भोपाल में बदमाशों की शामत, पोर्टल पकड़ रहा है अपराधी, ऑन द स्पॉट फैसला
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भोपाल में बदमाशों की शामत, पोर्टल पकड़ रहा है अपराधी, ऑन द स्पॉट फैसला
भोपाल पुलिस पोर्टल के ज़रिए अपराधियों को कर रही है गिरफ्तार

पुलिस (police) ने इस सिस्टम व्हीकल डिटेक्शन पोर्टल नाम दिया है. इसका इस्तेमाल शहर में वाहन चैकिंग (Vehicle checking) के दौरान किया जा रहा है.

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भोपाल.भोपाल (bhopal) में बदमाशों की शामत आ गयी है. वो वाहन चोर हों या हवाला कारोबारी पुलिस (police) मिनटों में उन्हें दबोच रही है. दरअसल उसने एक ऐसा पोर्टल (Portal) लॉन्च किया है जिसमें पल भर में बदमाश पकड़ में आ रहे हैं. क्या है ये पोर्टल और कैसे काम कर रहा है जानिए इस रिपोर्ट में

राजधानी भोपाल पुलिस ने एक ऐसा हाईटेक सिस्टम तैयार किया है जिससे अब गुंडे बदमाश बच नहीं सकेंगे. इस सिस्टम से पुलिस को अब रोज ही कोई न कोई बड़ी सफलता मिल रही है. हवाले के पैसे का मामला हो, वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ हो, निगरानीशुदा बदमाश की गिरफ्तारी हो या फिर लुटेरों का मामला हो. पुलिस ने ऐसे कई बड़े मामले और मामलों से जुड़े गैंग का पर्दाफाश किया है.

ये है पुलिस का हाईटेक सिस्टम...
पुलिस ने इस सिस्टम व्हीकल डिटेक्शन पोर्टल नाम दिया है. इसका इस्तेमाल शहर में वाहन चेकिंग के दौरान किया जा रहा है. ट्रैफिक डीएसपी एन के रजक ने बताया कि व्हीकल डिटेक्शन पोर्टल में देश भर की दो पहिया से लेकर चार पहिया गाड़ियों की पूरी डिटेल रहती है. इसमें गाड़ी के मालिक का नाम, गाड़ी का चेचिस नंबर, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर, उसका रंग समेत कई जानकारी शामिल होती हैं. पुलिस अधिकारियों ने इस सिस्टम को इस तरीके से डिजाइन किया है कि ये आसानी से पुलिस कर्मचारियों के मोबाइल में अपलोड हो जाता है. इसके लिए कोई दूसरी डिवाइस की जरूरत नहीं पड़ती है. मोबाइल पर यह पोर्टल आसानी से खुल जाता है और इसमें गाड़ी नंबर डालते ही पूरा डिटेल सामने आ जाता है. यह कम स्पीड के डाटा में भी अच्छे से चलता है.
ऐसे काम करता है सिस्टम...


-ट्रैफिक सूबेदार विशाल मालवीय ने बताया कि पुलिस कर्मचारियों के मोबाइल में व्हीकल डिटेक्शन पोर्टल इसके लिंक पर क्लिक करने से ओपन हो जाता है. वाहन चेकिंग के दौरान जब किसी गाड़ी को रोका जाता है और उसमें दर्ज नंबर को पोर्टल के जरिए सर्च किया जाता है तो उस गाड़ी का सारा डीटेल आ जाता है. पुलिस कर्मचारी इस डिटेल से गाड़ी में दर्ज नंबर और वाहन चालक के पास मौजूद रजिस्ट्रेशन कार्ड से तमाम जानकारियों का मिलान करता है. यदि गाड़ी पर दर्ज डिटेल और रजिस्ट्रेशन कार्ड में दी गई जानकारी मैच नहीं होती है तो फिर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है. स्थानीय थाने की मदद से केस दर्ज किए जाते हैं और थाना पुलिस फिर मामले की बारीकी से जांच करती है. ऐसा करने से गुंडे बदमाश पुलिस से नहीं बच सकते हैं. साथ ही शहर में घूम रहे अपराधी भी खौफ खा रहे हैं. इस पोर्टल के जरिए बदमाशों के कई गैंग का पर्दाफाश हो चुका है और लगातार इससे पुलिस को मदद मिल रही है.

ये मिली सफलता...
-हनुमानगंज थाना पुलिस ने इस पोर्टल के जरिए एक बाइक सवार की जानकारी का मिलान किया. गाड़ी चोरी की पाई गई और गाड़ी की तलाश करने पर हवाला की 17 लाख से ज्यादा की राशि बरामद हुई.

- टीटी नगर थाना पुलिस ने इस पोर्टल के जरिए एक बहन चोर गैंग का पर्दाफाश किया.

-बैरसिया थाना पुलिस ने पोर्टल के जरिए इलाके में सक्रिय वाहन चोर को गिरफ्तार किया.

- गौतम नगर थाना पुलिस ने पोर्टल की मदद से इलाके के कई निगरानीशुदा बदमाशों को दबोचा.
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