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BHOPAL NEWS : शराब पर मचे घमासान के बीच आबकारी आयुक्त के आदेश ने बढ़ायी हलचल

MP News: शराब की दुकानों को लेकर एमपी में छिड़ी है राजनीतिक लड़ाई.. (सांकेतिक तस्वीर)
MP News: शराब की दुकानों को लेकर एमपी में छिड़ी है राजनीतिक लड़ाई.. (सांकेतिक तस्वीर)

BHOPAL NEWS :मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj) के नई दुकान नहीं खोले जाने का बयान देने के बावजूद आबकारी आयुक्त ने आदेश दिया था कि कलेक्टर जिले में 20 प्रतिशत नई शराब दुकानें (Liquor shop) खोलने का प्रस्ताव बनाकर भेजें

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भोपाल.शराब (Liquor) पर मचे सियासी घमासान के बीच आबकारी आयुक्त राजीव चन्द्र दुबे के एक आदेश (Order) ने नयी हलचल मचा दी. हालांकि आदेश जारी होने की देर थी कि उसे तुरत-फुरत वापिस भी ले लिया गया. मामला ये था कि आबकारी आयुक्त ने प्रदेश के सभी ज़िलों के कलेक्टर्स को पत्र भेजा था. इसमें उनसे उनके ज़िलों में नयी शराब दुकानें खोलने का प्रस्ताव मांगा गया था.लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नाराजगी के बाद आबकारी आयुक्त राजीव चन्द्र दुबे नेआदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया.

क्या मध्य प्रदेश में नयी दुकानें खोलने की तैयारी की जा रही है.र ली गयी है.ऐसा इसलिए लगा क्योंकि आबकारी आयुक्त ने प्रदेश के सभी ज़िलों के कलेक्टर को पत्र लिख दिया. इसमें उनसे शराब की नयी दुकानें खोलने के लिए प्रस्ताव मांगे गए.मुरैना में ज़हरीली शराब कांड के बाद शराब को लेकर घमासान मचा हुआ है. प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने नयी दुकानें खोलने की राय रखी थी. लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शराब बंदी की मांग उठा दी है.

CM कर चुके हैं इंकार
मध्यप्रदेश में शराब दुकानों की संख्या बढ़ाए जाने को लेकर चल रही सियासी बयानबाजी के बीच आबकारी आयुक्त एक कदम आगे बढ़ गए थे. उन्होंने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को पत्र भेजकर शहरी क्षेत्र में कम से कम 20% नई दुकान खोलने के प्रस्ताव मांगे थे. कलेक्टरों को यह पत्र ऐसे समय भेजा गया जब सीएम शिवराज सिंह चौहान खुद ये कह चुके हैं कि प्रदेश में शराब की नयी दुकानें नहीं खोली जाएंगी.
ख़त का मजमून


आबकारी आयुक्त ने पत्र में लिखा था कि शहरी क्षेत्र में कम से कम 20% नई दुकानें खोलने का प्रस्ताव दें.ग्रामीण क्षेत्रों में जहां शराब की दुकानें नहीं हैं वहां के लिए प्रस्ताव अनिवार्य रूप से भेजे जाएं. हर गांव में शराब की दुकान खोलने की तैयारी है.

नरोत्तम मिश्रा ने दी सफाई
हालांकि आबकारी आयुक्त के इस पत्र पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सफाई दी थी कि कहा कि मैंने अपनी राय रखी थी. उमा दीदी ने अपनी राय रखी. निर्णय मुख्यमंत्री को लेना है. जहां तक पत्र का सवाल है यह प्रशासनिक प्रक्रिया है. यह हर साल चलती है. उसी कड़ी में इस साल भी प्रारंभ हुई है, क्योंकि अगले महीने से ठेकों की नीलामी होनी है, इसलिए यह उस प्रक्रिया का हिस्सा है.

कांग्रेस ने किया उमा का समर्थन
आबकारी आयुक्त के पत्र पर कांग्रेस ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी. पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि यह सरकार की दोहरी नीति है. यह गांव गांव राशन तो नहीं बल्कि शराब पहुंचाने में व्यस्त है. बीजेपी से जुड़े लोग जो जहरीली शराब का धंधा चला रहे हैं उन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है. मैं उमा भारती के बयान का समर्थन करता हूं. शराब बंदी से महिला विरोधी अपराध रुकेंगे.
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