers) इशू किए गए हैं वो डिटेल सुरक्षित रखें.

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भोपाल.मध्य प्रदेश (MP) सायबर सेल ने एक ऐसे अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो तनिष्क ज्वेलर्स के गिफ्ट वाउचर का डाटा चोरी कर लाखों के नकली गिफ्ट वाउचर बनाकर ठगी (Thug) रहे थे. यह देश में अपनी तरह का पहला अपराध है.

शातिर ठगों का ये गिरोह ठगी में जाली आधार कार्ड और पैन आईडी का उपयोग करता था और देशभर में तनिष्क ज्वेलर्स की शाखाओं के नाम से वारदात को अंजाम देता था. गिरोह के सदस्य गिफ्ट वाउचर के ज़रिए ऑनलाइन और ऑफलाइन ठगते थे. इस मामले में तनिष्क शोरूम का एक कर्मचारी मास्टर माइंड है. वो शोरूम के सॉफ्टवेयर से गिफ्ट वाउचर चुराकर देता था और फिर गिरोह नकली गिफ्ट वाउचर बनाकर उसे प्रिंट करता था.

ऐसे किया गिरोह का पर्दाफाश
राज्य सायबर सेल को शिकायत मिली थी कि फर्जी गिफ्ट वाउचर का उपयोग कर अज्ञात व्यक्ति ने तनिष्क ज्वेलर्स शोरूम भोपाल के सात लाख 69 हजार के आभूषण की धोखाधड़ी की है. सायबर सेल एसपी गुरु करन सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया था कि आरोपियों ने पहले भी यूपी के सुल्तानपुर, फैजाबाद जौनपुर में स्थित तनिष्क शोरूम में इसी तरह से अपराध को अंजाम दिया है. सायबर सेल ने आरोपियों की पहचान कर ली थी. उनकी तलाश वाराणसी और बिहार के कई जिलों में की गई. पुलिस टीम ने वाराणसी से एक आरोपी को गिरफ्तार किया. जबकि दो आरोपियों को रांची में वारदात कर बिहार लौटते समय पकड़ा.
लाखों की कर चुके थे ठगी


आरोपियों से तनिष्क शोरूम से ठगी किया गया 70 लाख रुपए कीमत का 137 ग्राम सोना और रांची के तनिष्क शोरूम से ठगा गया 52 लाख 50 हजार रुपए का 86 ग्राम का सोने का सिक्का बरामद किया है. सायबर सेल इस मामले की जांच कर रही है.इस मामले से जुड़े दूसरे आरोपियों की गिरफ्तारी होने की संभावना है.

आरोपियों के निशाने पर थे ये स्टेट
गुरु करन सिंह ने बताया कि इस मामले में फर्जी गिफ्ट वाउचर छापने वाले आरोपी की पहचान कर ली गयी है. उसकी गिरफ्तारी जल्द की जाएगी. डाटा चोरी कर गिफ्ट वाउचर के ज़रिए ठगने का देश में यह पहला मामला है. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आने वाले समय में गिरोह के सदस्य गुजरात, महाराष्ट्र और बिहार के तनिष्क शोरूम से करीब नब्बे लाख रूपए के गिफ्ट वाउचर चुराने वाले थे. आरोपी की पहचान वाराणसी में रहने वाले संचित अग्रवाल और यूपी के ही अजीत कुमार और विकास मोर के रूप में हुई है.

सायबर सेल ने जारी की गाइडलाइन
सायबर सेल ने इस अपराध के सामने आने के बाद एक एडवाइजरी जारी की है. तनिष्क शोरूम संचालक और आम जनता के नाम जारी एडवायजरी में कहा गया है कि जिन लोगों को गिफ्ट वाउचर इशू किए गए हैं वो डिटेल सुरक्षित रखें.

- तनिष्क शोरूम संचालक गिफ्ट वाउचर रिडीम करते समय निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें.

- गिफ्ट की जांच कर संतुष्ट होने पर ही रिडीम करें.गिफ्ट वाउचर डिटेल दिखाने वाले सॉफ्टवेयर की सिक्यूरिटी निर्धारित करें. ताकि इस तरह के अपराध ना हों.
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