कोरोना काल में ऑक्सीजन की किल्लत : क्या है उपलब्धता, सप्लाई और जरूरत का गणित इस खबर से समझिए....

कोरोना के ताजा हालात में एमपी को रोज 400 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की ज़रूरत है.

कोरोना के ताजा हालात में एमपी को रोज 400 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की ज़रूरत है.

Bhopal. मध्य प्रदेश को हर दिन 400 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत है. जबकि सरकार कह रही है कि प्रदेश को 14 अप्रैल तक 280 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उपलब्ध हो रही है

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भोपाल. मध्यप्रदेश (MP) में तेजी के साथ बढ़ रहे कोरोना संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन मिलना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. सरकार हर मोर्चे पर तैनात होकर कोशिश कर रही है कि हर मरीज़ को ऑक्सीजन (Oxygen) मिल जाए. लेकिन प्रदेश के ज्यादातर निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत की शिकायतें और खबरें बाहर आ रही है.

प्रदेश को हर दिन 400 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत है. जबकि सरकार कह रही है कि प्रदेश को 14 अप्रैल तक 280 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उपलब्ध हो रही है. 8 अप्रैल को प्रदेश में 130 मीट्रिक तक ऑक्सीजन की उपलब्धता थी जो अब दोगुना से ज्यादा होकर 280 मीट्रिक टन हो गई है.

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मशीन के बाद हेलिकॉप्टर मंगाया जाएगा.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के मंत्रियों से फोन पर चर्चा की है. मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रेल मंत्री से ऑक्सीजन टैंकर को मालगाड़ी पर लादकर लाने की व्यवस्था पर चर्चा की है. मुख्यमंत्री ने कहा ऑक्सीजन के टैंकर को ट्रैक करने में समय लग जाता है. टैंकरों में पुलिस को बैठाया गया है. केंद्र सरकार से भी सहयोग लिया जा रहा है. 180 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन हमें मिल गई है जो वातावरण की ऑक्सीजन खींच लेती हैं. 4 ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर यूनिट लगाई जा रही हैं. यदि हेलीकॉप्टर की भी जरूरत होगी तो उसका इस्तेमाल किया जाएगा.

हर तरफ से ऑक्सीजन मंगवायी

सरकार का दावा है कि गुजरात से नियमित तौर से 120 मीट्रिक टन, भिलाई से 80 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की व्यवस्था की गयी है. सप्लाई के लिए टैंकरों की अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है. प्रदेश में 300 मीट्रिक टन प्रतिदिन ऑक्सीजन मिले इसका इंतजाम किया जा रहा है. आने वाले दिनों में जरूरत के मुताबिक ऑक्सीजन मिले इसकी भी व्यवस्था की जा रही है. राउरकेला से अतिरिक्त ऑक्सीजन लेने की कोशिश हो रही है. भिलाई से 16 अतिरिक्त टैंकर की व्यवस्था की गई है. मुख्यमंत्री ने दावा किया है कि प्रदेश में आज की तारीख में 280 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उपलब्ध है.



प्राइवेट अस्पतालों में किल्लत

एमपी के 70 फीसदी निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत बताई जा रही है. प्रमुख मेडिकल कॉलेजों से जुड़े सरकारी अस्पतालों को छोड़कर ज्यादातर निजी अस्पतालों में डिमांड से कम ऑक्सीजन की सप्लाई हो रही है. गंभीर मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण 400 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत महसूस की जा रही है. जबकि उपलब्ध है सिर्फ 280 मीट्रिक टन ऑक्सीजन. सरकार कई दूसरे राज्यों से भी ऑक्सीजन सप्लाई के लिए संपर्क कर रही है.



ऑक्सीजन पर पहरा

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा सरकार का ज्यादातर समय ऑक्सीजन के टैंकर को ट्रैक करने में लग रहा है. पुलिस व्यवस्था बैठाई गई है. केंद्र सरकार से भी सहयोग लिया जा रहा है. रेलवे, हेलिकॉप्टर जिस तरीके से ऑक्सीजन की सप्लाई हो सकती है उसके प्रयास किए जा रहे हैं.
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