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Bhopal News: CM शिवराज ने चंद मिनटों में बदल दिया भोपाल की एक सड़क का नाम

MP News : भोपाल की वोलेवार्ड स्ट्रीट का नाम अटल 
पथ कर दिया है.
MP News : भोपाल की वोलेवार्ड स्ट्रीट का नाम अटल पथ कर दिया है.

भोपाल में ईदगाह हिल्स का नाम बदलने की मांग सबसे पहले विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने की थी. इस मुहिम में बाद में उमा भारती (Uma Bharti) और प्रज्ञा ठाकुर (Pragya thakur) भी जुड़ीं. इन्होंने हलाली डैम, हलालपुरा बस स्टैंड और लाल घाटी का नाम बदलने की मांग की.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (MP) और खासतौर से भोपाल में इन दिनों जगहों का नाम बदलने की राजनीति चल रही है. बाकी नेता तो मांग ही करते रह गए. सीएम शिवराज सिंह (CM Shivraj Singh Chouhan) ने उससे दो कदम आगे बढ़कर एक सड़क का नाम मिनटों में बदल दिया. सीएम शिवराज सिंह आज भोपाल में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत हुए कामों का लोकार्पण कर रहे थे. उन्होंने दर्जन भर  प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया.

इसी में से एक है नये शहर के व्यस्ततम इलाके टीटी नगर में बनायी गयी एक स्मार्ट सड़क. ये सड़क 40 करोड़ में बनकर तैयार हुई है. पिछले तीन साल से इस सड़क को भोपाल के लोग वोलेवार्ड स्ट्रीट के नाम से जानते थे. ये जवाहर चौक से लेकर माता मंदिर के प्लेटिनम प्लाजा तक बनायी गयी है. लेकिन सीएम शिवराज सिंह ने इसका उद्घाटन करते ही इसका नया नामकरण कर दिया. उन्होंने कहा ये सड़क अब अटल पथ के नाम से जानी जाएगी.

नाम बदलने की मुहिम
भोपाल में नाम बदलने की मांग की शुरुआत विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने की थी. उन्होंने गुरुनानक देव के प्रकाश पर्व पर कहा था कि भोपाल के ईदगाह हिल्स इलाके का नाम बदलकर गुरु नानक देव की टेकरी कर दिया जाना चाहिए. उनकी इस मांग का समर्थन सिख समाज ने किया था और एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला भी था. लेकिन मुस्लिम संगठनों ने इस पर आपत्ति उठाई थी. मुस्लिम समाज के लोगों का कहना था कि बीजेपी के नेता जान-बूझकर एक धर्म विशेष को टारगेट कर रहे हैं.




मुहिम में उमा भारती जुड़ीं
नाम बदलने की इस कड़ी में अगला नाम उमा भारती का जुड़ा. उन्होंने भोपाल के नज़दीक स्थित हलाली डैम का नाम बदलने की मांग करते हुए बैरसिया के बीजेपी विधायक विष्णु खत्री को एक चिट्ठी लिखी थी. इसमें उन्होंने ज़िक्र किया था कि आपके विधानसभा क्षेत्र में एक चर्चित स्थल हलाली डैम है. ये डैम और उसके पास से बहने वाली नदी विश्वासघात की कहानी को याद दिलाती है. दोस्त मोहम्मद खान ने भोपाल के आसपास के इलाकों के अपने मित्र राजाओं को बुलाकर उन्हें धोखा देकर उनका सामूहिक कत्ल करवाया था. उनके कत्ल से नदी लाल हो गयी थी. हलाली शब्द उसी प्रसंग की याद दिलाता है.

प्रज्ञा ठाकुर दो कदम और आगे
रामेश्वर पटेल, उमा भारती के बाद प्रज्ञा ठाकुर इस मुहिम में शामिल हुईं. भोपाल से बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने शहर के कुछ और पिकनिक स्पॉट्स के नाम बदलने की मांग उठायी थी. उन्होंने कहा था-लाल घाटी, हलाली डैम, हलालपुरा बस स्टैंड का नाम खून-खराबे और अत्याचार का प्रतीक है. यह बहुत अपवित्र है. इनका नाम लेने से भी अपवित्रता होती है. इस तरह के नामों को हम भोपाल से हटाएंगे.
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