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मध्य प्रदेश में भी बना जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कानून, शिवराज सरकार ने जारी की अधिसूचना

उत्तर प्रदेश के बाद मध्य प्रदेश जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए कानून बनाने वाला दूसरा राज्य है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

उत्तर प्रदेश के बाद मध्य प्रदेश जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए कानून बनाने वाला दूसरा राज्य है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मध्‍य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने राजपत्र में धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक 2020 (Madhya Pradesh Freedom of Religion Ordinance, 2020) के लिए अधिसूचना जारी कर दिया है. सरकार के इस कदम से कथित लव जिहाद (Love Jihad) के खिलाफ राज्य में अब सख्त कानून लागू हो गया है

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 9, 2021, 7:01 PM IST
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भोपाल. मध्‍य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने राजपत्र में धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक 2020 (Madhya Pradesh Freedom of Religion Ordinance, 2020) के लिए अधिसूचना जारी कर दिया है. सरकार के इस कदम से कथित लव जिहाद (Love Jihad) के खिलाफ राज्य में अब सख्त कानून लागू हो गया है. दिसंबर 2020 में शिवराज सिंह कैबिनेट (Shivraj Singh Cabinet) ने मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक 2020 को मंजूरी दी थी. इस विधेयक में शादी या धोखाधड़ी से कराया गया धर्मांतरण (Conversion) अपराध माना जाएगा जिसके लिए अधिकतम 10 वर्ष की कैद और एक लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बाद यह कानून लागू करने वाला मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) देश का दूसरा राज्य है.

बता दें कि उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020 में भी जबरन धर्मांतरण कराने के अपराध में अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान किया गया है.

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि उनकी सरकार ने इस विधेयक को काफी कठोर बनाने की कोशिश की है. इस कानून का सख्ती से पालन होगा. इसका गलत इस्तेमाल ना हो, यह भी हमारी चिंता होगी. इस तरह के अपराध जो करते हैं, उनमें डर होगा और हम सख्ती से इसका पालन कराएंगे. इस नए कानून के तहत अधिकतम 10 साल की सजा और एक लाख जुर्माने का प्रावधान है. उन्होंने यह भी कहा था कि शादी के लिए सूचना दो महीने पहले देनी होगी और बगैर सूचना के विवाह को शून्य माना जाएगा.

मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक 2020 के कानून बनने से कोई भी किसी दूसरे को प्रलोभन, धमकी या जबरन शादी के नाम पर और अन्य धोखाधड़ी से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से उसका धर्म परिवर्तन नहीं करवा सकेगा. इस कानून का उल्लंघन करने पर एक से 10 साल तक की कैद और एक लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है. यही नहीं धर्म छिपाकर शादी के अपराध में तीन वर्ष से 10 वर्ष तक के कारावास और 50 हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान है.
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