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मिलावट पर कसावट अभियान : एक महीने में कितना और क्या मिलावटी पकड़ा गया, देखें पूरा डीटेल 

एक महीने के दौरान 16 सौ सैम्पल लिए जिनमें से 800 के नतीजे सामने आ चुके हैं
एक महीने के दौरान 16 सौ सैम्पल लिए जिनमें से 800 के नतीजे सामने आ चुके हैं

प्रदेश में इस एक महीने में मिलावट खोरों (adulteration ) के खिलाफ अब तक 37 बड़ी कार्रवाई की गयी हैं. इनमें 12 कार्रवाई ऐसी हैं जिनमें आईपीएस (IPC) की धाराओं के तहत की गई है. इस दौरान मिलावट खोरों से करीब 1 करोड़ 25 लाख का सामान जब्त किया गया

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भोपाल.मध्यप्रदेश (MP) में मिलावट के खिलाफ चलाए गए कसावट अभियान को एक महीना पूरा हो गया है. मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने एक महीने की रिपोर्ट (Report) जनता के सामने पेश की. एक महीने के दौरान शिवराज सरकार की मिलावटखोरों के खिलाफ की गयी कार्रवाई का ब्यौरा पेश किया.

नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा पूर्व की कांग्रेस सरकार ने सिर्फ सैंपल इकट्ठा करने का काम किया.टेबल के ऊपर से सैंपल लिए गए और टेबल के नीचे से उनका सेटलमेंट कर दिया गया. नरोत्तम मिश्रा के मुताबिक एक महीने के दौरान 16 सौ सैम्पल लिए जिनमें से 800 के नतीजे सामने आ चुके हैं.प्रदेश के सभी 9 संभाग में सैम्पल लेने के लिए मोबाइल वैन लगाई गई हैं. मोबाइल वैन तुरन्त सैम्पल लेकर नतीजे बताती है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में छोटा कारोबारी परेशान नहीं किया जाएगा और मिलावट खोर छोड़ा नहीं जाएगा.

अब तक क्या हुई कार्रवाई ?
प्रदेश में इस एक महीने में मिलावट खोरों के खिलाफ अब तक 37 बड़ी कार्रवाई की गयी हैं. इनमें 12 कार्रवाई ऐसी हैं जिनमें आईपीएस की धाराओं के तहत की गई है. इस दौरान मिलावट खोरों से करीब 1 करोड़ 25 लाख का सामान जब्त किया गया. इसमें मिलावटी दूध, पनीर, धनिया, मिर्च पावडर, पेड़ा, चीज शामिल है.



ये है सैम्पल डिटेल
प्रदेश में एक महीने के दौरान जो 37 बड़ी कार्र्वाई मिलावटखोरों के खिलाफ की गई उनमें 127 नमूने जांच के लिए लिए गए थे. जिनमें से 97 नमूने राज्य खाद्य प्रयोगशाला को मिल चुके हैं.51 नमूनों की जांच की जा चुकी है. 51 नमूनों में से 6 मानक स्तर के पाए गए हैं जबकि 28 अमानक स्तर के पाए गए हैं. 9 गलत प्रिंट के तीन असुरक्षित घोषित किए गए हैं. मिलावट के खिलाफ मुक्ति अभियान के तहत 9 नवंबर से आज तक 66 प्रकरण एडीएम कोर्ट में दर्ज किए गए हैं. चार असुरक्षित खाद्य पदार्थों के प्रकरण सीजेएम कोर्ट में दर्ज किए गए हैं.
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