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टीम मोदी में मध्य प्रदेश का बढ़ा दबदबा, जानिए कितनी हुई कुल केंद्रीय मंत्रियों की संख्या?

मार्च 2020 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया को नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है (फोटो: ANI)

मार्च 2020 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया को नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है (फोटो: ANI)

Narendra Modi Government Cabinet Expansion: थावरचंद गहलोत को कर्नाटक का राज्यपाल बनाए जाने के बाद प्रदेश से केंद्रीय मंत्रियों की संख्या एक कम हुई थी. वहीं, बुधवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) और वीरेंद्र खटीक (Virendra Khatik) को मंत्री पद की शपथ दिलाने के साथ ही यह संख्या अब पहले की तुलना में एक ज्यादा हो गई है

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भोपाल. नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार (Narendra Modi Government Cabinet Expansion) के बाद केंद्रीय कैबिनेट में मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) का दबदबा और बढ़ गया है. थावरचंद गहलोत को कर्नाटक का राज्यपाल बनाए जाने के बाद प्रदेश से केंद्रीय मंत्रियों की संख्या एक कम हुई थी. वहीं, बुधवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) और वीरेंद्र खटीक (Virendra Khatik) को मंत्री पद की शपथ दिलाने के साथ ही यह संख्या अब पहले की तुलना में एक ज्यादा हो गई है.

मंत्रिमंडल विस्तार से पहले मध्य प्रदेश से केंद्र में नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद पटेल, फग्गन सिंह कुलस्ते मंत्री थे. ज्योतिरादित्य सिंधिया और वीरेंद्र खटीक के मंत्री बनाए जाने के बाद यह संख्या बढ़कर पांच हो गई है. हालांकि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मध्य प्रदेश से ही राज्यसभा के सांसद हैं लेकिन वो यहां के रहने वाले नहीं हैं. अगर धर्मेंद्र प्रधान को भी जोड़ दिया जाए तो मध्य प्रदेश से केंद्रीय कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या छह हो जाती है.

केंद्र सरकार में बुंदेलखंड-ग्वालियर चंबल का दबदबा
केंद्रीय कैबिनेट में मध्य प्रदेश का दबदबा बढ़ा है. अगर क्षेत्रवार देखें तो ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड से दो-दो केंद्रीय मंत्री हो गए हैं. नरेंद्र सिंह तोमर और ज्योतिरादित्य सिंधिया जहां ग्वालियर-चंबल का प्रतिनिधित्व करते हैं. वहीं, प्रह्लाद पटेल और वीरेंद्र खटीक बुंदेलखंड इलाके से आते हैं. इस लिहाज से देखें तो ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड का राजनीतिक रसूख दिल्ली में बढ़ गया है.

खटीक को कुर्सी मिलने के सियासी मायने
बुंदेलखंड की टीकमगढ़ लोकसभा सीट से सांसद वीरेंद्र कुमार खटीक को केंद्रीय कैबिनेट में शामिल किए जाने के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं. माना जा रहा है कि वीरेंद्र खटीक को मंत्री बनाकर मोदी सरकार ने एक तीर से दो निशाने किए हैं. टीकमगढ़ का इलाका उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा हुआ है और वीरेंद्र खटीक दलित वर्ग से आते हैं. इस लिहाज से उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के नजरिए से वीरेंद्र खटीक का मंत्री बनाया जाना जातिगत समीकरण को साधने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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