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मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में 'मच्छर' पर सियासत, BJP ने कांग्रेस के मुद्दे को बताया 'हल्की बात'

इन दिनों मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है

इन दिनों मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है

पूर्व मंत्री और कांग्रेस के विधायक पीसी शर्मा (PC Sharma) ने सदन में चटकारे लेते हुए कहा कि सीधी में एक मच्छर की वजह से अधिकारी सस्पेंड हो जाते हैं. लेकिन मंत्री और विधायकों की शिकायत पर कार्रवाई नहीं होती. उन्होंने कहा कि वो उस मच्छर का नागरिक अभिनंदन करेंगे जिसकी वजह से अधिकारियों पर कार्रवाई हुई

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भोपाल. मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र (Budget Session) की कार्यवाही के दौरान एक मच्छर की गूंज रही. कांग्रेस (Congress) ने सदन के अंदर और बाहर कहा कि अगर उन्हें वो मच्छर मिल गया तो उसका अभिनंदन किया जाएगा. बीजेपी ने विपक्ष की इस बात को हल्का करार दिया है. दरअसल सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान प्रश्नकाल (Question Hour) खत्म होते ही कांग्रेस के विधायक कमलेश्वर पटेल की ओर से स्थगन प्रस्ताव लाकर सीधी बस हादसे (Sidhi Bus Accident) पर चर्चा की मांग उठाई गई. स्थगन प्रस्ताव ग्राह्य (मंजूर) होने के बाद जैसे ही चर्चा की शुरुआत हुई कमलेश्वर पटेल ने हादसे के लिए सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि अब तक दोषी अधिकारियों पर पूरी तरह कार्रवाई नहीं हुई है.

इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान ही पूर्व मंत्री और कांग्रेस के विधायक पीसी शर्मा भी अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए. पीसी शर्मा ने चटकारे लेते हुए कहा कि सीधी में एक मच्छर की वजह से अधिकारी सस्पेंड हो जाते हैं. लेकिन मंत्री और विधायकों की शिकायत पर कार्रवाई नहीं होती. उन्होंने कहा कि वो उस मच्छर का नागरिक अभिनंदन करेंगे जिसकी वजह से अधिकारियों पर कार्रवाई हुई. उन्होंने मीडिया से भी कहा कि अगर उनके कैमरों में वो मच्छर मिल जाए तो उसे हमारे पास जरूर लाएं.

पीसी शर्मा के उठाए मुद्दे को बीजेपी ने बताया हल्की बात
पीसी शर्मा की ओर से यह मुद्दा उठाए जाने के बाद बीजेपी ने पलटवार किया. मंत्री मोहन यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस सीधी बस हादसे जैसी गंभीर घटना को भी हल्के अंदाज में ले रही है. पीसी शर्मा की बातें यह साबित करती हैं कि हादसे पर स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा को लेकर विपक्ष कितना गंभीर है. उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस की ओर से स्थगन प्रस्ताव में कुछ सार्थक सुझाव दिए जाते तो सरकार उन्हें जरूर मानती. लेकिन राजनीति में इस तरह की हल्की बातें कांग्रेस को और विपक्ष को शोभा नहीं देती.
क्या है यह पूरा मामला?


दरअसल सीधी में हुए बस हादसे के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान घटनास्थल का दौरा करने गए थे. उस दौरान सीएम एक दिन सीधी में ही रुके थे. सर्किट हाउस में उनके रहने की व्यवस्था की गई थी. लेकिन रात के वक्त सर्किट हाउस में मच्छरों के काटने की वजह से वो ठीक से सो नहीं पाए और उन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त की. इस पर रीवा के कमिश्नर ने सर्किट हाउस के प्रभारी इंजीनियर बाबूलाल गुप्ता को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया था. जबकि पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर देवेंद्र कुमार सिंह की दो वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी गई थी.
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