कोरोना पर मध्य प्रदेश के लिए राहत भरी खबर, एक दिन में 10 हजार के नीचे आए नए केस

मध्य प्रदेश में कोरोना वृद्धि दर 1.8 प्रतिशत है जबकि पॉजिटिविटी रेट 15.8 प्रतिशत रह गई है (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश में कोरोना वृद्धि दर 1.8 प्रतिशत है जबकि पॉजिटिविटी रेट 15.8 प्रतिशत रह गई है (फाइल फोटो)

कोरोना वायरस (Corona Virus) को लेकर सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने कहा कि गांव-गांव और शहर-शहर में व्यापक रूप से जनसहयोग से 'किल कोरोना' अभियान चलाकर और कोरोना कर्फ्यू का सख्ती से पालन कर संक्रमण की चेन को पूरी तरह से तोड़ना है. साथ ही प्रारंभिक स्थिति में ही हर संक्रमित मरीज की पहचान कर उसे दवाएं देकर स्वस्थ करना है

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भोपाल. मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण (Corona Virus) के सरकारी आंकड़ों में लगातार कमी आ रही है. सोमवार को प्रदेश में संक्रमण के मामले 10 हजार के नीचे आ गए हैं. चौबीस घंटे में यहां नए 9,715 केस सामने आए. कोरोना वृद्धि दर 1.8 प्रतिशत है जबकि पॉजिटिविटी रेट (Positivity Rate) 15.8 प्रतिशत रह गई है. साप्ताहिक वृद्धि दर में भी कमी आयी है, यह 17.8 प्रतिशत हो गई है. सोमवार को कोरोना के 7,324 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दे दी गई. वहीं, राज्य में कोरोना के एक्टिव मरीजों (Corona Active Cases) की संख्या एक लाख 11 हजार 223 हो गई है.

कोरोना को लेकर सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने कहा कि गांव-गांव और शहर-शहर में व्यापक रूप से जनसहयोग से 'किल कोरोना' अभियान चलाकर और कोरोना कर्फ्यू का सख्ती से पालन कर संक्रमण की चेन को पूरी तरह से तोड़ना है. साथ ही प्रारंभिक स्थिति में ही हर संक्रमित मरीज की पहचान कर उसे दवाएं देकर स्वस्थ करना है.

फंगल इंफेक्शन पर अलर्ट

वहीं, फंगल इंफेक्शन की खबरें सामने आने के बाद सरकार अलर्ट हो गयी है. सीएम शिवराज सिंह ने निर्देश दिए हैं कि कुछ कोरोना मरीजों में हो रहे फंगल इंफेक्शन पर भी ध्यान दिया जाए. भारत सरकार द्वारा इस संबंध में एडवाइजरी जारी की गई है, फंगल इंफेक्शन के इलाज के लिए उसे फॉलो किया जाए. साथ ही होम आइसोलेशन के मरीजों का भी पूरा ध्यान रखा जाए. नि:शुल्क मेडिकल किट के साथ रोज डॉक्टर की सलाह दी जाए.
ऑक्सीजन को लेकर गुड न्यूज़

सरकारी आंकड़ों में प्रदेश में ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर भी अच्छी खबर है. मुख्यमंत्री ने ऑक्सीजन की बेहतर व्यवस्था के लिए पूरी टीम को बधाई दी. सरकार का दावा है कि प्रदेश में आवश्यकता के अनुसार रोज ऑक्सीजन प्राप्त हो रही है और यह सभी जिलों को उपलब्ध हो रही है. रविवार को भारत सरकार के 583 एम.टी ऑक्सीजन के कोटे में 465 एम.टी ऑक्सीजन प्राप्त हुई. इसके अलावा लगभग 100 एम.टी ऑक्सीजन प्रदेश में उपलब्ध है.

जिलेवार समीक्षा में पाया गया कि ग्वालियर जिले की कोरोना ग्रोथ रेट 2.2 प्रतिशत तथा सात दिन की औसत पॉजिटिविटी रेट 24.3 प्रतिशत है. जबकि प्रदेश में अन्य जिलों में संक्रमण कम हो रहा है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ग्वालियर पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए. साथ ही शिवपुरी और दतिया जिले पर भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए. शिवपुरी की कोरोना ग्रोथ रेट 3.1 प्रतिशत तथा सात दिन की औसत पॉजिटिविटी 25.8 प्रतिशत है. वहीं, दतिया की ग्रोथ रेट दो प्रतिशत तथा सात दिन की पॉजिटिविटी 17.8 प्रतिशत है.



रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने वालों पर एक्शन

मघ्य प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन की भी पर्याप्त आपूर्ति का भी दावा किया जा रहा है. स्वास्थ्य आयुक्त आकाश त्रिपाठी ने बताया कि राज्य को अभी तक एक लाख 88 हजार 451 रेमडेसिविर मिले जिनमें से 99,727 निजी अस्पतालों को और 88,724 शासकीय अस्पतालों को उपलब्ध कराए गए. वहीं, नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने के मामले में सोमवार को 18 लोगों के विरूद्ध कार्रवाई की गई. इनमें इंदौर में 10, उज्जैन में दो और जबलपुर में छह व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.

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