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Bhopal: प्यारे मियां मामले में 3 और लड़कियों की हालत बिगड़ी, मां ने कहा-मुझे डर लग रहा है

प्यारे मियां केस में तीन और लड़कियों की हालत खराब हो गई है. (फाइल फोटो)
प्यारे मियां केस में तीन और लड़कियों की हालत खराब हो गई है. (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री ने नाबालिग की मौत के मामले में SIT के गठन का आदेश दिया था. जांच के लिए SIT रिववार को जब बालिका गृह पहुंची तो टीम को देखकर लड़कियों को चक्कर आने लगे, उल्टी होने लगी. एक लड़की के पेट में अचानक दर्द शुरू हो गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 25, 2021, 7:58 AM IST
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भोपाल. प्यारे मियां यौन शोषण मामले में एक नाबालिग की मौत के बाद रविवार को तीन और लड़कियों की हालत खराब हो गई. देर रात उनमें से 2 को जेपी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड और एक को हमीदिया में भर्ती किया गया है. अगर इनकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें AIIMS भी भेजा जा सकता है. दूसरी ओर एक महिला ने ये भी आरोप लगाया है कि ये कैसा कानून है कि उसे बेटी से मिलने नहीं दिया जा रहा.

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने नाबालिग की मौत के मामले में SIT के गठन का आदेश दिया था. जांच के लिए SIT रिववार को जब बालिका गृह पहुंची तो टीम को देखकर लड़कियों को चक्कर आने लगे, उल्टी होने लगी. एक लड़की के पेट में अचानक दर्द शुरू हो गया. हालत बिगड़ती देख दो लड़कियों को जेपी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया. दोनों की सेहत फिलहाल स्थिर है. दोनों बच्चियों को फीमेल वार्ड में शिफ्ट करने की तैयारी है. वहीं एक अन्य नाबालिग को हमीदिया अस्पताल में भर्ती किया गया.

कल भी बिगड़ी एक बच्ची की हालत



जानकारी के मुताबिक चार नाबालिग लड़कियों में से शनिवार को एक नाबालिग की तबियत खराब हुई थी. उसे जेपी अस्पताल में एडमिट कराया था. उसकी जांच होने के बाद उसे जेपी अस्पताल से बालिका गृह भेज दिया गया था. बताया जाता है कि अगर हालत में सुधार नहीं हुआ तो तीनों को इलाज के लिए AIIMS भेजा जाएगा. इस संबंध में जिला प्रशासन ने इनके लिए काउंसलर नियुक्त करने के आदेश दिए हैं.
मां ने कहा- ये कैसा कानून

बेटी की हालत खराब होने की जानकारी मिलते ही परिजन देर रात हमीदिया अस्पताल पहुंच गए. यहां मां ने आरोप लगाया कि उन्हें बेटी से मिलने नहीं दिया जा रहा. उन्होंने आरोप लगाया- 'यह कैसी जगह मेरी बेटी को रखा है. जहां उसकी तबियत खराब हो रही है. ये कैसा कानून है कि बेटी की तबियत खराब होने पर उसके परिवार को नहीं बताया जा रहा. चुपके से एडमिट करा देते हैं. मुझे बहुत डर लग रहा है. मेरी बेटी को क्या हुआ है, कोई नहीं बता रहा.

नींद की गोलियां खान से हो गई थी बच्ची की मौत

प्यारे मियां यौन शोषण मामले में एक बच्ची की हाल ही में संदिग्ध मौत हो गई थी. पुलिस के मुताबिक, उसने कुछ दिनों पहले नींद की गोलियां खा ली थीं. इसके बाद उसे संदिग्ध परिस्थितियों में हमीदिया अस्पताल में भर्ती किया गया और वेंटिलेटर पर रखा गया.  मामले को लेकर कलेक्टर अविनाश लवानिया ने न्यायायिक जांच के आदेश दे दिए थे. पूरे मामले में कमला नगर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी. जांच के बाद बालिका गृह संरक्षण की अधीक्षिका एंटोनिया कुजूर इक्का को हटा दिया गया और नई अधीक्षिका योगिता मुकाती को नियुक्त किया गया है.

पुलिस की निगरानी में हुआ था अंतिम संस्कार

नाबालिग की मौत के बाद पुलिस की निगरानी में उसका भदभदा विश्राम घाट पर अंतिम संस्कार किया गया. इस केस में गौर करने वाली ये है कि नाबालिग इस केस की न तो आरोपी थी और न ही अपराधी. वह केवल फरियादी थी. पुलिस नाबालिग के शव को हमीदिया अस्पताल से सीधे श्मशान ले गई, जबकि मर्चुरी में पीड़िता के चाचा और पिता ने शव घर ले जाने की जिद की. लेकिन, पुलिस नहीं मानी.
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