अपना शहर चुनें

States

पद्म पुरस्कारों की घोषणा: सुमित्रा महाजन को पद्म भूषण, भूरी बाई और कपिल तिवारी को पद्मश्री

सुमित्रा महाजन1989 से 2019 तक लगातार इंदौर की सांसद रहीं.
सुमित्रा महाजन1989 से 2019 तक लगातार इंदौर की सांसद रहीं.

Bhopal : सुमित्रा महाजन देश की एक मात्र महिला सांसद (MP) हैं जो कभी लोकसभा चुनाव नहीं हारीं और लगातार 8 बार एक ही सीट और एक ही पार्टी से जीतकर संसद पहुंचीं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 26, 2021, 1:08 AM IST
  • Share this:
केंद्र सरकार ने भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों की घोषणा कर दी है. जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को पद्म विभूषण और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन सहित 10 लोगों को पद्म भूषण पुरस्कार दिया जाएगा.सुमित्रा महाजन इंदौर से 8 बार सांसद रही हैं. उनके अलावा मध्य प्रदेश की आदिवासी कलाकार भूरी बाई को कला और कपिल तिवारी को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में कार्य के लिए पद्मश्री अवार्ड के लिए चुना गया है.

केंद्र सरकार ने पदम अवॉर्ड के लिए जिन लोगों को चुना उनमें पद्म भूषण के लिए एक प्रमुख नाम लोकसभा की पूर्व स्पीकर और इंदौर की पूर्व सांसद बीजेपी नेता सुमित्रा महाजन का है. इंदौर के लोगों में ताई नाम से लोकप्रिय सुमित्रा महाजन अपने विकास कार्यों और मिलनसार सौम्य व्यक्तित्व के लिए पहचानी जाती हैं. वो रिकॉर्ड 8 बार इंदौर से सांसद चुनी गयीं. ताई लगातार 20 साल 1989 से लेकर 2019 तक संसद में इंदौर का प्रतिनिधित्व करती रहीं. वो लगातार 8 बार एक ही लोकसभा सीट से चुनाव जीतने वाली देश की एकमात्र महिला सांसद रहीं.

इंदौर की जनता को धन्यवाद
ताई ने अपना ये पद्म अवॉर्ड इंदौर की जनता को समर्पित किया. उन्होंने कहा-मैं हमेशा से कहती आयी हूं कि मैं इंदौर की जनता की आभारी हूं, जिसने मुझे सिर आंखों पर बैठाया. मैंने हमेशा निष्ठा से काम किया. ये पद्म अवॉर्ड उसका प्रमाण है.
इंदौर बना पहचान


ताई मूलत: महाराष्ट्र की रहने वाली थीं. उनका जन्म 12 अप्रैल 1943 को महाराष्ट्र के चिपलून में हुआ था. इंदौर उनका ससुराल था.उनकी शादी जयंत महाजन से हुई. वो बहू बनकर इंदौर आयीं और फिर इंदौर ही उनका मान-सम्मान और पहचान बन गया. इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन और फिर एलएलबी किया. सुमित्रा महाजन ने 1989 में लोकसभा चुनाव पहली बार लड़ा और इस पहली ही बार में कांग्रेस के हैवी वेट नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश चंद सेठी को हराया. उसके बाद ताई ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. वो देश की एक मात्र महिला सांसद हैं जो कभी लोकसभा चुनाव नहीं हारीं और लगातार 8 बार एक ही सीट और एक ही पार्टी से जीतकर संसद पहुंचीं. हालांकि लोकसभा पहुंचने से पहले वो विधानसभा चुनाव हार चुकी थीं.

भूरी बाई और कपिल तिवारी को पद्मश्री
पद्म पुरस्कार 2021 के लिए मध्य प्रदेश से दो और लोग चुने गए हैं. आदिवासी रूपंकर कला के लिए भूरी बाई और साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में कार्य के लिए कपिल तिवारी को पद्मश्री अवार्ड के लिए चुना गया है. कपिल तिवारी मध्य प्रदेश आदिवासी लोक कला अकादमी के पूर्व निदेशक हैं. वो वर्तमान में भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के सदस्य और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सलाहकार सदस्य हैं.

भूरी बाई भील आदिवासी लोक कलाकार हैं जो अपनी चित्रकारी के लिए प्रसिद्ध हैं. वो गांव में भील संस्कृति से जुड़े चित्र मिट्टी से बनाती थीं. लेकिन भोपाल के प्रसिद्ध आर्ट सेंटर भारत भवन आकर उन्हें रंग और ब्रश से चित्र बनाने का अवसर मिला. उन्हें देश-विदेश में ख्याति मिली और फिर मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें अपने सर्वोच्च शिखर सम्मान से सम्मानित किया.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज