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मिलावटखोरों के खिलाफ सरकार का नया कदम, अब हेल्प डेस्क करेगी आपकी मदद

BHOPAL. मंत्री प्रभुराम चौधरी ने पोर्टल लॉन्च किया.

BHOPAL. मंत्री प्रभुराम चौधरी ने पोर्टल लॉन्च किया.

Bhopal. राज्य प्रयोगशाला की हर महीने 500 सेंपल जांचने की क्षमता थी. इसे बढ़ाकर 1700 सेंपल कर दिया गया है. औषधि प्रयोगशाला की जांच क्षमता को भी 200 सेंपल से बढ़ाकर 450 सेंपल प्रतिमाह किया गया है.

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भोपाल. मिलावट (adulteration) के खिलाफ सरकार कुछ और सख्त कदम उठा रही है. खाद्य विभाग ने हेल्प डेस्क (Help Desk) और पोर्टल शुरू किया है. इसमें मिलावटखोरों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई और अफसरों के बारे में सारी जानकारी उपलब्ध होगी. इसे कोई भी व्यक्ति पोर्टल पर जाकर आसानी से देख सकता है.

मिलावट के खिलाफ अभियान चलाने और कानून के बावजूद एमपी में मिलावट खोर बाज नहीं आ रहे हैं. खुद खाद्य एवं औषधि विभाग के आंकड़े इसकी तस्दीक करते हैं. आंकड़ों के मुताबिक खाद्य पदार्थों में मिलावट के विरुद्ध चलाये गये शुद्ध के लिए युद्ध अभियान में अब तक 11 हजार 638 नमूनों की जाँच की गई है. मिलावट पाये जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 288 मिलावटखोरों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किये गये. इनमें 32 के खिलाफ (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) एनएसए की कार्रवाई की गई है. मिलावटखोरों से 2 करोड़ 3 लाख 97 हजार का जुर्माना भी वसूल किया गया है. मिलावट खोरों के खिलाफ अब सरकार ने और सख्ती करने का फैसला किया है.

ऑनलाइन सिस्टम
लोगों को मिलावट से बचाने के लिए मिलावट से मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है. खाद्य और औषधि प्रशासन विभाग ने एमआईएस सिस्टम और हेल्प डेस्क शुरू की है. लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने इसकी शुरुआत की. इस हेल्प डेस्क के जरिये विभाग की सारी गतिविधियों, योजनाओं की जानकारी ऑनलाइन मिल जाएगी. इसमें हर जिले के बारे में और किस अधिकारी ने क्या कार्रवाई की इस सबकी जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध होगी. आम आदमी भी इसके बारे में जानकारी ले सकता है. कौन अधिकारी कितने सेम्पल कलेक्ट कर रहा है, किस जिले से कितने सेंपल कलेक्ट हुए इसकी जानकारी इसमें होगी. इस पोर्टल पर आम आदमी शिकायत भी कर सकेगा और उसकी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी.

कहां कितने लैब और सैम्पल जांच
राज्य प्रयोगशाला की हर महीने 500 सेंपल जांचने की क्षमता थी. इसे हर महीने बढ़ाकर 1700 सेंपल कर दिया गया है. औषधि प्रयोगशाला की जांच क्षमता को भी 200 सेंपल से बढ़ाकर 450 सेंपल प्रतिमाह किया गया है. सेंपल के एनालिसिस के लिये इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में 3 नई प्रयोगशालाएं बनायी जा रही हैं. इन प्रयोगशालाओं को इस साल के अंत तक शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया है. आम नागरिकों को खाद्य पदार्थों में की जाने वाली मिलावट के संबंध में जागरूक और प्रशिक्षित करने के लिये विभाग 9 मोबाइल लैब चला रहा है.

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