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किसकी होगी भोपाल सीट? बीजेपी बचा पाएगी गढ़ या कांग्रेस का होगा सूखा खत्म

फाइल फोटो
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भोपाल लोकसभा क्षेत्र में कुल मतदाता 21 लाख 41 हजार मतदाता हैं. इनमें पुरुष मतदाता 11 लाख 20 हजार और महिला मतदाता 10 लाख 20 हजार हैं. मतदाताओं में करीब 5 लाख मुस्लिम वोटर्स हैं, जबकि 12 लाख हिंदू वोटर्स हैं.

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प्रदेश के साथ पूरे देश की नजरें भोपाल लोकसभा सीट पर टिकी हुई हैं. देश की सबसे हॉट और चर्चित हो चुकी इस सीट पर इस बार कांग्रेस और बीजेपी दोनों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है. बीजेपी के सामने अपने इस गढ़ को बचाने की चुनौती है तो कांग्रेस अपना सूखा खत्म करने के लिए इस बार मैदान में उतरी है.

देश भर में हो रहे आम चुनाव के उलट भोपाल के लोकसभा चुनाव की तस्वीरें कुछ अलग रहीं. यहां बयानों की स्ट्राइक से लेकर हार्ड हिंदुत्व बनाम साफ्ट हिंदुत्व की लड़ाई में तब्दील हो गया. कांग्रेस के दिग्गज नेता को भोपाल सीट पर उतारकर कांग्रेस ने 'दिग्विजयी' दांव खेला, तो बीजेपी ने साध्वी को मैदान में खड़ा कर बड़ी चुनौती दे डाली. दिग्विजय के चुनाव प्रचार के मुकाबले देर से नाम के ऐलान पर साध्वी ने हार्ड हिंदुत्व के चेहरे के जरिए माहौल को सबसे ज्यादा गरम बना दिया.





प्रज्ञा ठाकुर ने चुनाव प्रचार के साथ ही मुंबई के आतंकी हमले में शहीद हेमंत करकरे की शहादत पर सवाल खड़े कर उनके श्राप का नतीजा बताया...तो अयोध्या में विवादित बाबरी मस्जिद ढांचा गिराने में शामिल होने का बयान देकर सियासी बवाल खड़ा कर दिया. हालांकि साध्वी के बयानों पर चुनाव आयोग का चाबुक भी चला और पहले एक मामले में एफआईआर और फिर 72 घंटे का बैन लगा दिया. हालांकि बीजेपी की ओंर से साध्वी के समर्थन में पार्टी के दिग्गज नेताओं ने मोर्चा संभाला और शिवराज से लेकर अमित शाह ने रोड शो के जरिए बीजेपी का माहौल बनाने की कोशिश की.


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हालांकि प्रज्ञा सिंह ठाकुर के मुकाबले दिग्विजय ने प्रचार में मर्यादा बनाए रखी. भोपाल के विजन डाक्यूमेंट के जरिए वोटरों को साधने की कोशिश की. हालांकि दिग्विजय ने प्रचार के दौरान मंदिर-मंदिर जाकर अपनी हिंदूवादी छवि को चमकाने की कोशिश की और कांग्रेस के तमाम बड़े नेता दिग्विजय को सबसे बड़ा हिंदूवादी चेहरा बताने से नहीं चूके. सिर्फ इतना ही नहीं बीजेपी के हार्ड हिंदुत्व के जवाब में शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती से लेकर कंप्यूटर बाबा ने मोर्चा संभाला और हठ योग के जरिए दिग्विजय को जिताने का दम भरा. दिग्विजय के समर्थन में आधा दर्जन मंत्री प्रचार की जिम्मा संभाले रहे तो वहीं दिग्विजय भोपाल के विकास के लिए लोगों से वोट मांगे.



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भोपाल लोकसभा क्षेत्र में कुल मतदाता 21 लाख 41 हजार मतदाता हैं. इनमें पुरुष मतदाता 11 लाख 20 हजार और महिला मतदाता 10 लाख 20 हजार हैं. मतदाताओं में करीब 5 लाख मुस्लिम वोटर्स हैं,जबकि 12 लाख हिंदू वोटर्स हैं.

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