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भोपाल: अव्वल आने के लिए भोपाल नगर निगम की रणनीति, बनाया ये खास प्लान

Anurag Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: October 28, 2019, 5:24 PM IST
भोपाल: अव्वल आने के लिए भोपाल नगर निगम की रणनीति, बनाया ये खास प्लान
सफाई की रैंकिंग में भोपाल की स्थिति सुधारेगा निगम का ये प्लान

स्वच्छता सर्वे में भोपाल (Bhopal) कभी नंबर 2 पर था लेकिन अगली ही रैंकिंग में 19वें नंबर पर आ गया. अब निगम ने 90 दिनों की एक ऐसी योजना (Plan) बनाई है जिससे भोपाल अपनी स्थिति बेहतर कर सकता है. इसके लिए नई मशीनें और सैकड़ों गाड़ियां भी खरीदी गई हैं.

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भोपाल. स्वच्छता सर्वे (Cleanliness Survey) में भोपाल (Bhopal) को टॉप पर लाने के लिए भोपाल नगर निगम (Bhopal Municipal Corporation) ने 'नब्बे डे प्लान' तैयार किया है. इसके तहत शहर को साफ बनाने के लिए नगर निगम ने करोड़ों खर्च कर सौ नई गाड़ियां खरीदने को मंजूरी दी है. जिसके तहत निगम को नवंबर में गाड़ियां मिल जाएंगी. बड़े कचरे को हटाने के लिए भी 50 गाड़ियां खरीदने को मंजूरी दी गई है. नगर निगम ने शहर को साफ बनाने के लिए हो रहे कामों की निगरानी के लिए 200 अफसरों की मैदानी ड्यूटी लगाई है, इसमें डिप्टी कमिश्नर स्तर के भी अधिकारी शामिल हैं. नगर निगम कमिश्नर विजय दत्ता ने कहा है कि भोपाल स्वच्छता सर्वे में अव्वल बने, इसके लिए नगर निगम मुस्तैदी से जुटा है.

स्वच्छता रैंकिंग में फिसला भोपाल
दरअसल बीते साल जारी हुई स्वच्छता सर्वे की रैंकिंग में भोपाल शहर स्वच्छ शहरों की सूची में 3794 अंकों के साथ 19वें नबंर पर पहुंच गया था, जबकि इससे पहले की सर्वे रिपोर्ट में भोपाल शहर दूसरे नंबर पर था. सत्रह पायदान खिसककर 19वें नंबर पहुंचे भोपाल शहर को दोबारा टॉप पर लाने के लिए इस बार भोपाल नगर निगम ने कवायद तेज कर दी है और यही कारण है कि 24 घंटे साफ सफाई पर नजर रखी जा रही है. डोर टू डोर कचरा उठाने के साथ ही कचरे के बड़े ढेर को हटाने के लिए अब नगर निगम करोड़ों खर्च कर बड़ी मशीनें और गाड़ियां ले रहा है ताकि किसी भी जगह के कचरे के बड़े ढेर को मिनटों में साफ कर दिया जाए, इन गाड़ियों का इस्तेमाल उन तमाम जगहों पर किया जाएगा, जहां सबसे ज्यादा कचरा फैलता है.

गंदगी के खिलाफ जंग

2018 के स्वच्छता सर्वे रिपोर्ट में इंदौर शहर लगातार तीसरी बार देश में नंबर एक शहर बना था. भोपाल को देश की सबसे स्वच्छ राजधानी की श्रेणी में पहला पुरस्कार मिला था. प्रदेश के ही उज्जैन को 3 से 10 लाख की आबादी वाले शहर की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार मिला था. अब भोपाल नगर निगम की कोशिश है कि नब्बे दिन तक शहर के गली मोहल्लों में टीमों को तैनात कर गंदगी करने वालों के खिलाफ एक्शन लिया जाये और स्वच्छता सर्वे के लिए शहर को साफ बनाया जाए. इसके तहत सरकार ने हाल ही में राजधानी के तालाबों के आसपास फैली गंदगी को भी हटाने का काम किया है.

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First published: October 28, 2019, 5:24 PM IST
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